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मोटर वाहन एग्रीगेटर दिशानिर्देश लागू: चंडीगढ़ में अब हर यात्रा पर ड्राइवर को देना होगा 80 फीसदी किराया

Fri, 18 Nov 2022 03:14 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 18 Nov 2022 03:14 PM IST
सार

यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर पाने की स्थिति में कैब सेवा प्रदाता कंपनी का परिचालन लाइसेंस निलंबित हो सकता है। अगर यात्री से लगातार अधिक किराया वसूला जाता है और कंपनी चालक के प्रति अपनी जवाबदेही पूरी करने में विफल रहती है तो उस स्थिति में भी लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।

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Chandigarh Administration implemented Motor Vehicle Aggregator Guidelines-2020 of Central Government
चंडीगढ़ प्रशासन - फोटो : DEMO Pics

विस्तार

चंडीगढ़ प्रशासन ने केंद्र सरकार के मोटर वाहन एग्रीगेटर दिशानिर्देश-2020 को चंडीगढ़ में लागू कर दिया है। इसके अनुसार, हर ड्राइव पर ड्राइवर को 80 फीसदी किराया मिलेगा और कंपनियों के खाते में सिर्फ 20 फीसदी रकम जाएगी। एग्रीगेटर कंपनी को बेस फेयर से 50 फीसदी कम किराया लेने की अनुमति होगी। यात्रा रद्द करने पर अधिकतम चार्ज किराए का 10 फीसदी होगा पर यात्री और ड्राइवर दोनों के लिए 100 रुपये से अधिक नहीं लगेगा।

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चंडीगढ़ में इस दिशानिर्देश के लागू होने के बाद ओला-उबर जैसी कंपनियों (कैब एग्रीगेटर) पर प्रशासन की सख्ती बढ़ जाएगी। प्रशासन ने इन कंपनियों द्वारा ग्राहकों से लिए जाने वाले किराए की संरचना तय करने के दिशानिर्देश सख्त बना दिए हैं। प्रशासन की भी जिम्मेदारी होगी कि वह केंद्र सरकार के इन दिशानिर्देशों का कैब कंपनियों से सख्ती से पालन कराए। 
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दिशानिर्देशों का पालन नहीं किए जाने की स्थिति में जुर्माने का प्रावधान है। वीरवार को चंडीगढ़ के परिवहन सचिव नितिन यादव ने मोटर वाहन एग्रीगेटर दिशानिर्देश 2020 की अधिसूचना जारी कर दी। दिशानिर्देश एग्रीगेटर की योग्यता और वाहनों और ड्राइवरों के संबंध में नियमों का पालन सुनिश्चित करेंगे। किराया सही रखने के अलावा, ड्राइवरों का हित, नागरिकों के लिए उचित सेवा और सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। कहा गया है कि ड्राइवरों के वेलफेयर के लिए उनका बीमा करवाना होगा जो एक ड्राइवर का 10 लाख रुपये से कम नहीं होगा। इसमें 5 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि भी होगी। इसके अलावा कैब एग्रीगेटर्स को 24 घंटे सातों दिन का एक कंट्रोल रूम सेट करना होगा।
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अधिक किराया वसूला तो कैब कंपनी का लाइसेंस होगा निलंबित
यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर पाने की स्थिति में कैब सेवा प्रदाता कंपनी का परिचालन लाइसेंस निलंबित हो सकता है। अगर यात्री से लगातार अधिक किराया वसूला जाता है और कंपनी चालक के प्रति अपनी जवाबदेही पूरी करने में विफल रहती है तो उस स्थिति में भी लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। अगर किसी कैब प्रदाता कंपनी का लाइसेंस किसी वित्त वर्ष में तीन बार से अधिक बार निलंबित रहता है, तो लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा और कंपनी को तत्काल प्रभाव से परिचालन रोक देना होगा। कैब सेवा प्रदाता कंपनी यात्रियों को कैब साझा करने की सुविधा दे सकती है। हालांकि ये सेवा उन्हीं यात्रियों को दी जा सकेगी जिनके बार में सारी जानकारी (केवाईसी) उपलब्ध रहेगी।


शहर में पंजीकृत हैं 674 ओला-उबर कैब 
एसटीए रिकॉर्ड के अनुसार, इस समय 1700 उबर कैब हैं और इनमें से 459 चंडीगढ़ में पंजीकृत हैं और 1241 पंजाब और हरियाणा में पंजीकृत हैं। वहीं ओला की 2317 कैब हैं, जिनमें से केवल 215 चंडीगढ़ में पंजीकृत हैं और शेष 2102 पंजाब और हरियाणा में पंजीकृत हैं।

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