फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Chandigarh administration did not buy new Fire Brigade vehicles from 22 years

चंडीगढ़ में 22 साल पुरानी दमकल गाड़ियों से चल रहा काम, आग बुझाने में हांफ रहे वाहन

Tue, 02 Mar 2021 01:23 PM IST
निवेदिता वर्मा नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 02 Mar 2021 01:23 PM IST
विज्ञापन
Chandigarh administration did not buy new Fire Brigade vehicles from 22 years
फायर ब्रिगेड की गाड़ी। - फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ में दमकल विभाग की गाड़ियां आग बुझाने में हांफ रही हैं। साल 1998 के बाद से निगम ने कोई नई गाड़ी नहीं खरीदी है। 22 साल पुरानी गाड़ियों की मशीनरी कमजोर होने से उनकी कार्य क्षमता घट गई है। 
विज्ञापन


नगर निगम के अग्निशमन विभाग की गाड़ियां काफी पुरानी हो चुकी हैं। परिवहन विभाग के अनुसार एक गाड़ी की उम्र 15 साल होती है, लेकिन पिछले 22 साल से निगम इन गाड़ियों से ही काम चला रहा है। हालांकि, निगम आयुक्त केके यादव का कहना है कि हर साल गाड़ियों का फिटनेस प्रमाण पत्र लिया जाता है। इसमें गाड़ियों की क्षमता कम नहीं आंकी गई है। इस वजह से नई गाड़ियां नहीं खरीदी गई हैं।
विज्ञापन



कमेटी एक साल में नहीं ले सकी निर्णय
मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनिल गर्ग ने एक साल पहले 7 अग्निशमन अधिकारियों की एक कमेटी गठित की थी। कमेटी को तय करना था कि कौन से मॉडल, क्षमता और गुणवत्ता की गाड़ियां खरीदनी हैं। आज तक कमेटी खाका तैयार नहीं कर पाई। इससे समझ आता है कि इस आपातकाल व्यवस्था के प्रबंधक ही शहर की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

वीआईपी ड्यूटी बढ़ी, गाड़ियां नहीं
शहर में लगातार वीआईपी ड्यूटी बढ़ रही हैं। शहर में आयोजन भी काफी संख्या में होते हैं। वहीं, मार्केटों में भी लगातार मॉकड्रिल होती रहती है। इन पुरानी गाड़ियों के साथ सुरक्षा की कमान संभालना कर्मचारियों के लिए भी चुनौती है। कर्मचारियों का कहना है इस समय टेक्नोलॉजी इतनी आगे पहुंच गई है, लेकिन इसका शहर को कोई फायदा नहीं मिल रहा है।

लोगों पर बीएस-6 खरीदने का दबाव, इनका मॉडल पुराना
देश भर में सरकार लोगों से बीएस-6 मॉडल की गाड़ियां खरीदने के लिए दबाव बना रही है, जबकि चंडीगढ़ देश की प्रमुख 98 स्मार्ट सिटी में शामिल है। जब स्मार्ट सिटी के वाहन पुराने ढर्रे पर चलेंगे तो लोगों से नए मॉडल के वाहन लेने के लिए कहना कहां तक सही होगा।

डंपिग ग्राउंड की आग बुझाने में लग जाते हैं कई दिन
डंपिग ग्राउंड पर हर साल गर्मियों में आग लगने की घटनाएं सामने आती रही हैं। हाल में लगी आग को बुझाने में फायर ब्रिगेड विभाग को पांच दिन लग गए थे। कर्मचारियों का कहना है कि जितनी तेज धार से पानी जाना चाहिए, मशीनों से अब नहीं जाता है। इस कारण पानी भी खर्च हो जाता है और गाड़ियों के चक्कर भी ज्यादा लगते हैं। इससे डीजल की बर्बादी होती है। नई टेक्नोलॉजी की मशीन होती तो आग पर जल्दी काबू पाया जा सकता है। 

यह गाड़ियां हैं फिलहाल निगम के पास
शहर में अग्निशमन के 7 कार्यालयों में 49 गाड़ियां हैं। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में 6, फेज-2 में 6, सेक्टर-32 में 6, सेक्टर-17 में 9, मनीमाजरा में 7, सेक्टर-11 में 6 और सेक्टर-38 में 9 गाड़ियां हैं। इनमें फायर टेंडर से लेकर मोटरसाइकिल तक शामिल हैं। 

गाड़ियों की उम्र 15 साल होती है, लेकिन हर साल गाड़ियों का फिटनेस टेस्ट करवाया जाता है। इसमें सारी गाड़ियां फिट हैं, इसलिए नई गाड़ियां नहीं खरीदी गई हैं। जरूरत के अनुसार आगे तय करेंगे। -केके यादव, निगम आयुक्त

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed