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चंडीगढ़ में आएगा मिग 21 लड़ाकू विमान, जानिए क्यों और क्या है योजना?
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 13 Feb 2018 03:31 PM IST
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मिग 21
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हेलीकॉप्टर और सेना के टैंक के बाद अब चंडीगढ़ में मिग 21 लड़ाकू विमान आएगा। चंडीगढ़ प्रशासन ने इसके लिए एक खास योजना बनाई है। नगर निगम ने चंडीगढ़ वायु सेना स्टेशन विंग-12 से मिकोयान गुरेविच मिग-21 एयरक्राफ्ट या हेलीकॉप्टर की डिमांड की है। यह शहर में डिस्प्ले किया जाएगा। मेयर देवेश मोदगिल ने हाल ही में वायु सेना के साथ बैठक में यह मांग की थी। मेयर का कहना है कि मिग-21 एयरक्राफ्ट को पर्यटक स्थल पर रखा जाएगा ताकि लोग देख सकें। इसके साथ फोटो या सेल्फी भी खिंचवाने का मौका मिलेगा।
मिग-21 एयरक्राफ्ट भारतीय सेना का अहम हिस्सा है। यह सुपरसोनिक लड़ाकू विमान है। इससे युवा पीढ़ी को भारतीय सेना का हिस्सा बनने या जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी। शहर में पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) में हेलीकॉप्टर और गवर्नमेंट म्यूजियम सेक्टर-10 के सामने सेना का टैंक रखा है। यह युवाओं और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। इसी तरह मिग-21 वायु सेना के गौरव व शान का अनुभव कराएगा, जोकि युवाओं के अंदर देशभक्ति की भावना पैदा करने में योगदान देगा।
मिग-21 की विशेषताएं
मिग-21 सुपरसोनिक लड़ाकू जेट विमान है। इसका निर्माण सोवियत संघ के मिकोयान-गुरेविच डिजाइन ब्यूरो ने किया है। इसे बलालैका के नाम से बुलाया जाता था। यह रूसी संगीत वाद्य ऑलोवेक (हिन्दी : पेंसिल) की तरह दिखता था। मिग-21 की लंबाई 14.7 मीटर (48 फुट 2 इंच), पंख फैलाव 7.154 मीटर (23 फुट 6 इंच), ऊंचाई 4 मीटर (13 फुट 6 इंच), पंख क्षेत्र 23 मीटर (247.6 फुट), खाली वजन 5,846 किलोग्राम (12,880 पौंड), अधिकतम उड़ान वजन 9,800 किलोग्राम (21,600 पौंड), मूल थ्रस्ट 40.21 किलो न्यूटन (9,040 पौंड-बल), आफ्टर बर्नर के साथ थ्रस्ट 69.62 किलो न्यूटन (15,650 पौंड-बल) है।
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मिग-21 एयरक्राफ्ट भारतीय सेना का अहम हिस्सा है। यह सुपरसोनिक लड़ाकू विमान है। इससे युवा पीढ़ी को भारतीय सेना का हिस्सा बनने या जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी। शहर में पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) में हेलीकॉप्टर और गवर्नमेंट म्यूजियम सेक्टर-10 के सामने सेना का टैंक रखा है। यह युवाओं और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। इसी तरह मिग-21 वायु सेना के गौरव व शान का अनुभव कराएगा, जोकि युवाओं के अंदर देशभक्ति की भावना पैदा करने में योगदान देगा।
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मिग-21 की विशेषताएं
मिग-21 सुपरसोनिक लड़ाकू जेट विमान है। इसका निर्माण सोवियत संघ के मिकोयान-गुरेविच डिजाइन ब्यूरो ने किया है। इसे बलालैका के नाम से बुलाया जाता था। यह रूसी संगीत वाद्य ऑलोवेक (हिन्दी : पेंसिल) की तरह दिखता था। मिग-21 की लंबाई 14.7 मीटर (48 फुट 2 इंच), पंख फैलाव 7.154 मीटर (23 फुट 6 इंच), ऊंचाई 4 मीटर (13 फुट 6 इंच), पंख क्षेत्र 23 मीटर (247.6 फुट), खाली वजन 5,846 किलोग्राम (12,880 पौंड), अधिकतम उड़ान वजन 9,800 किलोग्राम (21,600 पौंड), मूल थ्रस्ट 40.21 किलो न्यूटन (9,040 पौंड-बल), आफ्टर बर्नर के साथ थ्रस्ट 69.62 किलो न्यूटन (15,650 पौंड-बल) है।
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