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चंडीगढ़ः कलाग्राम की जमीन एनजेडसीसी से वापस लेने की तैयारी शुरू हुई, शोकॉज नोटिस जारी
Thu, 05 Mar 2020 11:55 AM IST
खुशबू गोयल
रिशु राज सिंह, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 05 Mar 2020 11:55 AM IST
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कलाग्राम चंडीगढ़
- फोटो : फाइल फोटो
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कलाग्राम को शादी व अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए खोलने पर अब यूटी प्रशासन और नॉर्थ जोन कल्चरल सेंटर (एनजेडसीसी) आमने-सामने आ गए हैं। एनजेडसीसी ने केंद्र सरकार से शिकायत कर दी, जिसके बाद अब प्रशासन ने लीज पर दी जमीन को रद्द करने के लिए एनजेडसीसी को शोकॉज नोटिस जारी किया है। सूत्रों के अनुसार, प्रशासन एनजेडसीसी के साथ किए करार को रद्द कर कलाग्राम को अपने अधीन लेने की तैयारी कर रहा है ताकि कलाग्राम को शादियों व अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए खोला जा सके।
क्योंकि एनजेडसीसी इस बात पर अड़ा हुआ है कि कलाग्राम की जमीन सिर्फ सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए आवंटित की गई है। इसलिए यहां शादी जैसे कार्यक्रम नहीं कराए जा सकते। अगर शादियां होती हैं तो इसको नुकसान पहुंचेगा जबकि चंडीगढ़ प्रशासन का कहना है कि जब एनजेडसीसी 31 दिसंबर को यहां पर न्यू ईयर पार्टी का आयोजन कर सकता है तो लोगों के लिए शादियां आदि जैसे समारोह के लिए क्यों नहीं दिया जा सकता है। प्रशासन ने इसी को आधार बनाते हुए एनजेडसीसी को नोटिस जारी किया है और लीज को कैंसिल करने की बात कही है।
नोटिस में कहा- उद्देश्य के मुताबिक नहीं हो रहा काम, कई निर्माण भी हुए
शोकॉज नोटिस में प्रशासन ने तर्क दिया है कि एनजेडसीसी को एक एग्रीमेंट के तहत जमीन दी गई थी। एग्रीमेंट के मुताबिक वह वहां कोई घर (निर्माण) नहीं बना सकते थे। इसके अलावा 31 दिसंबर को कलाग्राम के अंदर न्यू ईयर पार्टी भी रखी गई थी, जिसमें कई लोगों ने शिरकत की। प्रशासन ने कहा है कि, कलाग्राम में जिस उद्देश्य के लिए दिया गया था, उससे हटकर कई काम किए जा रहे हैं। ऐसे में क्यों न लीज को कैंसिल कर दिया जाए।
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क्योंकि एनजेडसीसी इस बात पर अड़ा हुआ है कि कलाग्राम की जमीन सिर्फ सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए आवंटित की गई है। इसलिए यहां शादी जैसे कार्यक्रम नहीं कराए जा सकते। अगर शादियां होती हैं तो इसको नुकसान पहुंचेगा जबकि चंडीगढ़ प्रशासन का कहना है कि जब एनजेडसीसी 31 दिसंबर को यहां पर न्यू ईयर पार्टी का आयोजन कर सकता है तो लोगों के लिए शादियां आदि जैसे समारोह के लिए क्यों नहीं दिया जा सकता है। प्रशासन ने इसी को आधार बनाते हुए एनजेडसीसी को नोटिस जारी किया है और लीज को कैंसिल करने की बात कही है।
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नोटिस में कहा- उद्देश्य के मुताबिक नहीं हो रहा काम, कई निर्माण भी हुए
शोकॉज नोटिस में प्रशासन ने तर्क दिया है कि एनजेडसीसी को एक एग्रीमेंट के तहत जमीन दी गई थी। एग्रीमेंट के मुताबिक वह वहां कोई घर (निर्माण) नहीं बना सकते थे। इसके अलावा 31 दिसंबर को कलाग्राम के अंदर न्यू ईयर पार्टी भी रखी गई थी, जिसमें कई लोगों ने शिरकत की। प्रशासन ने कहा है कि, कलाग्राम में जिस उद्देश्य के लिए दिया गया था, उससे हटकर कई काम किए जा रहे हैं। ऐसे में क्यों न लीज को कैंसिल कर दिया जाए।
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एक रुपये प्रतिवर्ष के हिसाब 99 साल के लिए दी थी लीज पर
कलाग्राम में कुल 16.26 एकड़ की जमीन है। इसमें से 14.18 एकड़ जमीन भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ कल्चर को वर्ष 1994 में 1 रुपये प्रति वर्ष के हिसाब से 99 साल के लिए लीज पर दिया गया था। इसके अलावा कुछ जमीन सिटको को अलॉट की गई थी, जिस पर सिटको ने एक होटल ‘बैठक’ बनाया है। जानकारी के अनुसार सिटको का यह होटल चंडीगढ़ प्रशासन को हर साल 11 लाख रुपये और 18 प्रतिशत जीएमटी का रेवेन्यू दे रहा है।
प्रशासन ने रेट तक कर दिया था तय, एनजेडसीसी ने किया इंकार
प्रशासन ने मेला ग्राउंड के साथ ही बैठक रेस्टोरेंट के साथ लगती जमीन को भी शादी पार्टियों के इस्तेमाल मंजूरी दी थी। बुकिंग के लिए ग्राउंड का चार्ज भी तय कर दिया था। जगह के हिसाब से ग्राउंड को 25 हजार से तीन लाख रुपये तक रेंट पर दिया जाना तय किया गया था। आमदनी एनजेडसीसी और सिटको के बीच 50-50 प्रतिशत की होगी। इसके अलावा पार्किंग आदि की कमाई एनजेडसीसी को दिया गया था। सिटको को बुकिंग से जुड़ा काम सौंपा गया था।
पंचकूला-जीरकपुर के लोगों ने भी दिखाई थी रुचि
नवंबर 2019 में कलाग्राम को शादियों के लिए खोलने पर शहरवासियों ने प्रशासन के इस कदम की काफी सराहना की थी। कारण है कि कलाग्राम के पास काफी जमीन है और पार्किंग की अच्छी सुविधा भी है। इसके अलावा सालाना क्राफ्ट मेला को छोड़ दें तो कुछ ही बड़े कार्यक्रम यहां आयोजित किए जाते हैं। बाकी फिर ज्यादातर महीने यह खाली पड़ा रहता है। इसके अलावा कलाग्राम की लोकेशन की वजह से भी वहां काफी डिमांड है। पंचकूला और जीरकपुर के लोग भी यहां शादियां कराने के लिए रुचि दिखा चुके थे।
प्रशासन ने रेट तक कर दिया था तय, एनजेडसीसी ने किया इंकार
प्रशासन ने मेला ग्राउंड के साथ ही बैठक रेस्टोरेंट के साथ लगती जमीन को भी शादी पार्टियों के इस्तेमाल मंजूरी दी थी। बुकिंग के लिए ग्राउंड का चार्ज भी तय कर दिया था। जगह के हिसाब से ग्राउंड को 25 हजार से तीन लाख रुपये तक रेंट पर दिया जाना तय किया गया था। आमदनी एनजेडसीसी और सिटको के बीच 50-50 प्रतिशत की होगी। इसके अलावा पार्किंग आदि की कमाई एनजेडसीसी को दिया गया था। सिटको को बुकिंग से जुड़ा काम सौंपा गया था।
पंचकूला-जीरकपुर के लोगों ने भी दिखाई थी रुचि
नवंबर 2019 में कलाग्राम को शादियों के लिए खोलने पर शहरवासियों ने प्रशासन के इस कदम की काफी सराहना की थी। कारण है कि कलाग्राम के पास काफी जमीन है और पार्किंग की अच्छी सुविधा भी है। इसके अलावा सालाना क्राफ्ट मेला को छोड़ दें तो कुछ ही बड़े कार्यक्रम यहां आयोजित किए जाते हैं। बाकी फिर ज्यादातर महीने यह खाली पड़ा रहता है। इसके अलावा कलाग्राम की लोकेशन की वजह से भी वहां काफी डिमांड है। पंचकूला और जीरकपुर के लोग भी यहां शादियां कराने के लिए रुचि दिखा चुके थे।