{"_id":"5f0ff0c38ebc3e63d1288f8b","slug":"chandigarh-administration-decision-on-one-nation-one-ration-card","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"'वन नेशन वन राशन कार्ड' पर चंडीगढ़ प्रशासन का बड़ा फैसला, जारी होगा एनटाइटलमेंट कार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'वन नेशन वन राशन कार्ड' पर चंडीगढ़ प्रशासन का बड़ा फैसला, जारी होगा एनटाइटलमेंट कार्ड
Thu, 16 Jul 2020 11:46 AM IST
खुशबू गोयल
रिशु राज सिंह, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 16 Jul 2020 11:46 AM IST
सार
- 64 हजार परिवारों को मिलेगा एनटाइटलमेंट कार्ड, दूसरे राज्यों में करेगा राशन कार्ड का काम
- अन्य राज्यों के राशन कार्ड भी चंडीगढ़ में होंगे मान्य, राशन की जगह डीबीटी से मिलेगा पैसा
- सितंबर तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य, चंडीगढ़ के मॉडल को फॉलो करेगा पुडुचेरी
विज्ञापन
राशन कार्ड
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्र सरकार जहां वन नेशन, वन राशन कार्ड की तैयारी में है, वहीं चंडीगढ़ प्रशासन ने एक कदम आगे बढ़कर एनटाइटलमेंट कार्ड जारी करने जा रहा है। यह कार्ड देश के हर राज्य में चलेगा और आधार कार्ड से लिंक होगा। शहर के 64 हजार परिवारों को यह एनटाइटलमेंट कार्ड सितंबर से पहले दे दिया जाएगा। चंडीगढ़ के इस मॉडल को पुडुचेरी भी फॉलो करेगा।
चंडीगढ़ में अन्य राज्यों की तरह सरकारी राशन की दुकानें नहीं हैं, जहां पर राशन कार्ड दिखाकर सब्सिडी पर राशन मिलता है। चंडीगढ़ में कई साल पहले इस व्यवस्था को बंद कर दिया गया था और राशन देने की बजाय उसकी कीमत कार्ड धारकों को उनके बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से भेजी जाने लगी। शहर में अभी 64 हजार ऐसे परिवार हैं, जिन्हें डीबीटी से हर महीने राशन का पैसा मिलता है।
अब केंद्र सरकार ने वन नेशन वन राशन कार्ड का एलान किया है। ऐसे में प्रशासन ने फैसला लिया है कि वह राशन कार्ड की बजाय सभी लाभार्थी परिवारों को एनटाइटलमेंट कार्ड जारी करेगा, जो पूरे देश में मान्य होगा। प्रशासन ने सितंबर तक 64 हजार एनटाइटलमेंट कार्ड छपवाने और लाभार्थियों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। पुडुचेरी में भी डीबीटी से राशन का पैसा दिया जाता है, इसलिए उन्होंने भी चंडीगढ़ के मॉडल को अपनाने का फैसला किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़ में अन्य राज्यों की तरह सरकारी राशन की दुकानें नहीं हैं, जहां पर राशन कार्ड दिखाकर सब्सिडी पर राशन मिलता है। चंडीगढ़ में कई साल पहले इस व्यवस्था को बंद कर दिया गया था और राशन देने की बजाय उसकी कीमत कार्ड धारकों को उनके बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से भेजी जाने लगी। शहर में अभी 64 हजार ऐसे परिवार हैं, जिन्हें डीबीटी से हर महीने राशन का पैसा मिलता है।
विज्ञापन
अब केंद्र सरकार ने वन नेशन वन राशन कार्ड का एलान किया है। ऐसे में प्रशासन ने फैसला लिया है कि वह राशन कार्ड की बजाय सभी लाभार्थी परिवारों को एनटाइटलमेंट कार्ड जारी करेगा, जो पूरे देश में मान्य होगा। प्रशासन ने सितंबर तक 64 हजार एनटाइटलमेंट कार्ड छपवाने और लाभार्थियों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। पुडुचेरी में भी डीबीटी से राशन का पैसा दिया जाता है, इसलिए उन्होंने भी चंडीगढ़ के मॉडल को अपनाने का फैसला किया है।
विज्ञापन
अन्य राज्यों के राशन कार्ड भी चंडीगढ़ में होंगे मान्य, लेकिन नहीं मिलेगा राशन
देश के लगभग हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में राशन कार्ड की व्यवस्था है और उन्हें अभी भी सरकारी राशन की दुकानों से गेहूं, चावल, दाल, चीनी व अन्य सामान मिलता है। वन नेशन-वन राशन कार्ड की स्कीम के लागू होने के बाद जो मजदूर अन्य राज्यों से कार्ड लेकर चंडीगढ़ आएंगे, उनका राशन कार्ड चंडीगढ़ में मान्य तो होगा लेकिन उसे राशन नहीं मिलेगा बल्कि राशन का पैसा सीधे उसके बैंक खाते में भेज दिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार अन्य राज्यों से काम की तलाश में चंडीगढ़ पहुंचने पर मजदूर के राशन कार्ड को प्रशासन द्वारा पंजीकरण किया जाएगा। सभी जानकारियों को एकत्रित करने के बाद राशन की पैसे को उनके बैंक खाते में भेज दिया जाएगा। इसी तरह जब चंडीगढ़ के 64 हजार लाभार्थियों को जो एनटाइटलमेंट कार्ड दिया जाएगा, वह देश के किसी भी राज्य में सरकारी राशन की दुकान पर ले जाकर राशन ले सकेंगे और जब वह दोबारा चंडीगढ़ आएंगे तो यहां पर उन्हें राशन की जगह बैंक खाते में पैसा दिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार अन्य राज्यों से काम की तलाश में चंडीगढ़ पहुंचने पर मजदूर के राशन कार्ड को प्रशासन द्वारा पंजीकरण किया जाएगा। सभी जानकारियों को एकत्रित करने के बाद राशन की पैसे को उनके बैंक खाते में भेज दिया जाएगा। इसी तरह जब चंडीगढ़ के 64 हजार लाभार्थियों को जो एनटाइटलमेंट कार्ड दिया जाएगा, वह देश के किसी भी राज्य में सरकारी राशन की दुकान पर ले जाकर राशन ले सकेंगे और जब वह दोबारा चंडीगढ़ आएंगे तो यहां पर उन्हें राशन की जगह बैंक खाते में पैसा दिया जाएगा।
एनटाइटलमेंट कार्ड के क्या-क्या फायदे?
- स्कीम का सबसे बड़ा फायदा गरीबों को मिलेगा
- एक राज्य के लिए बाध्य होने की जरूरत खत्म होगी
- फर्जी राशन कार्ड पर रोक लगाने में भी मदद मिलेगी
- अन्य राज्यों में राशन ले सकेंगे, चंडीगढ़ में राशन का पैसा मिलेगा
- सभी एनटाइटलमेंट कार्ड आधार से जुड़े होंगे
चंडीगढ़ में सरकारी राशन की दुकानें नहीं हैं, न ही राशन कार्ड है। जो लोग गरीब हैं और जिनके पास पुराने राशन कार्ड थे, उन्हें डीबीटी से राशन का पैसा उनके बैंक खाते में भेजा जाता है। इसलिए हम 64 हजार परिवारों को एनटाइटलमेंट कार्ड देंगे, जो पूरे देश में मान्य होगा। सितंबर तक इस कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
- मनोज परिदा, एडवाइजर
- एक राज्य के लिए बाध्य होने की जरूरत खत्म होगी
- फर्जी राशन कार्ड पर रोक लगाने में भी मदद मिलेगी
- अन्य राज्यों में राशन ले सकेंगे, चंडीगढ़ में राशन का पैसा मिलेगा
- सभी एनटाइटलमेंट कार्ड आधार से जुड़े होंगे
चंडीगढ़ में सरकारी राशन की दुकानें नहीं हैं, न ही राशन कार्ड है। जो लोग गरीब हैं और जिनके पास पुराने राशन कार्ड थे, उन्हें डीबीटी से राशन का पैसा उनके बैंक खाते में भेजा जाता है। इसलिए हम 64 हजार परिवारों को एनटाइटलमेंट कार्ड देंगे, जो पूरे देश में मान्य होगा। सितंबर तक इस कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
- मनोज परिदा, एडवाइजर