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पहले बजट खर्च न करके नाक कटवाई, अब बजट भी कटवाएंगे
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 15 Feb 2016 09:16 AM IST
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जिन विभागों ने बजट खर्च न कर चंडीगढ़ प्रशासन की नाक कटवाई है, अब वही वित्त मंत्रालय से मांगे गए एस्टीमेट बजट पर भी कैंची चलवा सकते हैं। इस बार वैसे भी प्रशासन ने प्लान और नॉन प्लान बजट हेड में पिछले वित्त वर्ष से बढ़ाकर बजट मांगा है।
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वित्त विभाग ने जनवरी तक सभी विभागों के बजट खर्चने की रिपोर्ट भी तैयार की है। इसमें कई विभाग 50 प्रतिशत बजट भी नहीं खर्च पाए थे। परिवहन विभाग फिसड्डी रहा था और महज 37 प्रतिशत बजट ही खर्च पाया था।
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पिछले साल अप्रैल से सितंबर तक की परफॉर्मेंस को देखते हुए वित्त विभाग ने 225 करोड़ रुपये काट लिए थे। इस बार 29 फरवरी को आम बजट आ रहा है। इसलिए सभी की निगाहें इन दिनों बजट पर ही हैं।
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खासकर वित्त विभाग ने अपना हिसाब-किताब पहले से लगाना शुरू कर दिया है। वित्त वर्ष 2015-16 के लिए प्लान बजट के तहत 860 करोड़ रुपये मांगे गए थे, हालांकि बाद में करीब 225 करोड़ कटने केबाद यह रकम 634 करोड़ रह गई।
बात वित्त वर्ष 2016-17 की करें तो इसके लिए प्रशासन ने वित्त मंत्रालय को 2095 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बजट मंजूरी के लिए भेजा है। वहीं बात नॉन प्लान बजट की बात करें तो 2016-17 के लिए 3394.81 करोड़ रुपये की मांग भेजी गई है, जबकि 2015-16 में 2971.47 करोड़ रुपये मांगे गए थे।
प्लान बजट के तहत करीब 1235 करोड़ रुपये अधिक मांगे गए हैं। सूत्रों केमुताबिक 500 करोड़ रुपये स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए मांगे गए हैं। हालांकि वित्त मंत्रालय की कैंची एस्टीमेट बजट पर जरूर चलती है। इस बार भी एस्टीमेट में मांगी गई पूरी रकम मिलने के कम ही आसार लग रहे हैं।