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चंडीगढ़ प्रशासन सख्त: महिला कर्मी को रात में सुरक्षाकर्मी के साथ घर से लाना व पहुंचाना होगा, कैब में GPS जरूरी

Wed, 17 May 2023 12:27 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 17 May 2023 12:27 AM IST
सार

जिला दंडाधिकारी आईएएस विनय प्रताप सिंह ने कहा कि है कि ऐसी कंपनियों, संगठनों या नियोक्ताओं पर कुछ जांच आवश्यक है जो अपने कर्मचारियों को देर रात तक पिक एंड ड्रॉप की सुविधा प्रदान करते हैं। ट्रांसपोर्टर, सुरक्षा एजेंसियां, गार्ड और चालकों का रिकॉर्ड जांचने की जरूरत है।

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Chandigarh administration become more serious about the safety of women
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : Istock

विस्तार

चंडीगढ़ प्रशासन महिलाओं की सुरक्षा के प्रति और गंभीर हो गया है। अब कामकाजी महिलाओं को बिना सुरक्षाकर्मी के कंपनियां रात में उन्हें घर से ला और पहुंचा (पिक एंड ड्रॉप) नहीं पाएंगी। खास बात यह है कि देर रात महिलाओं को उनके घर तक छोड़ने की स्थिति में चलती सड़क होने पर सुरक्षाकर्मी को उन्हें घर तक सुरक्षित छोड़ना होगा और बाकायदा उनके पहुंचने की पुष्टि भी करनी होगी। 

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चंडीगढ़ के उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने धारा-144 के तहत शहर में संचालित सभी बीपीओ के लिए ये निर्देश जारी किया है। बता दें कि चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में कॉल सेंटर, कॉरपोरेट हाउस, मीडिया हाउस, कंपनी, संगठन और फर्म के नाम से पहचाने जाने वाले बीपीओ तेजी से बढ़ रहे हैं, जो युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान कर रहे हैं। पड़ोसी राज्यों के विभिन्न हिस्सों की महिलाओं सहित अन्य कर्मचारी शहर के विभिन्न हिस्सों और आसपास के शहरों और गांवों में रह रहे हैं। 
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नियोक्ता उन्हें उनके ठहरने के स्थानों से कार्यालय और वापस लाने के उद्देश्य से कैब सेवाएं प्रदान करते हैं। चूंकि ये संगठन 24 घंटे काम कर रहे हैं, इसलिए कैब देर रात भी कर्मचारियों को ले जा रही हैं। इन कैब को अनुबंध पर पर लिया जाता है। कर्मचारियों की सुरक्षा और सुरक्षित परिवहन को सुनिश्चित करने के लिए उनके ऑपरेटरों और ड्राइवरों की ठीक से निगरानी नहीं की जाती है, जिसके परिणामस्वरूप मानव जीवन, कर्मचारियों की सुरक्षा और विशेष रूप से महिला कर्मचारियों को गंभीर खतरा होता है। यह देखने में आया है कि कुछ अपराधी और असामाजिक तत्व विशेष रूप से विषम समय के दौरान आसान लक्ष्य तलाशते हैं। 

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उपायुक्त ने दिए सुरक्षा व्यवस्था की जांच के आदेश
जिला दंडाधिकारी आईएएस विनय प्रताप सिंह ने कहा कि है कि ऐसी कंपनियों, संगठनों या नियोक्ताओं पर कुछ जांच आवश्यक है जो अपने कर्मचारियों को देर रात तक पिक एंड ड्रॉप की सुविधा प्रदान करते हैं। ट्रांसपोर्टर, सुरक्षा एजेंसियां, गार्ड और चालकों का रिकॉर्ड जांचने की जरूरत है ताकि कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके, विशेष रूप से देर रात तक काम करने वाली महिला कर्मचारियों की। 

उपायुक्त ने सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निहित शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए निर्देश दिया है कि ऐसे सभी संगठन जैसे बीपीओ, कॉल सेंटर, कॉरपोरेट घराने, मीडिया हाउस, कंपनियां, फर्म और अन्य समान संस्थाएं, जिनके पास अपने कर्मचारियों और ट्रांसपोर्टरों, सुरक्षा एजेंसियों, ड्राइवरों और सुरक्षा गार्डों के लिए चंडीगढ़ के अधिकार क्षेत्र में आने-जाने की सुविधा है, उनके निरीक्षण की व्यवस्था की जाए। इस आदेश के किसी भी प्रकार से उल्लंघन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश 13 मई को शून्यकाल से 11 जुलाई 2023 तक प्रभावी रहेगा।

चंडीगढ़ प्रशासन के सुझाव व निर्देश
  • पुलिस और प्रशासन सभी कर्मचारियों, सुरक्षाकर्मियों, कैब ड्राइवरों और उनके साथ काम करने वाले संविदा कर्मचारियों का डाटा रखें
  • जहां तक संभव हो सुरक्षाकर्मियों और अन्य संविदा कर्मियों को लाइसेंस प्राप्त एजेंसियों से ही किराये पर लें
  • संविदा कर्मचारियों सहित अपने सभी कर्मचारियों के रिकॉर्ड का सत्यापन सुनिश्चित करें
  • सुनिश्चित करें कि महिला कर्मचारियों को कैब ड्राइवर के साथ अकेले यात्रा न करवाएं। रात के समय यानी रात 8:00 बजे से सुबह 7:0 बजे तक महिला कर्मचारियों को ले जाने वाली प्रत्येक कैब में एक विधिवत सत्यापित सुरक्षाकर्मी या पुरुष सहयोगी तैनात किया जाए
  • जहां तक संभव हो किसी महिला कर्मचारी को सबसे पहले पिक न किया जाए और न ही सबसे बाद में छोड़ा जाए
  • महिला कर्मचारियों के परिवहन में शामिल कैब के कर्मचारी मोटरेबल रोड न होने पर उन्हें उनके घर की सीढ़ियों तक छोड़ें और एक टेलीफोन कॉल के माध्यम से उनके पहुंचने की पुष्टि करें
  • कैब चालकों की किसी भी अवांछित गतिविधियों, जैसे कि अजनबियों को लिफ्ट देना, निर्दिष्ट मार्ग से भटकना आदि की जांच करने के लिए वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी जांच और नियंत्रण रखें और यदि कोई संदिग्ध गतिविधि पाई जाती है तो पुलिस को सूचित करें
  •  विशेषकर महिला कर्मचारियों के परिवहन में उपयोग होने वाली कैब में जीपीएस प्रणाली स्थापित की जाए
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