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भविष्य का चंडीगढ़: रेन वाटर हार्वेस्टिंग और वाटर ऑडिट होगा अनिवार्य, हर सेक्टर गीले कचरे का खुद करेगा निस्तारण
Sat, 12 Nov 2022 04:34 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 12 Nov 2022 04:34 PM IST
सार
विजन डॉक्यूमेंट 2030 में कुछ लक्ष्यों को 2026 तो कुछ को 2030 तक प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। बीते दिनों पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने इसे जारी किया है।
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चंडीगढ़ प्रशासन
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विस्तार
भविष्य का चंडीगढ़ कैसा होना चाहिए, यह तय करने के लिए यूटी प्रशासन ने यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम (यूएनडीपी) के साथ मिलकर एक विजन डॉक्यूमेंट 2030 तैयार किया है। इसके अनुसार सभी इमारतों के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग, वाटर ऑडिट समेत कई नियम बनाए जाएंगे। हर सेक्टर को अपने गीले कचरे का निस्तारण सेक्टर के अंदर ही करना होगा। इस तरह कई क्षेत्रों में प्रशासन ने 2030 तक के लिए लक्ष्य तय किए हैं।
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लक्ष्यों को छह क्षेत्रों में बांटा गया है। इसमें अर्बन फॉरेस्ट की मदद से चंडीगढ़ की जलवायु को बेहतर बनाना, सस्टेनेबल लैंड यूज और बिल्डिंग प्रैक्टिस, वाटर मैनेजमेंट, सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट सिस्टम, सॉलिड और लिक्विड वेस्ट का बेहतर मैनेजमेंट और पर्यटन हैं। विजन डॉक्यूमेंट 2030 को तैयार करने में एक साल के करीब का समय लगा है। इसे लेकर कई दौर की बैठक की गई हैं। लोगों के बीच सर्वे हुए हैं। विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर काम कर रहे लोगों के साथ संवाद किया गया और उनके सुझाव लिए गए हैं। उन सभी को मिलाने के बाद ही विजन डॉक्यूमेंट 2030 तैयार किया गया है। इसमें कुछ लक्ष्यों को 2026 तो कुछ को 2030 तक प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। बीते दिनों पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने इसे जारी किया है। उन्होंने प्रशासन के सभी विभागों के सचिवों को तय लक्ष्यों के अनुसार काम करने के भी आदेश दिए हैं।
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पानी का प्रबंधन
- पानी की खपत 50 फीसदी तक कम करने के लिए सभी व्यावसायिक और सरकारी इमारतों का वाटर ऑडिट अनिवार्य
- सभी इमारतों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य
- लैंड स्केपिंग, गार्डनिंग और कार धोने के लिए सेक्टर स्तर पर ही पानी को ट्रीट किया जाए
- हर पानी के कनेक्शन के साथ मीटर लगा हो
- सभी लॉन-बगीचों में पानी देने के लिए स्प्रिंकलर को लगाना
- शहर के कुछ स्थानों को जीरो मोटराइज्ड व्हीकल जोन बनाना
- एक घर में एक से ज्यादा पेट्रोल-डीजल या सीएनजी गाड़ी नहीं होनी चाहिए
- सार्वजनिक परिवहन को इलेक्ट्रिक बसों के माध्यम से मजबूत करना
- सवारियों की संख्या के अनुसार रूट निर्धारण और सफर को आसान बनाना
- शहर के सभी पब्लिक इमारतों को साइकिल ट्रैक से जोड़ना, जिसके साथ सोलर पैनल भी लगे हों
- वेस्ट जनरेशन को 50 फीसदी तक कम करने के लिए सभी इमारतों का हर साल वेस्ट ऑडिट शुरू हो
- सभी घर, इमारतों से ही सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग किया जाए
- गीले कचरे को सेक्टर के स्तर पर ही निस्तारित किया जाए
- पूरे इंडस्ट्रियल एरिया के लिए कॉमन वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट सुविधा शुरू करना
- भविष्य में बनने वाली सभी इमारतों के लिए ग्रिहा और ईसीबी कोड अनिवार्य करना
- सोलर पैनल लगवाने के लिए लोगों को जागरूक करना
- सी एंड डी वेस्ट का दूसरे निर्माण में इस्तेमाल
- स्लम कॉलोनियों को तोड़कर उन्हें ग्रिहा रेटिंग की इमारतों में शिफ्ट करना
- साइकिल का इस्तेमाल करने के लिए पर्यटकों को प्रोत्साहित करना
- सभी पब्लिक साइकिलों को इलेक्ट्रिक बनाना
- सभी पर्यटन स्थलों पर भी सूखा-गीला कचरा अलग-अलग करना
- पर्यटन स्थलों के पास पेट्रोल-डीजल की गाड़ियों पर रोक लगाना
- सुखना लेक में गाद की समस्या को दूर करने के लिए चौड़े पत्ते वाले पौधों को सुखना कैचमेंट में लगाना
- जंगल की जमीन का इस्तेमाल अन्य किसी काम के लिए न किया जाए
- जंगल और लैंडस्लेप्ड इलाकों में मवेशियों के चरने नहीं देना। लावारिस मवेशियों को जब्त करना
- सुखना वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्टेड इलाकों में फल वाले पौधे लगाना
- सड़क के किनारे पौधरोपण