14 डिग्री तापमान, नया रूट और 3 होनहार जीतने को तैयार
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14 डिग्री तापमान में कंपकंपाती ठंड और बिल्कुल नया रूट, लेकिन जीतने का जज्बा लिए तैयार हैं चंडीगढ़ के 3 बाइकर्स। इस बार द हिमालय रैली काफी चुनौतीपूर्ण होगी। बारह साल बाद एक बार फिर रैली का रूट बदला गया है। रैली का यह 17वां सीजन है।
रैली 11 अक्तूबर से शिमला से शुरू होगी और 16 अक्तूबर को श्रीनगर में खत्म होगी। रैली में चंडीगढ़ के तीन युवा हिस्सा ले रहे हैं और नए रूट को लेकर वे काफी रोमांचित हैं। एक्स्ट्रीम वर्ग में हिस्सा ले रहे चंडीगढ़ के सम्राट यादव के अनुसार रूट भले ही बदला है मगर वह जीत का जज्बा लेकर इस रैली में उतरेंगे। इसके लिए उनकी पूरी तैयारी है।
चंडीगढ़ के हरप्रीत बावा भी एक्स्ट्रीम वर्ग में और मोहित वर्मा बाइक वर्ग में हिस्सा ले रहे हैं। मोहत वर्मा ने बताया कि रेड द हिमालय रैली में रेसिंग कार, जिप्सी, बाइक वर्ग में देश के विभिन्न शहरों से बेहतरीन ड्राइवर्स हिस्सा ले रहे हैं। शिमला से लेकर कारगिल, रंगदूम और वापिस श्रीनगर तक के बीच 2750 किलोमीटर का सफर तय कर रैली 16 अक्तूबर को खत्म होगी।
12 साल बाद बदला गया रैली का रूट
सम्राट यादव ने बताया कि रेड द हिमालय रैली का यह 17वां सीजन है। प्रतिभागी हर रूट से वाकिफ थे। इसलिए आयोजकों ने 12 साल बाद पहली बार रैली के रूट में बदलाव किया है। इससे यह रैली प्रतिभागियों के लिए रोमांच से भरी और चुनौतीपूर्ण हो गई है।
हरप्रीत बावा ने बताया कि हर रैली में अपनी गाड़ी को नए तरीके से तैयार करना पड़ता हैं जिसमें एक लाख से अधिक का खर्चा होता है। उन्होंने बताया कि एडवेंचर स्पोर्ट्स से भरपूर रैली में हिस्सा लेना मेरे लिए एक पैशन की तरह है। रैली शिमला से शुरू होकर डलहौजी, श्रीनगर, कारगिल, रंगदूम से होती हुई वापिस श्रीनगर जाकर खत्म होगी।
मोहित वर्मा ने बताया कि रेड द हिमालय रैली में असली परीक्षा छठे दिन होगी। तब रैली कारगिल से होते हुए रंगदूम पहुंचेंगी। यहां पारा -14 डिग्री तक है। शरीर को जमा देने वाली इस ठंड के जोश ही काम आएगा।