{"_id":"59f176a14f1c1b8d698b7bcd","slug":"chandigarh-10-year-old-rape-victim-daughter-adoption-issue","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अब अपनी ही बेटी पर कानूनन हक नहीं जता सकेगी मां, जानिए मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब अपनी ही बेटी पर कानूनन हक नहीं जता सकेगी मां, जानिए मामला
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 26 Oct 2017 11:16 AM IST
विज्ञापन
child rape
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अब मां अपनी ही बेटी पर हक नहीं जता सकेगी, काननून ये अधिकार उससे छीन गया है। वहीं बेटी कानूनी तौर पर फ्री हो चुकी है, जानिए आखिर क्या मामला है। दरअसल, मामला चंडीगढ़ की 10 साल की मां है, जिसके साथ दुराचार हुआ था और कुछ दिन पहले उसने बेटी को जन्म दिया। बच्ची को अपनाने से लड़की के मां बाप ने इंकार कर दिया था।
चंडीगढ़ प्रशासन के समाज कल्याण विभाग ने नवजात बच्ची को अपनाने और कानूनी अधिकार स्थापित करने के लिए 60 दिन का समय दिया था। यह अवधि खत्म हो चुकी है, इसके साथ ही बच्ची पर अब उसकी मां और उसके अभिभावकों का कानूनी अधिकार खत्म हो गया है। मासूम बच्ची अब कानूनी तौर पर फ्री हो चुकी है। समाज कल्याण विभाग की निदेशक निशु सिंघल ने बताया कि अब नवजात बच्ची पर उसके अभिभावक या परिजन भविष्य में कभी कानूनी हस्तक्षेप नहीं कर सकते।
इसी के साथ नवजात बच्ची को गोद देने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। निदेशक निशु सिंघल ने बताया कि भारत सरकार की गाइडलाइंस के तहत अब नवजात बच्ची को एडॉप्ट करने के लिए कोई भी ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। 10 साल की मां से जन्मी नवजात बच्ची को एडॉप्ट करने के लिए लोगों को सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी के नियमों के तहत आवेदन करना होगा।
विज्ञापन
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के नेतृत्व में एक बॉडी बनाई गई है। जोकि बच्चो को एडॉप्ट करने की दिशा में काम करती है। सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी (कारा) की गाइडलाइंस के तहत लोग नवजात बच्ची को एडॉप्ट कर सकते हैं।
विज्ञापन
चंडीगढ़ प्रशासन के समाज कल्याण विभाग ने नवजात बच्ची को अपनाने और कानूनी अधिकार स्थापित करने के लिए 60 दिन का समय दिया था। यह अवधि खत्म हो चुकी है, इसके साथ ही बच्ची पर अब उसकी मां और उसके अभिभावकों का कानूनी अधिकार खत्म हो गया है। मासूम बच्ची अब कानूनी तौर पर फ्री हो चुकी है। समाज कल्याण विभाग की निदेशक निशु सिंघल ने बताया कि अब नवजात बच्ची पर उसके अभिभावक या परिजन भविष्य में कभी कानूनी हस्तक्षेप नहीं कर सकते।
विज्ञापन
इसी के साथ नवजात बच्ची को गोद देने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। निदेशक निशु सिंघल ने बताया कि भारत सरकार की गाइडलाइंस के तहत अब नवजात बच्ची को एडॉप्ट करने के लिए कोई भी ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। 10 साल की मां से जन्मी नवजात बच्ची को एडॉप्ट करने के लिए लोगों को सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी के नियमों के तहत आवेदन करना होगा।
विज्ञापन
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के नेतृत्व में एक बॉडी बनाई गई है। जोकि बच्चो को एडॉप्ट करने की दिशा में काम करती है। सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी (कारा) की गाइडलाइंस के तहत लोग नवजात बच्ची को एडॉप्ट कर सकते हैं।
17 अगस्त 2017 को हुई थी बच्ची की डिलवरी
बच्ची के साथ दुराचार किया
देश में पहली बार 10 साल की बच्ची मां बनी थी और रेप पीड़िता ने एक बेटी को जन्म दिया। 17 अगस्त को बच्ची की डिलीवरी हुई। सेक्टर-32 स्थित मेडिकल कालेज में बच्ची का जन्म हुआ। इससे पहले 12 साल की एक बच्ची ने पीजीआई में एक बच्चे को जन्म दिया था।
यह है मामला
13 जुलाई 2017 को 10 साल की बच्ची के पेट में दर्द होने पर परिजन उसे अस्पताल ले गए। वहां जांच के बाद पता चला कि बच्ची छह माह से ज्यादा टाइम की गर्भवती है। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस को दिए बयान में बच्ची ने बताया कि उसके मामा कुल बहादुर ने ही उसके साथ कई बार रेप किया है। फिर पुलिस ने बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट और मां की शिकायत पर आरोपी मामा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
यह है मामला
13 जुलाई 2017 को 10 साल की बच्ची के पेट में दर्द होने पर परिजन उसे अस्पताल ले गए। वहां जांच के बाद पता चला कि बच्ची छह माह से ज्यादा टाइम की गर्भवती है। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस को दिए बयान में बच्ची ने बताया कि उसके मामा कुल बहादुर ने ही उसके साथ कई बार रेप किया है। फिर पुलिस ने बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट और मां की शिकायत पर आरोपी मामा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
बच्ची को गोद लेने के लिए कारा की गाइडलाइंस
बच्ची
- फोटो : amar ujala
- बच्ची को एडॉप्ट करने के सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी की वेबसाइट पर आवेदन करें ष्ड्डह्म्ड्ड.ठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ
- एडॉप्शन फार्म में देना होगा पैन नंबर, ड्राइविंग लाइसेंस पासपोर्ट, टेलीफोन बिल और आधार नंबर।
- सालाना आय, इनकम सर्टिफिकेट, निवास प्रमाण पत्र और फोटो देनी होगी
- मैरिज सर्टिफि केट या कोई तलाकशुदा है तो तलाकनामा देना होगा
- पुलिस वेरिफिकेशन आदि।
- एडॉप्शन फार्म में देना होगा पैन नंबर, ड्राइविंग लाइसेंस पासपोर्ट, टेलीफोन बिल और आधार नंबर।
- सालाना आय, इनकम सर्टिफिकेट, निवास प्रमाण पत्र और फोटो देनी होगी
- मैरिज सर्टिफि केट या कोई तलाकशुदा है तो तलाकनामा देना होगा
- पुलिस वेरिफिकेशन आदि।