फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Challenges in 2017, Still difficulties in the way of online and cashless

चुनौतियां 2017: ऑनलाइन और कैशलेस की राह में अभी भी मुश्किलें बेशुमार

Sun, 01 Jan 2017 10:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 01 Jan 2017 10:13 AM IST
विज्ञापन
Challenges in 2017, Still difficulties in the way of online and cashless
CM Khattar - फोटो : File Photo
हरियाणा में 26 माह का कार्यकाल पूरा कर चुकी भाजपा सरकार की राह अभी आसान नहीं है। भले ही बहुमत के साथ पार्टी ने सूबे की सत्ता हासिल की है, लेकिन जनता की कसौटी पर खरा उतरने में अभी तीन साल का समय बाकी है। सरकार को पूरा साल जहां जाट आरक्षण आंदोलन से निपटने में लग गया। वहीं विपक्ष के हमलों का भी शिकार होना पड़ा। एसवाईएल जैसे मुद्दों पर पंजाब प्रभावी है। ऐसे में पंजाब में अकाली दल के साथ कदमताल मिलाकर चल रही भाजपा को हरियाणा में विपक्ष ने घेरने की तैयारी कर ली है। इनेलो इस मुद्दे को लेकर सख्त हैं। जबकि पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पंजाब में चुनाव प्रचार के लिए जाने से इनकार कर दिया है। 
विज्ञापन


विधायकों से लेकर कार्यकर्ताओं को खुश करना
सरकार को सभी विधायकों को खुश करना होगा। पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं को सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर बिठाने के लिए सरकार नए साल में कुछ कार्यकर्ताओं को समायोजित कर सकती है, लेकिन कार्यकर्ताओं की अधिकतर फौज अभी संतुष्ट नहीं है। 2017 में यह मांगे जोर पकड़ेगी। बोर्ड और निगमों में चेयरमैन लगने के लिए कार्यकर्ताओं की लंबी फौेज खड़ी है।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री की घोषणाएं
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 90 विधानसभा क्षेत्रों में दौरा कर घोषणाएं तो कर दी हैं, लेकिन इनको अमल में लाने में अफसरशाही आड़े आ रही है। हालांकि मार्च तक का समय अफसरों को दिया गया है, लेकिन सीएम अनाउंसमेंट को पूरा करवाना सरकार के लिए टेढ़ी खीर होगा। मुख्यमंत्री की कोर टीम को यह घोषणाएं पूरी करवाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

10 योजनाओं को करना होगा लागू

Challenges in 2017, Still difficulties in the way of online and cashless
मुख्यमंत्री खट्टर - फोटो : File Photo
ऑनलाइन और कैशलेस की राह में अभी भी मुश्किलें
नोटबंदी के फैसले के बाद विभागीय सेवाओं को कैशलेस बनाने के लिए की जा रही तमाम कोशिशों के बावजूद इसे अमली जामा पहनाने में वक्त लगेगा। वजह है कि सेवाओं के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया कराए जा रहे हैं, लेकिन इसके लिए बुनियादी तैयारियां पूरी नहीं होने की वजह से आने वाला साल 2017 भी चुनौतियों से भरा होगा। अधिकतर विभागों को ऑनलाइन कर दिया गया है, लेकिन इसमें भी कुछ विभागों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार सर्वर या नेटवर्क के कारण परेशानियां बनी हुई हैं।

5.5 लाख करोड़ की निवेश योजनाओं को धरातल पर लाने का सवाल 
प्रदेश में पांच लाख करोड़ से अधिक के निवेश के लिए समझौते हुए, लेकिन इतनी बड़ी राशि के निवेश को धरातल पर लाने के लिए सरकार को सभी पहलुओं पर गौर करते हुए उन पर एक के बाद एक पहल करनी होगी। सिर्फ निवेश का माहौल तैयार करने से नहीं, बल्कि इसे अमल में लाने के लिए कई और बदलाव जरूरी हैं।

10 योजनाओं को करना होगा लागू
स्वर्ण जयंती वर्ष में प्रदेश सरकार की ओर से घोषित योजनाओं को अमली जामा पहनाना भी एक बड़ी चुनौती होगी। जिस रफ्तार से इन योजनाओं को औपचारिकताएं पूरी कर लागू किया जा रहा है, इसे हकीकत की शक्ल लेने में कुछ और वक्त लगने की उम्मीद है। स्वर्ण जयंती वर्ष के दौरान पूरे प्रदेश भर में 3000 से अधिक योजनाएं लागू करने की घोषणा कर दी गई है। इन घोषणाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए करीब एक साल की अवधि के दौरान पूरा करने के लिए रोजाना 10 योजनाओं को अमलीजामा पहनाना होगा।

कृषि क्षेत्र की चुनौती 
कृषि क्षेत्र में फसलों का मुआवजा देने के लिए बीमा पॉलिसी, सभी का हेल्थ कार्ड, प्रदेश के शत प्रतिशत लोगों के आधार नंबर लिंक करना सहित कई और चुनौतियां हैं, जिसे पूरा होने में पूरा साल भी लग सकता है। हालांकि इससे संबंधित तमाम पहलुओं पर गौर करने के लिए बाद सरकार तेजी से आगे कदम बढ़ा रही है। देखना होगा कि इसके लिए वक्त की कमी तो आड़े नहीं आएगी। हाउसिंग परियोजनाओं, शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए भी कदम आगे बढ़ाए जा रहे हैं, जिन्हें लागू करने के बाद ही समस्याओं का हल संभव होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed