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चंडीगढ़: कुत्तों को कहीं भी घुमाओ, अब नहीं कटेगा चालान, सदन में बहुमत से प्रस्ताव खारिज
Wed, 30 Mar 2022 12:21 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 30 Mar 2022 12:21 AM IST
सार
वर्ष 2018 में सदन की 259वीं बैठक में एक एजेंडा लाया गया था। उसमें कुत्तों को पालने व टहलाने में अनदेखी करने वाले लोगों पर जुर्माना बढ़ाने को कहा गया। क्योंकि लोग कुत्तों को पार्कों में टहलाकर गंदगी फैला रहे थे और कुत्तों को पार्क में ले जाते समय लोगों को काटने की घटनाएं भी बढ़ रहीं थीं।
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निगम सदन की बैठक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंडीगढ़ में अब कुत्तों को कहीं भी घुमाएं कोई चालान नहीं काटा जाएगा। नगर निगम की ओर से मंगलवार को सदन में कुत्तों को पार्क में घुमाने पर चालान की अधिकतम राशि 500 रुपये करने का प्रस्ताव लाया गया। बहुमत के आधार पर सदन ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इस संबंध में आयुक्त आनिंदिता मित्रा का कहना है कि पेट बायलॉज के अनुसार 500 रुपये से ज्यादा का चालान नहीं काटा जा सकता है, इसलिए निगम का कोई अधिकारी फिलहाल पांच हजार रुपये का चालान नहीं काटेगा, अब तक जो गलती जानबूझकर हुई, आगे नहीं की जाएगी।
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निगम ने सदन में रखे प्रस्ताव में बताया पहले कुछ गलतियों के कारण गलत एजेंडा पास हो गया था। इसमें सुधार करने के लिए प्रस्ताव लाया गया है। बायलॉज के अनुसार एक बार में 500 रुपये और प्रतिदिन 20 रुपये से ज्यादा का चालान नहीं काटा जा सकता है। ऐसे में गैरकानूनी तरीके से लोगों का पांच हजार रुपये का चालान नहीं काट सकते हैं। इस पूरे प्रकरण पर सदन नाखुश दिखा तो वोटिंग कराने का प्रस्ताव रखा गया। उसके बाद भाजपा के 13 पार्षदों ने प्रस्ताव को पास करने के पक्ष में वोटिंग की जबकि आम आदमी पार्टी व कांग्रेस के 18 पार्षदों ने मिलकर इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
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2018 में पास हुआ था प्रस्ताव, 2019 में जारी हुई अधिसूचना
वर्ष 2018 में सदन की 259वीं बैठक में एक एजेंडा लाया गया था। उसमें कुत्तों को पालने व टहलाने में अनदेखी करने वाले लोगों पर जुर्माना बढ़ाने को कहा गया। क्योंकि लोग कुत्तों को पार्कों में टहलाकर गंदगी फैला रहे थे और कुत्तों को पार्क में ले जाते समय लोगों को काटने की घटनाएं भी बढ़ रहीं थीं। कई बार विवाद पुलिस तक पहुंचा था। इस दौरान नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना 500 से बढ़ाकर 5000 रुपये करने की संस्तुति करने को कहा गया ताकि लोगों में डर रहे। वहीं, कुत्तों के पंजीकरण का शुल्क 200 से बढ़ाकर 500 रुपये करने का प्रस्ताव दिया गया। एजेंडे को सदन में पास करने के बाद प्रशासन के पास भेजा गया था। वर्ष 2019 में प्रशासन ने इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी। अब निगम का दावा है कि उस समय नियमों को नहीं देखा गया और जुर्माना गलत तरीके से बढ़ा दिया गया। नियमानुसार 500 रुपये से ज्यादा जुर्माना लगाया ही नहीं जा सकता है।
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जिन लोगों से नियम के खिलाफ वसूला जुर्माना, उन्हें भी होगी आपत्ति
इस संबंध में विपक्ष के नेताओं का कहना है कि जिन लोगों से चालान के अभी तक पांच हजार रुपये वसूले गए हैं, उन लोगों को भी आपत्ति रहेगी क्योंकि निगम के अनुसार मानकों को अनदेखा कर यह प्रस्ताव पास किया गया है। वहीं, पिछले सदन में सख्ती बढ़ाने की बात कही गई थी, जिस पर निगम उन्हें रियायत देने का एजेंडा ला रहा है। ज्ञात रहे कि पिछले सदन में लावारिस कुत्तों की समस्या को लेकर एजेंडा लाया गया था। इसके बाद गोवा की तर्ज पर पेट बायलॉज में बदलाव कर सदन के सामने प्रस्ताव लाने की बात कही गई थी।
लैंड पूलिंग पॉलिसी का प्रस्ताव पास
सदन में शहर के गांवों के लिए लैंड पूलिंग पॉलिसी बनाने का प्रस्ताव पास कर दिया गया। कांग्रेस और आप पहले इस प्रस्ताव को खारिज करना चाहते थे, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र का मुद्दा होने के कारण बाद में इस पर सहमति बन गई। पार्षदों ने कहा कि दूसरे राज्यों में यह नीति है, लेकिन चंडीगढ़ में इसकी ज्यादा जरूरत है। इससे एक तरफ निगम को राजस्व आएगा और दूसरी ओर गांवों का विकास भी होगा। इस प्रस्ताव पर प्रशासन से मंजूरी मिली तो शहर से सटे गांवों में लाल डोरे के बाहर बने निर्माण कार्य की समस्या दूर हो जाएगी। प्रशासन इसे अभी अवैध मानता है। शहर की तर्ज पर गांवों का विकास हो सकेगा। निगम के अनुसार 23 गांवों में 3 हजार एकड़ से ज्यादा भूमि कृषि योग्य है।