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सावधान! 2 से ज्यादा कुत्ते पाले तो चालान

Mon, 13 Jul 2015 04:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 13 Jul 2015 04:37 PM IST
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challan on more than 2 pet dogs in house

स्ट्रे डॉग्स के बाद अब नगर निगम पालतू कुत्तों के मालिकों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा है। इस समय शहर में 15 हजार पेट डॉग्स हैं, लेकिन सिर्फ 4455 डॉग ही नगर निगम के पास रजिस्टर्ड हैं, जबकि रजिस्ट्रेशन फीस मात्र 200 रुपये है।

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डॉग बायलॉज के अनुसार कोई भी दो से ज्यादा डॉग्स नहीं रख सकता है, मगर हाल यह है कि सैकड़ों लोगों ने दो से ज्यादा डॉग्स भी रखे हुए हैं। वहीं अब नगर निगम मेयर पूनम शर्मा ने एमओएच विंग से डिटेल रिपोर्ट मंगवा ली है।
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मेयर पूनम शर्मा का कहना है कि अब सिर्फ 10 दिन का समय लोगों को अपने डॉग्स रजिस्टर्ड करवाने के लिए दिए जाएंगे। उसके बाद घर-घर को चेक किया जाएगा। जिसने डॉग बायलाज का उल्लंघन किया होगा, उन पर कार्रवाई की जाएगी।
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पिछले साल काटे थे 180 चालानः
नगर निगम ने एक साल में डॉग बायलाज के तहत मात्र 180 लोगों के चालान काटे हैं। 2010 में डॉग बायलाज पास किया गया था। सेक्टर-22 के गवर्नमेंट वेटरनरी अस्पताल के ज्वाइंट निदेशक डॉ. एलके गुप्ता का कहना है कि इस समय शहर में पेट डॉग्स की संख्या 15 हजार तक होगी।

पूर्व मेयर सुभाष चावला का कहना है कि जो डिस्पेंसरियों में डॉग बाइट के मामले आ रहे हैं उनमें 40 प्रतिशत मामले पेट डॉग्स के काटने के आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पेट डॉग्स की संख्या स्ट्रे डॉग्स से ज्यादा है जिन पर अधिकारियों ने 5 साल में कोई ध्यान नहीं दिया है।

मेयर पूनम शर्मा का कहना है कि स्ट्रे डॉग्स को कंट्रोल करने के लिए उनकी नसबंदी का अभियान तो शुरू हो चुका है, लेकिन अब डॉग बायलाज के तहत पेट डॉग्स मालिकों पर शिकंजा कसा जाएगा। इसी माह घर-घर जाकर बायलाज लागू न करने वालों को चेक किया जाएगा। कुत्तों को शहर की ग्रीन बेल्ट्स और पार्कों में घुमाने ले जाने वालों के हाथ में लिफाफा जरूर होना चाहिए, नहीं तो चालान काटा जाएगा।

फॉसवेक अध्यक्ष बलजिंद्र सिंह बिट्टू का कहना है कि नगर निगम ने दो माह के भीतर 1500 डॉग्स की नसबंदी की है। उनका कहना है कि वह चाहते हैं कि नसबंदी करने के लिए और कंपनी को हायर की जाए, ताकि 4 से 5 माह में ही स्ट्रे डाग्स से लोगों को मुक्ति मिल जाए।

सजा भी हो चुकी है

2014 के सितंबर में अदालत ने सेक्टर-27 के एक निवासी को पेट डॉग पालने पर लाइसेंस न लेने का दोषी पाया था। दोषी को 200 रुपये जुर्माना देने के लिए कहा था, लेकिन उसने जब ऐसा करने से इंकार किया तो अदालत ने उसे चार दिन के लिए जेल भेज दिया। नगर निगम ने उसी व्यक्ति का 2013 के जुलाई में भी चालान काटा था।

चालान का प्रावधान
इस समय अगर कोई अपना डॉग रजिस्टर्ड नहीं करवाता है, तो उसके मालिक पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। अगर इसके बावजूद वह व्यक्ति डॉग्स को पालने का लाइसेंस नहीं लेता है, तो उस पर 7 दिन का प्रतिदिन के हिसाब से 20 रुपये जुर्माना लगाया जाता है उसके बाद डॉग्स को नगर निगम अपनी हिरासत में ले लेता है।


जब मालिक अपना डॉग छुड़वाता है उसे नगर निगम को प्रतिदिन के हिसाब से 100 रुपये रखरखाव का खर्चा भी अदा करना पड़ता है। अगर मालिक अपने डॉग्स को लेने के लिए नहीं आता है तो नगर निगम कुत्ते को बेच सकता है।

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