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बाल दिवस- बच्चों के लिए खास विजन था चाचा नेहरु का
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 14 Nov 2013 09:27 AM IST
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प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने सिटी ब्यूटीफुल की संकल्पना यूं ही नहीं की बल्कि इसके पीछे था उनका और उनकी टीम का एक विजन।
इस विजन में एक ऐसा शहर बसाने की मंशा थी जिसमें बच्चों के लिए खास जगह हो। फूलों से भरे घास के बागीचे हों, जहां बच्चे सकून से खेल सकें। बच्चों के लिए पार्क का कांसेप्ट इस शहर में सेक्टर-22 के नेहरू पार्क से ही पनपा था।
चाचा नेहरू ने 1952 में शहर का नींव पत्थर रखा था। चाचा नेहरू एक अच्छा वातावरण और एक अच्छा जीवन देना चाहते थे और इसी का नतीजा था आर्किटेक्ट ली काबूर्जिए की इंट्री। जिन्होंने ग्रिड के रूप मेें सेक्टर बनाए और पब्लिक की सुविधा को देखते हुए सड़कें डिजाइन कीं।
चंडीगढ़ आर्किटेक्चर म्यूजियम के आफिसर इंचार्ज डा. पीसी शर्मा ने कहा कि यह सिटी पंडित जवाहर लाल नेहरू को बच्चों से प्यार था और वे हमेशा देश के भविष्य के बारे में सोचते थे।
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सिटी की खुली हवा से इसका अंदाजा होता है। चंडीगढ़ के पहले चीफ आर्किटेक्ट एमएन शर्मा ने बताया कि पंडित जवाहर लाल नेहरू का विजन अनूठा था। यह सिटी उनके विजन को दर्शाती है।
जवाहरलाल नेहरू कहते थे कि चंडीगढ़ को लेकर बहुत से लोग तर्क करेंगे। कुछ इसे पसंद करेंगे और कुछ नापसंद। यह भारत में आर्किटेक्चर प्रयोग का सबसे बड़ा उदाहरण है। यह सीधे आपके दिमाग पर असर करता है और आपको सोचने को मजबूर करता है।
-
17 मार्च 1959 (भाषण)
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इस विजन में एक ऐसा शहर बसाने की मंशा थी जिसमें बच्चों के लिए खास जगह हो। फूलों से भरे घास के बागीचे हों, जहां बच्चे सकून से खेल सकें। बच्चों के लिए पार्क का कांसेप्ट इस शहर में सेक्टर-22 के नेहरू पार्क से ही पनपा था।
चाचा नेहरू ने 1952 में शहर का नींव पत्थर रखा था। चाचा नेहरू एक अच्छा वातावरण और एक अच्छा जीवन देना चाहते थे और इसी का नतीजा था आर्किटेक्ट ली काबूर्जिए की इंट्री। जिन्होंने ग्रिड के रूप मेें सेक्टर बनाए और पब्लिक की सुविधा को देखते हुए सड़कें डिजाइन कीं।
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चंडीगढ़ आर्किटेक्चर म्यूजियम के आफिसर इंचार्ज डा. पीसी शर्मा ने कहा कि यह सिटी पंडित जवाहर लाल नेहरू को बच्चों से प्यार था और वे हमेशा देश के भविष्य के बारे में सोचते थे।
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सिटी की खुली हवा से इसका अंदाजा होता है। चंडीगढ़ के पहले चीफ आर्किटेक्ट एमएन शर्मा ने बताया कि पंडित जवाहर लाल नेहरू का विजन अनूठा था। यह सिटी उनके विजन को दर्शाती है।
जवाहरलाल नेहरू कहते थे कि चंडीगढ़ को लेकर बहुत से लोग तर्क करेंगे। कुछ इसे पसंद करेंगे और कुछ नापसंद। यह भारत में आर्किटेक्चर प्रयोग का सबसे बड़ा उदाहरण है। यह सीधे आपके दिमाग पर असर करता है और आपको सोचने को मजबूर करता है।
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17 मार्च 1959 (भाषण)