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बीएसएफ का दायरा बढ़ाने का मामला: केंद्र के फैसले को हाईकोर्ट में दी चुनौती, कोर्ट ने याचिका का किया निपटारा
Wed, 15 Dec 2021 09:36 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 15 Dec 2021 09:36 PM IST
सार
बीएसएफ के क्षेत्राधिकार को बढ़ाने वाले केंद्र सरकार के फैसले को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। हालांकि यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। पंजाब सरकार ने पहले ही केंद्र के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे चुकी है।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्र सरकार की ओर से पंजाब, असम और पश्चिम बंगाल में बीएसएफ का दायरा सीमा से 50 किलोमीटर तक बढ़ाने के फैसले को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए चुनौती दी गई है। सिमरनजीत सिंह मान द्वारा दाखिल इस याचिका में फैसले को रद्द करने की हाईकोर्ट से मांग की गई है।
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मुख्य न्यायाधीश पर आधारित खंडपीठ ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पंजाब सरकार याचिका दायर कर चुकी है और वहां सुनवाई चल रही है। ऐसे में हाईकोर्ट में इस मुद्दे को लेकर याचिका दायर करने की कोई जरूरत नहीं है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने इस याचिका का निपटारा कर दिया है।
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याचिका में सिमरनजीत सिंह मान ने बताया कि केंद्र सरकार ने 13 अक्तूबर को बीएसएफ एक्ट में संशोधन कर पंजाब, असम और पश्चिम बंगाल में बीएसएफ का दायरा अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर से 50 किलोमीटर तक बढ़ा दिया है। इस तरह से अब बीएसएफ पंजाब के 50 किलोमीटर के दायरे के भीतर गिरफ्तारी, जब्तगी और सर्च कर सकती है।
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मान का आरोप है कि इसके जरिए केंद्र सरकार राज्य सरकार और राज्य की पुलिस के दायरे में घुसपैठ करने की कोशिश कर रही है। संविधान के अनुसार कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्य सरकार को दी गई है। अब केंद्र ने बीएसएफ का दायरा बढ़ाते हुए इसमें दखल दे दिया है। राज्य की पुलिस को कमतर आंका जा रहा है। इस संशोधन को रद्द करने की हाईकोर्ट से मांग की गई थी।