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सेंट्रलाइज ऑनलाइन एडमिशन का फैसला सरकार ने लिया वापस
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 12 May 2016 01:47 AM IST
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सीएम मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : amar ujala
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पीजी कोर्सों में सेंट्रलाइज ऑनलाइन एडमिशन के फैसले पर सरकार बैकफुट पर आ गई है। पिछले माह लिए गए फैसले को वापस लेते हुए सरकार ने पहले की ही भांति प्रदेश की यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए मंजूरी दे दी है। हालांकि, सेंट्रलाइज ऑनलाइन एडमिशन का सरकार का निर्णय कुछ हद तक छात्रों के पक्ष में था तो कुछ पर विपरीत प्रभाव पड़ता।
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पिछले माह उच्चतर शिक्षा विभाग ने स्टेट यूनिवर्सिटी को आदेश जारी किया था कि सत्र 2016-17 में होने वाली पीजी कोर्सों में सेंट्रलाइज ऑनलाइन एडमिशन होंगे। नए सिस्टम के आधार पर प्रदेश की केवल छह यूनिवर्सिटी में 21 पीजी कोर्सों के एडमिशन होने थे। इसके लिए इन यूनिवर्सिटी को कोर्स आवंटित किये गए थे। इसके तहत यदि कोई छात्र पीजी फार्मेसी कोर्स में एडमिशन लेता तो उसका एंट्रेंस वही यूनिवर्सिटी लेती, जिसे वह कोर्स आवंटित किया गया है।
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खास बात यह थी कि यह बदलाव केवल एंट्रेस एग्जाम तक सीमित था। छात्र को अपने आवेदन के समय मनपसंद तीन यूनिवर्सिटी का विकल्प देना था। एंट्रेस लेने के बाद संबंधित यूनिवर्सिटी उन तीन यूनिवर्सिटी में छात्र को रेफर करती, लेकिन सरकार इस फैसले पर एक माह में ही पलट गई। अब सभी स्टेट यूनिवर्सिटी को पत्र जारी किया गया है कि इस सत्र में पहले की ही तरह एडमिशन किए जाएं।
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सरकार के बैकफुट पर आने का कारण पिछले दिनों यूनिवर्सिटी में स्थायी कुलपति की नियुक्ति नहीं होना बताया जा रहा है। साथ ही एमडीयू, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी और रेवाड़ी यूनिवर्सिटी आदि में अच्छे तरीके से सॉफ्टवेयर रन ना करना भी कारण बताया जा रहा है।
सरकार का यह था उद्देश्य, यह पड़ता प्रभाव
सेंट्रलाइज ऑनलाइन एडमिशन को सरकार इस उद्देश्य से लागू करना चाहती थी कि यदि कोई छात्र केमिस्ट्री में एडमिशन लेना चाहता है तो उसे अलग-अलग यूनिवर्सिटी से प्रॉस्पैक्ट्स लेने की जरूरत नहीं पड़ती। छात्र केवल उसी यूनिवर्सिटी से प्रॉस्पैक्ट्स लेता, जिसे वह कोर्स आवंटित होता। इसमें छात्र के भी पैसे बचते और एडमिशन में पारदर्शिता भी होती। हालांकि, कुछ छात्रों को इसका यह नुकसान होता कि यदि कोई कोर्स एमडीयू में आवंटित है और छात्र कुरुक्षेत्र का रहने वाला है तो उसे एंट्रेस देने के लिए एमडीयू में आना पड़ता।
इस तरह आवंटित किए थे पीजी के 21 कोर्स
सरकार की तरफ से प्रदेश की जिन छह यूनिवर्सिटी को चयनित किया गया था उनमें एमडीयू को फार्मेसी, कैमेस्ट्री और लाइफ साइंस की जिम्मेदारी दी गई थी। कुरूक्षेत्र यूनिवर्सिटी, बीपीएस खानपुर यूनिवर्सिटी, सीआरएसयू जींद, सीबीएलयू भिवानी और इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी मीरपुर रेवाड़ी को शामिल किया गया था। सभी को अलग-अलग तरह से तीन या चार-चार कोर्स आवंटित किए गए थे।