फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Central Government Decision on Arms Act

आर्म्स एक्ट पर केंद्र सरकार का रुख नरम, लेकिन पंजाब की मांग नहीं मानी, और लिया बड़ा फैसला

Tue, 10 Dec 2019 12:44 PM IST
खुशबू गोयल हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़
हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 10 Dec 2019 12:44 PM IST
विज्ञापन
Central Government Decision on Arms Act
प्रतीकात्मक तस्वीर
सशस्त्र लाइसेंस के आधार पर हथियार रखने की संख्या को लेकर लाए जा रहे संशोधन से केंद्र सरकार ने एक कदम पीछे खींच लिया है। वहीं उसने पंजाब सरकार के आग्रह को भी शब्दश: स्वीकार न करते हुए अब एक लाइसेंस दो हथियार की नीति बनाने का फैसला किया है। पंजाब सरकार पुराने नियम एक लाइसेंस तीन हथियार को बनाए रखने की मांग कर रही थी।
विज्ञापन


हालांकि केंद्र के नए फैसले पर पंजाब सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। सोमवार को लोकसभा में पटियाला से सांसद परनीत कौर ने यह मुद्दा उठाया, जिसके जवाब में गृह राज्य मंत्री जी. कृष्णा रेड्डी ने जानकारी दी कि अब एक लाइसेंस पर दो हथियार रखने का प्रावधान होगा। दरअसल, परनीत कौर ने भी पंजाब सरकार का पक्ष रखते हुए सदन में कहा कि पंजाब बार्डर स्टेट है और ग्रामीण इलाकों में ज्यादातर लोग ढाणियों में रहते हैं, जिन्हें अपनी और अपनी फसलों की हिफाजत के लिए हथियारों की जरूरत पड़ती है।
विज्ञापन


परनीत कौर ने केंद्र से एक लाइसेंस एक हथियार के फैसले का विरोध करते हुए मांग की कि इसे पहले की तरह एक लाइसेंस तीन हथियार ही रहने दिया जाए। इस पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने सदन में बताया कि केंद्र सरकार ने अब एक लाइसेंस दो हथियार पर फैसला लिया है। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने नवंबर के दौरान छह दशक पुराने आर्म्स एक्ट में संशोधन करने का फैसला लिया था, जिसमें एक से अधिक हथियार रखने पर रोक लगाने की बात कही गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

कैप्टन ने केंद्र को लिखा था पत्र

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 29 नवंबर को पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर संशोधित आर्म्स एक्ट में पंजाब को छूट देने की मांग की थी। उन्होंने लिखा था- पंजाब बार्डर स्टेट है और यहां लंबे समय तक आतंकवाद रहा है। ऐसे में अधिकांश लोगों के पास एक से ज्यादा हथियार हैं। इसके अलावा उन्होंने यह भी तर्क दिया कि किसान गांव से दूर फार्म व ढाणियों में रहते हैं। फसल की सुरक्षा के लिए हथियार जरूरी हैं।

पंजाब के हर सोलहवें घर में हथियार
पंजाब के 3.44 लाख लोगों के पास आर्म्स लाइसेंस हैं, जिनमें 11 हजार लाइसेंस महिलाओं के नाम हैं। आंकड़ों के अनुसार, इस समय पंजाब में हर 16वें घर में आर्म्स लाइसेंस है और प्रत्येक 80वें व्यक्ति के पास लाइसेंसी हथियार है। खास बात यह भी है कि पंजाब पुलिस के पास इतने हथियार नहीं हैं, जितने पंजाब के लोगों के पास हैं। राज्य में लाइसेंसी हथियारों की संख्या 5 लाख के पार पहुंच चुकी है। इनमें ज्यादातर लाइसेंसधारकों के पास .32 बोर की रिवाल्वर हैं।

इस तरह, लाइसेंसी हथियार रखने के मामले में पंजाब देश में यूपी के बाद दूसरे नंबर पर है। पड़ोसी राज्य हरियाणा 1.14 लाख लाइसेंसी हथियारों के साथ पांचवें नंबर पर है। वर्ष 2012 में जहां पंजाब में 3.75 लाख लाइसेंसी हथियार थे, 2016 में सूबे की आसान आर्म्स लाइसेंस नीति के चलते इनकी संख्या बढ़कर 4.50 लाख तक पहुंच गई है।

लाइसेंसी हथियारों से हो रही हत्याएं और अपराध

लाइसेंस हथियार का उद्देश्य जहां आत्मरक्षा के लिए हथियार का इस्तेमाल करना है, वहीं पंजाब में ज्यादातर अपराधों में लाइसेंसी हथियारों का इस्तेमाल होने के मामले सामने आ रहे हैं। 5 दिसंबर, 2016 को बठिंडा के मंडी में विवाह समारोह के दौरान मंच पर डांस कर रही एक डांसर को लाइसेंसी हथियार से फायरिंग में गोली मार दी गई।

फरीदकोट के गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला में एक डेरा प्रेमी, मोगा के एक डेरामुखी और हनुमानगढ़ में एक धार्मिक डेरे के बाबा की हत्या में लाइसेंसी हथियार इस्तेमाल हुए, जिनका खुलासा 2017 में फिरोजुपर में गुरप्रीत सिंह गोली व उसके साथी अमना सेठ के पकड़े जाने के बाद हुआ। इन दोनों अपराधियों के पास आर्म्स लाइसेंस था।

30 मार्च, 2019 को खर? में ड्रग इंस्पेक्टर नेहा शोरी की गोली मारकर एक केमिस्ट ने हत्या कर दी, जिसे 11 मार्च को ही रोपड़ जिला मजिस्ट्रेट ने आर्म्स लाइसेंस जारी किया था। बठिंडा में नवंबर माह के दौरान दो दिन में ही दो विवाह समारोहों में लाइसेंसी हथियारों से तीन हत्याएं हुईं। 1 दिसंबर, 2019 को मोगा के धर्मकोट में विवाह समारोह के दौरान डीजे संचालक की गाना न चलाने पर शराब में धुत लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इसमें भी लाइसेंसी हथियार इस्तेमाल हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed