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राहतः 10 साल का इंतजार खत्म, यूटी इंप्लाइज हाउसिंग स्कीम को कैबिनेट की हरी झंडी
Thu, 03 Jan 2019 11:55 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 03 Jan 2019 11:55 AM IST
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प्रॉपर्टी, फ्लैट, हाउस
- फोटो : डेमो फोटो
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10 साल के लंबे इंतजार के बाद यूटी इंप्लाइज के लिए राहत भरी खबर आई है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड को भूमि के आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने यूटी कर्मचारियों के लिए स्व-वित्तपोषित आवास योजना के तहत 3930 आवंटियों के लिए चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड को भूमि के आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। सेल्फ फाइनेंसिंग हाउसिंग स्कीम के तहत सीएचबी ने वर्ष 2008 में सभी श्रेणियों के पात्र यूटी कर्मचारियों की आवास देने की योजना बनाई थी।
स्कीम के लिए 4 अक्टूबर 2010 को ड्रा हुआ था, जिसमें 7811 आवेदकों में से 3930 आवेदकों आवास लेने का पात्र पाया गया था। बता दें कि वर्ष 2008 में गृह मंत्रालय ने यूटी प्रशासन की इंप्लाइज हाउसिंग स्कीम को रद्द कर दिया था लेकिन भाजपा सांसद किरण खेर के प्रयास से वर्षों से लटकी हाउसिंग स्कीम को हरी झंडी मिल गई है। साल 2008 में यूटी कर्मचारियों के लिए सेल्फ फाइनेंसिंग हाउसिंग स्कीम लांच की गई थी। इस स्कीम के तहत 61.5 एकड़ जमीन को हाउसिंग बोर्ड को अलॉट करने की बात कही गई थी लेकिन गृह मंत्रालय ने इससे इनकार कर दिया था।
इस स्कीम के तहत हाउसिंग बोर्ड के 3930 आवंटियों के 57 करोड़ रुपये बोर्ड के पास बीते 7 साल से जमा हैं। बताया जाता है कि बोर्ड के पास मौजूदा समय में 1167 एकड़ जमीन पड़ी है जबकि इंप्लाइज यूनियन के लिए केवल 67 एकड़ जमीन की जरूरत है। अब कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इंप्लाइज स्कीम के आवंटियों को फ्लैट्स मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
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स्कीम के लिए 4 अक्टूबर 2010 को ड्रा हुआ था, जिसमें 7811 आवेदकों में से 3930 आवेदकों आवास लेने का पात्र पाया गया था। बता दें कि वर्ष 2008 में गृह मंत्रालय ने यूटी प्रशासन की इंप्लाइज हाउसिंग स्कीम को रद्द कर दिया था लेकिन भाजपा सांसद किरण खेर के प्रयास से वर्षों से लटकी हाउसिंग स्कीम को हरी झंडी मिल गई है। साल 2008 में यूटी कर्मचारियों के लिए सेल्फ फाइनेंसिंग हाउसिंग स्कीम लांच की गई थी। इस स्कीम के तहत 61.5 एकड़ जमीन को हाउसिंग बोर्ड को अलॉट करने की बात कही गई थी लेकिन गृह मंत्रालय ने इससे इनकार कर दिया था।
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इस स्कीम के तहत हाउसिंग बोर्ड के 3930 आवंटियों के 57 करोड़ रुपये बोर्ड के पास बीते 7 साल से जमा हैं। बताया जाता है कि बोर्ड के पास मौजूदा समय में 1167 एकड़ जमीन पड़ी है जबकि इंप्लाइज यूनियन के लिए केवल 67 एकड़ जमीन की जरूरत है। अब कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इंप्लाइज स्कीम के आवंटियों को फ्लैट्स मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
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इसलिए लगाई थी रोक
चंडीगढ़ प्रशासन के इस प्रोजेक्ट पर केंद्र सरकार के कानून एवं न्याय मंत्रालय द्वारा आपत्ति दर्ज की गई थी, जिस पर केंद्र ने प्रशासन से जवाब मांगा था। प्रशासन द्वारा अपना पक्ष रखा गया था, जिस पर अब केंद्र राजी हो गया है। बताया कि सेक्टर-53 में 1200 एकड़ जमीन पर 900 फ्लैट्स के निर्माण के लिए आर्किटेक्ट विभाग को ड्राइंग अप्रूव करने के निर्देश दिए हैं। दो माह पहले अप्रूव के लिए आर्किटेक्ट विभाग को ड्राइंग सबमिट की गई थी।
अब होंगे छह फ्लोर
पहले बोर्ड ने 900 फ्लैट का निर्माण करने का फैसला लिया था। अब इसमें पांच फ्लोर की जगह छह फ्लोर होंगे। पहले 2000 स्क्वायर फुट के थ्री बेडरूम फ्लैट का निर्माण करने का फैसला था, लेकिन अब 1400 स्क्वायर फुट के टू बेड रूम फ्लैट और 900 स्क्वायर फीट के वन बेडरूम फ्लैट होंगे।
कोर्ट ने भी लगाई थी फटकार
हाउसिंग स्कीम के तहत कर्मचारियों के लिए फ्लैट निर्माण को लेकर हाल ही में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की फटकार के बाद चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने बैठक की। इसमें चीफ आर्किटेक्ट विभाग को निर्देश दिए गए कि 900 फ्लैट के लिए लंबित पड़ी ड्राइंग को अगले दो दिन में मंजूर करके जमा किया जाए ताकि फ्लैट्स के निर्माण का काम तेजी से कराया जा सके। इस स्कीम के तहत 3930 फ्लैट्स का निर्माण करवाया जाना है। इस संदर्भ में सांसद खेर ने बताया कि वह इस मसले को लेकर कई बार गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलीं, जिसके बाद केंद्र सरकार द्वारा यह निर्णय लिया गया। इसके लिए उन्होंने गृहमंत्री का आभार भी प्रकट किया।
सीएचबी हाउसिंग वेलफेयर सोसायटी ने जताई खुशी
यूटी इंप्लाइज सीएचबी हाउसिंग वेलफेयर सोसायटी की बुधवार को आपातकालीन बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता बलविंदर सिंह ने की। सोसायटी के महासचिव डॉ. धर्मेंद्र ने बताया कि केंद्र सरकार की कैबिनेट ने कर्मचारियों की 11 साल पुरानी इंप्लाइज हाउसिंग स्कीम की मंजूरी दे दी है। इस पर सोसायटी के पदाधिकारियों और सदस्यों ने खुशी जाहिर की।
अब होंगे छह फ्लोर
पहले बोर्ड ने 900 फ्लैट का निर्माण करने का फैसला लिया था। अब इसमें पांच फ्लोर की जगह छह फ्लोर होंगे। पहले 2000 स्क्वायर फुट के थ्री बेडरूम फ्लैट का निर्माण करने का फैसला था, लेकिन अब 1400 स्क्वायर फुट के टू बेड रूम फ्लैट और 900 स्क्वायर फीट के वन बेडरूम फ्लैट होंगे।
कोर्ट ने भी लगाई थी फटकार
हाउसिंग स्कीम के तहत कर्मचारियों के लिए फ्लैट निर्माण को लेकर हाल ही में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की फटकार के बाद चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने बैठक की। इसमें चीफ आर्किटेक्ट विभाग को निर्देश दिए गए कि 900 फ्लैट के लिए लंबित पड़ी ड्राइंग को अगले दो दिन में मंजूर करके जमा किया जाए ताकि फ्लैट्स के निर्माण का काम तेजी से कराया जा सके। इस स्कीम के तहत 3930 फ्लैट्स का निर्माण करवाया जाना है। इस संदर्भ में सांसद खेर ने बताया कि वह इस मसले को लेकर कई बार गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलीं, जिसके बाद केंद्र सरकार द्वारा यह निर्णय लिया गया। इसके लिए उन्होंने गृहमंत्री का आभार भी प्रकट किया।
सीएचबी हाउसिंग वेलफेयर सोसायटी ने जताई खुशी
यूटी इंप्लाइज सीएचबी हाउसिंग वेलफेयर सोसायटी की बुधवार को आपातकालीन बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता बलविंदर सिंह ने की। सोसायटी के महासचिव डॉ. धर्मेंद्र ने बताया कि केंद्र सरकार की कैबिनेट ने कर्मचारियों की 11 साल पुरानी इंप्लाइज हाउसिंग स्कीम की मंजूरी दे दी है। इस पर सोसायटी के पदाधिकारियों और सदस्यों ने खुशी जाहिर की।