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Chandigarh PGI: पीजीआई में 60वें स्थापना दिवस का जश्न, पद्मश्री अवार्डी अजीत बजाज बने मुख्य अतिथि

Thu, 07 Jul 2022 11:55 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 07 Jul 2022 11:55 AM IST
सार

प्रतिवर्ष देशभर के 30 लाख से भी ज्यादा मरीजों का इलाज करने वाले इस संस्थान में 593 संकाय सदस्य, 277 रेजिडेंट डॉक्टर (प्रायोजित/विदेशी राष्ट्रीय श्रेणियों सहित) हैं। वहीं 62 सीनियर रेजीडेंट कुछ दिनों पहले ही संस्थान में शामिल हुए हैं।  

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Celebration on 60th Foundation Day of Chandigarh PGI
पीजीआई का 60वां स्थापना दिवस समारोह आयोजित। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ पीजीआई का गुरुवार को 60वां स्थापना दिवस समारोह मनाया गया। इस दौरान पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित अजीत बजाज ने कहा कि पीजीआई देश के शीर्ष चिकित्सा संस्थानों में अपना दबदबा कायम किए हुए है। हम आशा करते हैं कि यह संस्थान जल्द ही प्रथम स्थान को प्राप्त करें। बजाज स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि सपनों की उड़ान सोच से भी ऊंची होनी चाहिए और उसे पूरा करने का जज्बा उससे भी दुगना, तभी हमारे सपने हकीकत में बदल सकते हैं। इस दौरान उन्होंने बेटियों को हर क्षेत्र में बराबरी से आगे लाने का प्रयास करने की अपील की। उनका कहना है कि बेटियां किसी भी स्तर पर बेटों से कम नहीं। अगर उन्हें मौका दिया जाए तो वह खुद को साबित कर मिसाल कायम कर सकती हैं। इस अवसर पर उनकी बेटी दीया बजाज विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित थीं। 

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अजीत बजाज और उनकी बेटी दीया बजाज माउंट एवरेस्ट फतह करने वाले पहले भारतीय पिता-पुत्री हैं। कार्यक्रम में पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल व अतिथि ने संस्थान के विकास में सराहनीय योगदान देने वाले 26 कर्मचारियों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर डीडीए कुमार गौरव धवन, चिकित्सा अधीक्षक प्रो विपिन कौशल और वित्तीय सलाहकार कुमार अभय समेत डॉक्टर, अधिकारीगण व कर्मचारी मौजूद थे।
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कार्यक्रम में पीजीआई के इतिहास के साथ ही मौजूदा स्थिति से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट भी पेश की गई। जिसमें बताया गया कि प्रतिवर्ष देशभर के 30 लाख से भी ज्यादा मरीजों का इलाज करने वाले इस संस्थान में 593 संकाय सदस्य, 277 रेजिडेंट डॉक्टर (प्रायोजित/विदेशी राष्ट्रीय श्रेणियों सहित) हैं। वहीं 62 सीनियर रेजीडेंट कुछ दिनों पहले ही संस्थान में शामिल हुए हैं। वहीं मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के उद्देश्य से संस्थान अपने सहयोगी सेंटरों को भी बेहतर बनाने का प्रयास लगातार कर रहा है।

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रैंकिंग में बरकरार रही धमक 

नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (निरफ 2021) में पीजीआई चंडीगढ़ ने शानदार प्रदर्शन कर मेडिकल श्रेणी में लगातार चौथी बार देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त किया। कोविड के दौरान भी पीजीआई को देशभर के टॉप मेडिकल कॉलेज की सूची में दूसरे स्थान के साथ 100 मे से 82.62 अंक मिले।

महामारी में भी कर डाले 576 शोध

महामारी के दौरान जब संस्थान कोविड डेडिकेटेड अस्पताल का संचालन कर रहा था उस दौरान भी शोध कार्य जारी थे। डॉक्टर मरीजों की जान बचाने के साथ ही महामारी पर काबू पाने के लिए दिनरात मेहनत कर रहे थे। नतीजन 576 शोध करने में सफलता भी हासिल कर ली। 

बायो मेडिकल डिवाइस हब बना खास

कोविड के दौरान संस्थान में स्थापित किए गए बायो मेडिकल इंस्ट्रूमेंट्स एंड डिवाइसेज हब में कैलिब्रेशन टेस्टिंग लैब की मदद से चिकित्सकीय उपकरणों को सुरक्षा प्रदान की रही है। वहीं, इस लैब के जरिए पीजीआई किसी भी उपकरण को प्रयोग करने से पहले कैलिब्रेटेड एनलाइजर से जांच कर रहा है। खासतौर पर नए खरीदे उपकरणों को इस लैब में जांच केबाद ही पीजीआई मंजूरी दे रहा है, ताकि मरीजों को दी जाने वाली सुविधा में और सुधार किया जा सके। पीजीआई इस लैब में सिरिंज पंप से लेकर रोगी मॉनिटर, एक्स-रे, सीटी स्कैन, एमआरआई, सेरेब्रल पाल्सी के बच्चों के मोटर रिहैबिलिटेशन डिवाइस, आर्टिफिशियल ब्रीदिंग कैपेबिलिटी डिवाइस, टीचिंग लैरींगोस्कोप, डबल वॉल्यूम एक्सचेंज मशीन जैसे उपकरणों का परीक्षण कर चुका है। पीजीआई के इस कार्य में पीयू के साथ आईआईटी रोपड़, आईआईटी मंडी, ईमटेक, आईसर, सीएसआईओ और इंस्टीट्यूट ऑफ नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी सहयोग कर रहा है।

कोविड में बचाई हजारों मरीज की जान

कोविड के दौरान जब केन्द्र सरकार ने पीजीआई को कोविड अस्पताल बनाने का निर्देश दिया तो उस कार्य को संस्थान ने सफलता पूर्वक पूरा किया। महामारी की चरम स्थिति में पीजीआई के डॉक्टरों और पेरामेडिकल ने अपनी जान की परवाह किए बिना मरीजों की जान बचाने का प्रयास जारी रखा। नतीजन देशभर से आए कोरोना के 6494 मरीजों की जान बचाई और इस दौर में भी अपनी एक अलग पहचान कायम की।

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