Holi 2022: दो साल बाद बाजारों में रौनक, आज उड़ेगा रंग-गुलाल, मगर ये सावधानियां जरूर बरतें
चंडीगढ़ के मंदिरों व अन्य जगहों पर गुरुवार की शाम को होलिका दहन का आयोजन किया गया। होलिका दहन से पहले मंदिर कमेटियों ने पूजा और परिक्रमा की। सेक्टर-24 के प्राचीन शिव मंदिर शिवालय खेमपुरी में शाम को होलिका दहन किया गया।
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इस बार होली के त्योहार ने बाजार की रौनक बढ़ा दी है। चारों तरफ रंग गुलाल की दुकानें सज गई हैं। दुकानों पर खरीदारी के लिए लोगों की अच्छी खासी भीड़ देखने मिल रही है। बीते दो सालों में कोरोना के चलते होली का त्योहार बेरंग था। रंग गुलाल के व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को इसमें भारी नुकसान झेलना पड़ा था। इस बार बाजार में दिख रहे उत्साह से पुराने नुकसान की भरपाई होने की काफी संभावनाएं दिख रही हैं।
सेक्टर-18 की मार्केट में होली के सामान के विक्रेता हितेश ने बताया कि 2021 में ग्राहक कोरोना के डर से घर से बाहर नहीं निकला था। इस वजह से नुकसान झेलना पड़ा था लेकिन इस बार हालात ठीक हैं। कोरोना के बाद लोगों में हर्बल गुलाल की मांग बढ़ गई है। अब तक दुकानदार रंग की दुकान 3 दिन तक लगाते थे लेकिन इस बार प्रशासन से अनुमति लेकर दुकान को पांच दिन तक खोला जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस होली पर बेचने के लिये तीन क्विंटल गुलाल लेकर आए हैं। उनका कहना है कि इस होली में इतना गुलाल वह आसानी से बेच देंगे।
किसका कितना दाम
- रंग 10 से 20 रुपये
- गुलाल 20 रुपये
- गुलाल(हर्बल) 40 से 70 रुपये
- पिचकारी 50 रुपये से शुरू
- स्मोक कलर 150 से 700 रुपये
होली पर रखें अपना ख्याल, बचाव संग करें रंगों का इस्तेमाल
कोरोना महामारी के कारण लगभग दो साल बाद इस बार लोग पूरे उत्साह के साथ होली मनाएंगे। कोरोना संक्रमण बेशक घट गया हो लेकिन एहतियात बरतना अभी भी जरूरी है। वहीं रंगों को लेकर भी थोड़ा सचेत रहने की जरुरत है। केमिकलयुक्त रंगों से त्वचा और आंखों का बचाव जरूरी है। पंचकूला के नेशनल स्किन हॉस्पिटल के डॉक्टर विकास शर्मा ने बताया कि थोड़ी सी लापरवाही आपके त्योहार की खुशियों में खलल डाल सकती है इसलिए बचाव जरूरी है। इस मौसम में त्वचा संबंधी बीमारियां भी तेजी से बढ़ती हैं, इसलिए अतिरिक्त देखभाल की जरूरत है।
होली खेलते वक्त बरतें यह उपाय
- सूखा रंग आंख या मुंह में घुस सकता है, इसलिए सावधानी जरूरी है।
- जबरन होली खेलने से परहेज किया जाए क्योंकि इसके नतीजे में अनजाने में चोट लग सकती है
- सुरक्षात्मक चश्मे का इस्तेमाल करें
- जहरीले रासायनिक रंगों का इस्तेमाल न करें, इससे जलन, एलर्जी हो सकती है
- रंग आंखों में जाने पर रगड़ने से बचें, आंख में दिक्कत हो सकती है
- पूरे शरीर पर नारियल का तेल लगाएं क्योंकि रूखी स्किन में आसानी से रसायन घुस सकते हैं
- सिर पर सरसों का तेल इस्तेमाल करें
- अगर आप सूखे रंगों के साथ होली खेल रहे हैं तो चेहरे और हाथों को नियमित तौर पर धोएं
मंदिर कमेटियों ने किया होलिका दहन
चंडीगढ़ के मंदिरों व अन्य जगहों पर गुरुवार की शाम को होलिका दहन का आयोजन किया गया। होलिका दहन से पहले मंदिर कमेटियों ने पूजा और परिक्रमा की। सेक्टर-24 के प्राचीन शिव मंदिर शिवालय खेमपुरी में शाम को होलिका दहन किया गया। मंदिर के प्रबंधक गोविंद हरि ने बताया कि शाम को भगवान शिव का विशेष शृंगार और आरती की गई।
आरती के बाद होलिका दहन किया गया। सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर, सेक्टर-11 के श्री सनातन धर्म मंदिर सहित अन्य मंदिरों में होलिका दहन का आयोजन हुआ। श्री हनुमंत धाम में महिला सुंदरकांड सभा की ओर से होलिका दहन किया गया। सभा की प्रधान नीना तिवारी ने बताया कि 8 फुट लंबे फ्लैक्स पर होलिका का चित्र बनाया। इसके बाद मंत्रोच्चार के साथ होलिका दहन किया गया।