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सावधान! चंडीगढ़ में अब तेज रफ्तार वाहन दौड़ाया तो सीधे घर पहुंचेगा चालान, झेलेंगे नुकसान

Thu, 30 May 2019 11:48 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 30 May 2019 11:48 AM IST
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cctv camera on road for traffic challan in chandigarh
ट्रैफिक हवलदार
चंडीगढ़ में अगर आप तेज रफ्तार से वाहन चलाते हैं तो सावधान हो जाइए... क्योंकि अब आप सीसीटीवी कैमरे की नजर से बच नहीं पाएंगे। जैसे ही आप किसी चौक से तेज रफ्तार में निकलेंगे, सीसीटीवी कैमरे में तत्काल आपके वाहन की स्पीड काउंट हो जाएगी। इसके बाद चालान रसीद स्वयं ही आपके घर पहुंच जाएगी।
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खास बात यह है कि लगातार तीन बार यातायात नियमों के उल्लंघन पर आपका ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम (आईसीसी) के तहत शहर के प्रमुख 747 स्थानों पर हाईटेक सीसीटीवी कैमरे लगवाए जा रहे हैं। साथ ही अपराधी भी अब अपराध करके बच नहीं पाएंगे।
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सिटी में लोगों की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए सिटी में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल का हाईटेक सिस्टम विकसित करना प्रशासक वीपी सिंह बदनौर का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है। अब सिटी में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है। करीब 164 करोड़ की लागत से शहर के 40 लोकेशन पर 747 हाईटेक सीसीटीवी कैमरे लगवाए जा रहे हैं।
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साथ ही ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए स्पीकर भी लग रहे हैं, जिससे कि लोगों को जाम की सही स्थिति का अंदाजा लग सके। मटका चौक के साथ ही शहर के कई चौक में ये हाईटेक कैमरों के साथ स्पीकर लग चुके हैं। शेष जगहों पर कैमरे लगवाने का काम चल रहा है।

बीईएल कंपनी के साथ हुआ था करार

छह माह पूर्व चंडीगढ़ प्रशासन ने प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के मौजूदगी में भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड (बीईएल) के साथ करार कर लिया था। उस समय कंपनी ने तीन महीने में काम शुरू करने की बात कही थी। जानकारी के मुताबिक, पूरे शहर में आईसीसी को ठीक तरीके से विकसित करने में एक साल से अधिक का समय लग जाएगा। अभी चौक पर कैमरे और स्पीकर लगाने का काम चल रहा है। एडवाइजर मनोज परिदा के मुताबिक शहर की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए आईसीसी सिस्टम को एक खास तरीके से विकसित कराया जा रहा है। यह सिस्टम ऐसा होगा कि शहर में यह एक इंसान के ब्रेन की तरह काम करेगा।

हाईटेक होगा कमांड सेंटर
सिटी में निर्धारित जगहों पर कैमरे और स्पीकर लगने के बाद सेक्टर-17 के स्मार्ट सिटी कार्यालय में कमांड ऑफिस बनेगा। यह सेंटर बेहद हाईटेक होगा। शहर के गवर्नमेंट स्कूलों, हास्पिटलों, कम्यूनिटी सेंटरों, वॉटर वर्क्स और ट्यूबवेलों पर कैमरे लगेंगे। फिक्सड और पीटीजेड कैमरों के जरिए इन पर नजर रखी जाएगी। साथ ही स्मार्ट लाइटिंग, स्मार्ट पार्किंग, पब्लिक बाइक शेयरिंग, सीटीयू सर्विसेज, टैक्सी एवं बस सर्विसेज को इस कमांड सेंटर से जोड़ा जाएगा ताकि रीयल टाइम स्टेट्स पता चल सके।

ऐसे रहेगी हर एक वाहन पर नजर
इस प्रोजेक्ट के तहत शहर के ट्रैफिक को मैनेज करने के लिए सिटी के विभिन्न ट्रैफिक लाइटों और मुख्य चौकों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट पहचानने के लिए रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन के लिए और ओवर स्पीड व्हीकल डिटेक्शन सिस्टम के लिए 40 विभिन्न लोकेशन पर 747 कैमरे लगाए जा रहे हैं। 40 लोकेशंस पर अडॉप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम (एटीसीएस) के द्वारा ट्रैफिक लाइटों की मानीटरिंग होगी।
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