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Chandigarh News: पूर्व एसपी समेत चार पुलिसकर्मियों से आज सीबीआई करेगी पूछताछ
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चंडीगढ़। शहर के एक मॉल में महिला से छेड़खानी के मामले में सुबूत मिटाने और बिना अनुमति कॉल डिटेल निकालकर आरोपी को देने के आरोपों में घिरे यूटी पुलिस के
मुलाजिमों की मुश्किलें बढ़नी शुरू हो गईं हैं। केस दर्ज करने के बाद अब सीबीआई इनसे पूछताछ शुरू कर दी है। सोमवार को सीबीआई टीम ने चंडीगढ़ के पूर्व एसपी सहित दो इंस्पेक्टरों और एक सब इंस्पेक्टर को पूछताछ के लिए सीबीआई कार्यालय में तलब किया है। एक इंस्पेक्टर व एसआई से शनिवार को को करीब 6 घंटे पूछताछ की गई थी।
सीबीआई की ओर से दर्ज मामले के मुताबिक, चार अप्रैल 2022 को एक महिला की शिकायत पर शहर के एक मॉल के पूर्व निदेशक अनिल मल्होत्रा के खिलाफ इंडस्ट्रियल एरिया थाने में आईपीसी की धारा 354, 354 (डी), 294, 506, 509, 384 के तहत केस दर्ज किया गया था। मामले में पुलिस ने आरोपी अनिल मल्होत्रा को गिरफ्तार कर उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया था। सीबीआई की जांच में यह बात सामने आई कि इंडस्ट्रियल एरिया थाने के तत्कालीन एसएचओ राम रतन के मौखिक निर्देश पर महिला जांच अधिकारी ने वह मोबाइल एसआई सत्यवान को दे दिया, जिसे नियमानुसार सील नहीं किया गया।
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सीबीआई के मुताबिक, तत्कालीन एसएचओ राम रतन और एसआई सत्यवान ने आरोपी पक्ष के साथ मिलकर आरोपी के जब्त मोबाइल फोन (आईफोन 12) को दूसरे फोन से बदल दिया और रिकॉर्ड में आरोपी के आईफोन-12 की जगह आईफोन-7 दिखाया गया। बदला गया फोन जांच के लिए सीएफएसएल लैब भेजा गया। सीएफएसएल लैब से मिली रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी अनिल मल्होत्रा ने केस दर्ज होने के बाद आईफोन-7 में सिम कार्ड डाला था। उस नंबर की आखिरी लोकेशन भी सेक्टर-9 की निकली थी। जांच के दौरान पता चला कि एसएचओ राम रतन और एसआई सत्यवान ने एक साजिश के तहत जब्त किए गए आरोपी के मोबाइल फोन को ही बदल दिया था। इसी कारण सीबीआई ने इन दोनों के खिलाफ आईपीसी 167, 193,201,204,218,120-बी व करप्शन एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।
इसके अलावा चंडीगढ़ के पूर्व एसपी रोशन लाल व इंस्पेक्टर पवनेश कुमार के खिलाफ भी सीबीआई ने इसी प्रकरण से संबंधित धोखाधड़ी व मिलीभगत सहित आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। आरोपी पवनेश कुमार ने एसपी के मौखिक आदेशों पर कुछ मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल निकालकर महिला से छेड़खानी के मामले में नामजद आरोपी अनिल मल्होत्रा को उपलब्ध करवाई थी। सीबीआई ने इन दोनों आरोपियों को भी जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी कर दिया है।
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मुलाजिमों की मुश्किलें बढ़नी शुरू हो गईं हैं। केस दर्ज करने के बाद अब सीबीआई इनसे पूछताछ शुरू कर दी है। सोमवार को सीबीआई टीम ने चंडीगढ़ के पूर्व एसपी सहित दो इंस्पेक्टरों और एक सब इंस्पेक्टर को पूछताछ के लिए सीबीआई कार्यालय में तलब किया है। एक इंस्पेक्टर व एसआई से शनिवार को को करीब 6 घंटे पूछताछ की गई थी।
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सीबीआई की ओर से दर्ज मामले के मुताबिक, चार अप्रैल 2022 को एक महिला की शिकायत पर शहर के एक मॉल के पूर्व निदेशक अनिल मल्होत्रा के खिलाफ इंडस्ट्रियल एरिया थाने में आईपीसी की धारा 354, 354 (डी), 294, 506, 509, 384 के तहत केस दर्ज किया गया था। मामले में पुलिस ने आरोपी अनिल मल्होत्रा को गिरफ्तार कर उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया था। सीबीआई की जांच में यह बात सामने आई कि इंडस्ट्रियल एरिया थाने के तत्कालीन एसएचओ राम रतन के मौखिक निर्देश पर महिला जांच अधिकारी ने वह मोबाइल एसआई सत्यवान को दे दिया, जिसे नियमानुसार सील नहीं किया गया।
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सीबीआई के मुताबिक, तत्कालीन एसएचओ राम रतन और एसआई सत्यवान ने आरोपी पक्ष के साथ मिलकर आरोपी के जब्त मोबाइल फोन (आईफोन 12) को दूसरे फोन से बदल दिया और रिकॉर्ड में आरोपी के आईफोन-12 की जगह आईफोन-7 दिखाया गया। बदला गया फोन जांच के लिए सीएफएसएल लैब भेजा गया। सीएफएसएल लैब से मिली रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी अनिल मल्होत्रा ने केस दर्ज होने के बाद आईफोन-7 में सिम कार्ड डाला था। उस नंबर की आखिरी लोकेशन भी सेक्टर-9 की निकली थी। जांच के दौरान पता चला कि एसएचओ राम रतन और एसआई सत्यवान ने एक साजिश के तहत जब्त किए गए आरोपी के मोबाइल फोन को ही बदल दिया था। इसी कारण सीबीआई ने इन दोनों के खिलाफ आईपीसी 167, 193,201,204,218,120-बी व करप्शन एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।
इसके अलावा चंडीगढ़ के पूर्व एसपी रोशन लाल व इंस्पेक्टर पवनेश कुमार के खिलाफ भी सीबीआई ने इसी प्रकरण से संबंधित धोखाधड़ी व मिलीभगत सहित आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। आरोपी पवनेश कुमार ने एसपी के मौखिक आदेशों पर कुछ मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल निकालकर महिला से छेड़खानी के मामले में नामजद आरोपी अनिल मल्होत्रा को उपलब्ध करवाई थी। सीबीआई ने इन दोनों आरोपियों को भी जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी कर दिया है।