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Chandigarh News: दिल्ली से आ धमकी सीबीआई की टीम, सीएम के कैंप ऑफिस में पौने पांच घंटे तलाशी
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चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) राजबीर सिंह घुमन से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की दिल्ली टीम ने मंगलवार शाम चंडीगढ़ और मोहाली में अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की। चंडीगढ़ के सेक्टर-2 स्थित मुख्यमंत्री के कैंप कार्यालय में टीम ने शाम करीब 6:15 बजे तलाशी शुरू की, जो रात करीब 11 बजे तक चली। करीब पौने पांच घंटे की कार्रवाई के बाद छह-सात अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम बाहर निकली। उनके हाथों में फाइलें, दस्तावेज और सील लगा प्लास्टिक का डिब्बा नजर आया। हालांकि, सीबीआई ने जब्त सामग्री का आधिकारिक ब्योरा साझा नहीं किया।
जानकारी के अनुसार दिल्ली से सीबीआई की टीम शाम करीब 5:30 बजे चंडीगढ़ और मोहाली में अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई के लिए पहुंची। इसके बाद राजबीर सिंह घुमन से जुड़े ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। सेक्टर-2 स्थित मुख्यमंत्री का कैंप कार्यालय और अतिथि गृह भी जांच के दायरे में रहा। इन दिनों यहां ओएसडी घुमन के रहने की जानकारी सामने आई है। तलाशी के दौरान अधिकारियों ने परिसर में मौजूद दस्तावेजों और अन्य सामग्री की पड़ताल की। सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों की तैनाती, तबादलों और प्रशासनिक फैसलों से जुड़े कागजात भी खंगाले गए।
हाईकोर्ट के आदेश के अगले दिन कार्रवाई
सीबीआई की यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पांच अक्तूबर के आदेश के अगले दिन हुई। हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से उपलब्ध कराई गई सामग्री के आधार पर सीबीआई को मामला दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया था। पंजाब सरकार ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
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सीबीआई ने घुमन समेत छह लोगों के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है। इनमें नितिन गोयल, जितिन गोयल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और आरएस नागरा शामिल हैं। मामले में अज्ञात सरकारी अधिकारियों और निजी व्यक्तियों का भी उल्लेख किया गया है।
जांच एजेंसी के अनुसार आरोप अधिकारियों की तैनाती और तबादलों, विभागीय कार्रवाई, नीतिगत फैसलों, प्रशासनिक मंजूरियों, निविदाओं, लाइसेंस और जमीन से जुड़े मामलों में कथित आर्थिक लाभ के लिए प्रभाव के इस्तेमाल से संबंधित हैं। यह आरोप भी है कि कुछ सरकारी आदेशों और नीतियों के प्रारूप जारी होने से पहले निजी लोगों तक पहुंचाए गए।
आठ परिसरों में तलाशी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी कब्जे में
सीबीआई की कार्रवाई चंडीगढ़ और मोहाली के अलावा अन्य स्थानों तक भी पहुंची। घुमन के संगरूर स्थित आवास के साथ पटियाला, जालंधर, लुधियाना और गुरदासपुर में आरोपियों से जुड़े परिसरों की तलाशी ली गई। जांच एजेंसी के अनुसार, कुल आठ परिसरों में कार्रवाई हुई। इस दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन और दस्तावेज कब्जे में लिए गए हैं। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी।
रात तक कैंप कार्यालय में रही हलचल
सीबीआई की टीम के पहुंचने के बाद कैंप कार्यालय में सुरक्षा बढ़ा दी गई। शाम करीब 7:30 बजे सीआरपीएफ की बस पहुंची। तलाशी के दौरान परिसर में मौजूद कर्मचारियों को शुरुआत में अंदर ही रोका गया, फिर दो-तीन चरणों में बाहर जाने दिया गया। रात आठ बजे चार-पांच कर्मचारी निकले। रात 8:15 बजे सीबीआई की एक और अर्टिगा कार पहुंची। इसके बाद भी अधिकारी परिसर में आते-जाते रहे। करीब नौ बजे एक महिला सीबीआई अधिकारी भी अंदर दाखिल हुई। रात 10:30 बजे सीआरपीएफ के जवानों की ड्यूटी बदलने का क्रम शुरू हुआ। रात करीब 11 बजे टीम बाहर निकली। अधिकारियों के हाथों में बैग, फाइलें, दस्तावेज और सील लगा डिब्बा था। अब जांच एजेंसी इन सामग्री की पड़ताल कर कथित भ्रष्टाचार और प्रशासनिक फैसलों से जुड़े साक्ष्यों की तलाश करेगी।
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जानकारी के अनुसार दिल्ली से सीबीआई की टीम शाम करीब 5:30 बजे चंडीगढ़ और मोहाली में अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई के लिए पहुंची। इसके बाद राजबीर सिंह घुमन से जुड़े ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। सेक्टर-2 स्थित मुख्यमंत्री का कैंप कार्यालय और अतिथि गृह भी जांच के दायरे में रहा। इन दिनों यहां ओएसडी घुमन के रहने की जानकारी सामने आई है। तलाशी के दौरान अधिकारियों ने परिसर में मौजूद दस्तावेजों और अन्य सामग्री की पड़ताल की। सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों की तैनाती, तबादलों और प्रशासनिक फैसलों से जुड़े कागजात भी खंगाले गए।
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हाईकोर्ट के आदेश के अगले दिन कार्रवाई
सीबीआई की यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पांच अक्तूबर के आदेश के अगले दिन हुई। हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से उपलब्ध कराई गई सामग्री के आधार पर सीबीआई को मामला दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया था। पंजाब सरकार ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
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सीबीआई ने घुमन समेत छह लोगों के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है। इनमें नितिन गोयल, जितिन गोयल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और आरएस नागरा शामिल हैं। मामले में अज्ञात सरकारी अधिकारियों और निजी व्यक्तियों का भी उल्लेख किया गया है।
जांच एजेंसी के अनुसार आरोप अधिकारियों की तैनाती और तबादलों, विभागीय कार्रवाई, नीतिगत फैसलों, प्रशासनिक मंजूरियों, निविदाओं, लाइसेंस और जमीन से जुड़े मामलों में कथित आर्थिक लाभ के लिए प्रभाव के इस्तेमाल से संबंधित हैं। यह आरोप भी है कि कुछ सरकारी आदेशों और नीतियों के प्रारूप जारी होने से पहले निजी लोगों तक पहुंचाए गए।
आठ परिसरों में तलाशी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी कब्जे में
सीबीआई की कार्रवाई चंडीगढ़ और मोहाली के अलावा अन्य स्थानों तक भी पहुंची। घुमन के संगरूर स्थित आवास के साथ पटियाला, जालंधर, लुधियाना और गुरदासपुर में आरोपियों से जुड़े परिसरों की तलाशी ली गई। जांच एजेंसी के अनुसार, कुल आठ परिसरों में कार्रवाई हुई। इस दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन और दस्तावेज कब्जे में लिए गए हैं। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी।
रात तक कैंप कार्यालय में रही हलचल
सीबीआई की टीम के पहुंचने के बाद कैंप कार्यालय में सुरक्षा बढ़ा दी गई। शाम करीब 7:30 बजे सीआरपीएफ की बस पहुंची। तलाशी के दौरान परिसर में मौजूद कर्मचारियों को शुरुआत में अंदर ही रोका गया, फिर दो-तीन चरणों में बाहर जाने दिया गया। रात आठ बजे चार-पांच कर्मचारी निकले। रात 8:15 बजे सीबीआई की एक और अर्टिगा कार पहुंची। इसके बाद भी अधिकारी परिसर में आते-जाते रहे। करीब नौ बजे एक महिला सीबीआई अधिकारी भी अंदर दाखिल हुई। रात 10:30 बजे सीआरपीएफ के जवानों की ड्यूटी बदलने का क्रम शुरू हुआ। रात करीब 11 बजे टीम बाहर निकली। अधिकारियों के हाथों में बैग, फाइलें, दस्तावेज और सील लगा डिब्बा था। अब जांच एजेंसी इन सामग्री की पड़ताल कर कथित भ्रष्टाचार और प्रशासनिक फैसलों से जुड़े साक्ष्यों की तलाश करेगी।