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रैक्सील मामले में सीबीआई ने तेज की जांच
ब्यूरो/अमर उजाला/चंडीगढ़
Updated Sat, 14 May 2016 09:29 PM IST
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सीबीआई
- फोटो : Getty
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हरियाणा में चल रही सियासी गहमागहमी के बीच रैक्सील बीज घोटाले में जांच कर रही सीबीआई ने भी अपनी जांच तेज कर दी है। फील्ड में तैनात कृषि विभाग के कई अधिकारियों को सीबीआई ने पूछताछ के लिए तलब किया है।
जिनसे रैक्सील की खरीद फरोख्त को लेकर विस्तार से सवाल-जवाब किया गया है। कृषि विभाग के एक दर्जन से अधिक अधिकारियों से सीबीआई अधिकारी इस बावत पूछताछ कर चुके हैं।
सूत्रों के मुताबिक कृषि विभाग के वे अफसर सीबीआई केनिशाने पर हैं, जिन्होंने नियमों की अनदेखी कर रैक्सील की खरीद की थी। मालूम हो कि हरियाणा बीज विकास निगम के एमडी रहे अशोक खेमका ने इस मामले को उठाया था, जिसके बाद सरकार ने खेमका को बीज विकास निगम से भी तत्काल स्थानांतरित कर दिया था।
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बीज विकास निगम में आने से पहले खेमका चकबंदी विभाग के निदेशक के तौर पर कार्यरत थे। जहां से उन्होंने वाड्रा लैंड डील मामला उजागर किया था। हरियाणा में जिस तरह से सियासी उथल-पुथल चल रही है, उसके बाद सीबीआई की जांच की गति भी तेज हो गई है।
ऐसे में यह रिपोर्ट भी शीघ्र आती है तो पूर्व की हुड्डा सरकार के समय के अधिकारियों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। माना जा रहा है कि शीघ्र ही इस मामले से संबंधित रिपोर्ट भी शीघ्र सामने आएगी।
हरियाणा में भाजपा सरकार बनने के बाद यह जांच सीबीआई को भेजी गई है। जांच सीबीआई को देने से पूर्व सरकार ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में भी यह जवाब दिया था कि इस मामले में गड़बड़ी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
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जिनसे रैक्सील की खरीद फरोख्त को लेकर विस्तार से सवाल-जवाब किया गया है। कृषि विभाग के एक दर्जन से अधिक अधिकारियों से सीबीआई अधिकारी इस बावत पूछताछ कर चुके हैं।
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सूत्रों के मुताबिक कृषि विभाग के वे अफसर सीबीआई केनिशाने पर हैं, जिन्होंने नियमों की अनदेखी कर रैक्सील की खरीद की थी। मालूम हो कि हरियाणा बीज विकास निगम के एमडी रहे अशोक खेमका ने इस मामले को उठाया था, जिसके बाद सरकार ने खेमका को बीज विकास निगम से भी तत्काल स्थानांतरित कर दिया था।
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बीज विकास निगम में आने से पहले खेमका चकबंदी विभाग के निदेशक के तौर पर कार्यरत थे। जहां से उन्होंने वाड्रा लैंड डील मामला उजागर किया था। हरियाणा में जिस तरह से सियासी उथल-पुथल चल रही है, उसके बाद सीबीआई की जांच की गति भी तेज हो गई है।
ऐसे में यह रिपोर्ट भी शीघ्र आती है तो पूर्व की हुड्डा सरकार के समय के अधिकारियों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। माना जा रहा है कि शीघ्र ही इस मामले से संबंधित रिपोर्ट भी शीघ्र सामने आएगी।
हरियाणा में भाजपा सरकार बनने के बाद यह जांच सीबीआई को भेजी गई है। जांच सीबीआई को देने से पूर्व सरकार ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में भी यह जवाब दिया था कि इस मामले में गड़बड़ी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।