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स्टेटस रिपोर्ट के लिए डीआईजी को जवाब दायर करने के निर्देश
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चंडीगढ़। सीबीआई अदालत ने बुधवार को चंडीगढ़ पुलिस के डीआईजी को जसविंदर कौर के खिलाफ रिश्वत लेने के मामले में मुकदमा चलाने की मंजूरी की स्टेटस रिपोर्ट के लिए जवाब दायर करने का निर्देश दिया है।
शिकायतकर्ता ने भी इसी मांग को लेकर याचिका दायर की है। इसके जवाब के लिए अदालत ने सीबीआई को नोटिस जारी कर दिया है। अब मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी। 2017 में निलंबित एसआई मोहन सिंह पर दो लाख रुपये की रिश्वत का मामला दर्ज किया गया था, जिसमें जसविंदर कौर को भी शामिल किया गया था। सीबीआई ने जसविंदर कौर को एक अन्य रिश्वत मामले में आरोपी बनाया है, जिसमें वह अभी भी फरार चल रही हैं।
शिकायतकर्ता प्रेम सिंह बिष्ट ने फरवरी में जसविंदर कौर को आरोपी बनाने के लिए याचिका दायर की थी। इसके बाद 13 फरवरी को अदालत ने चंडीगढ़ पुलिस को जसविंदर कौर के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। प्रेम सिंह ने याचिका में कहा था कि 5 महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी भी उनकी याचिका पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने याचिका में कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 19 के तहत लोक सेवक के खिलाफ अधिकारी की ओर से मंजूरी के लिए तीन महीने का समय तय होता है, लेकिन इस मामले में पांच महीने बीत चुके हैं, अभी तक अधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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बता दें कि इसी मामले में बीते 30 जून को अदालत ने सेक्टर-31 थाना एसएचओ राजदीप सिंह, 39 थाना एसएचओ अमनजोत सिंह, 34 थाना एसएचओ बलदेव सिंह और मनीमाजरा की निलंबित पूर्व एसएचओ जसविंदर कौर के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे।
हाईकोर्ट में सुरक्षा के लिए दायर करेंगे याचिका
प्रेम सिंह बिष्ट ने अदालत में याचिका दायर कर सिक्योरिटी की मांग की है। उनका कहना है कि चार एसएचओ के खिलाफ शिकायत करने के बाद उन्हें एनडीपीएस या अन्य झूठे मामले दर्ज कर फंसाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस से उन्हें पहले ही खतरा है, इसलिए उन्हें पंजाब पुलिस की ओर से सिक्योरिटी उपलब्ध कराई जाए। प्रेम सिंह बिष्ट ने बताया कि इसे लेकर वह पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में भी याचिका दायर करेंगे। इसके साथ ही मोहाली एसएसपी से भी मुलाकात करेंगे।
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शिकायतकर्ता ने भी इसी मांग को लेकर याचिका दायर की है। इसके जवाब के लिए अदालत ने सीबीआई को नोटिस जारी कर दिया है। अब मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी। 2017 में निलंबित एसआई मोहन सिंह पर दो लाख रुपये की रिश्वत का मामला दर्ज किया गया था, जिसमें जसविंदर कौर को भी शामिल किया गया था। सीबीआई ने जसविंदर कौर को एक अन्य रिश्वत मामले में आरोपी बनाया है, जिसमें वह अभी भी फरार चल रही हैं।
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शिकायतकर्ता प्रेम सिंह बिष्ट ने फरवरी में जसविंदर कौर को आरोपी बनाने के लिए याचिका दायर की थी। इसके बाद 13 फरवरी को अदालत ने चंडीगढ़ पुलिस को जसविंदर कौर के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। प्रेम सिंह ने याचिका में कहा था कि 5 महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी भी उनकी याचिका पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने याचिका में कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 19 के तहत लोक सेवक के खिलाफ अधिकारी की ओर से मंजूरी के लिए तीन महीने का समय तय होता है, लेकिन इस मामले में पांच महीने बीत चुके हैं, अभी तक अधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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बता दें कि इसी मामले में बीते 30 जून को अदालत ने सेक्टर-31 थाना एसएचओ राजदीप सिंह, 39 थाना एसएचओ अमनजोत सिंह, 34 थाना एसएचओ बलदेव सिंह और मनीमाजरा की निलंबित पूर्व एसएचओ जसविंदर कौर के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे।
हाईकोर्ट में सुरक्षा के लिए दायर करेंगे याचिका
प्रेम सिंह बिष्ट ने अदालत में याचिका दायर कर सिक्योरिटी की मांग की है। उनका कहना है कि चार एसएचओ के खिलाफ शिकायत करने के बाद उन्हें एनडीपीएस या अन्य झूठे मामले दर्ज कर फंसाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस से उन्हें पहले ही खतरा है, इसलिए उन्हें पंजाब पुलिस की ओर से सिक्योरिटी उपलब्ध कराई जाए। प्रेम सिंह बिष्ट ने बताया कि इसे लेकर वह पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में भी याचिका दायर करेंगे। इसके साथ ही मोहाली एसएसपी से भी मुलाकात करेंगे।