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11 शिक्षकों की प्रमोशन रोकने के निर्णय पर कैट ने लगाया स्टे
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चंडीगढ़। शिक्षा विभाग की ओर से 11 शिक्षकों की प्रमोशन रोकने के निर्णय पर सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) ने स्टे लगा दिया है। यह निर्णय शिक्षक बलविंदर सिंह की ओर से कैट में डाली गई याचिका के बाद लिया गया। 2013 में विभाग ने कई स्कूलों में कार्यरत टीजीटी की पीजीटी पदों पर प्रमोशन की थी। उस प्रमोशन पर कई सवाल खड़े हुए थे। सात साल बाद शिक्षा विभाग ने जांच की और उनमें से ग्यारह शिक्षकों की प्रमोशन को गलत ठहरा दिया। ये सभी शिक्षक ड्राइंग और पीटीआई के थे। इनमें से चार शिक्षक प्रमोशन के बाद सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी, जिसमें शिक्षा विभाग को कैट में जवाब देना है।
यह है पूरा मामला
शिक्षा विभाग ने 29 अक्तूबर को प्रमोशन मामले में जांच करते हुए खुद ही अपनी प्रमोशन को गलत बता दिया। विभाग ने फैसले में कहा कि सर्विस रूल्स के अनुसार ड्राइंग और पीटीआई के ग्यारह शिक्षक प्रमोशन की श्रेणी में नहीं आते हैं। इस शिक्षक बलविंदर सिंह ने कैट में याचिका डाली थी। इसके बाद कैट ने शिक्षकों को स्टे दे दिया है। कैट ने आदेश दिया कि अगली सुनवाई तक शिक्षक अपनी वर्तमान पोस्ट पर बने रहेंगे। अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी। बलविंदर सिंह ने बताया कि वे 90 के दशक में भर्ती हुए थे। उनके दौरान सर्विस रूल्स नहीं थे। उन्होंने 30 वर्ष विभाग को सेवाएं दी हैं, वरिष्ठता के आधार पर उनका प्रमोशन ठीक है।
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यह है पूरा मामला
शिक्षा विभाग ने 29 अक्तूबर को प्रमोशन मामले में जांच करते हुए खुद ही अपनी प्रमोशन को गलत बता दिया। विभाग ने फैसले में कहा कि सर्विस रूल्स के अनुसार ड्राइंग और पीटीआई के ग्यारह शिक्षक प्रमोशन की श्रेणी में नहीं आते हैं। इस शिक्षक बलविंदर सिंह ने कैट में याचिका डाली थी। इसके बाद कैट ने शिक्षकों को स्टे दे दिया है। कैट ने आदेश दिया कि अगली सुनवाई तक शिक्षक अपनी वर्तमान पोस्ट पर बने रहेंगे। अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी। बलविंदर सिंह ने बताया कि वे 90 के दशक में भर्ती हुए थे। उनके दौरान सर्विस रूल्स नहीं थे। उन्होंने 30 वर्ष विभाग को सेवाएं दी हैं, वरिष्ठता के आधार पर उनका प्रमोशन ठीक है।
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