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'सही थी सीटीयू ड्राइवरों की भर्ती प्रक्रिया'
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 21 Dec 2013 02:21 PM IST
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सीटीयू में ड्राइवर भर्ती के लिए आयोजित रिटन टेस्ट में पंजाबी वर्जन में गड़बड़ियों पर 11 आवेदकों की ओर से दायर याचिका को सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव टिब्यूनल (कैट) ने खारिज कर दिया।
जून 2013 में सीटीयू ने ड्राइवर के रिक्त 114 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। इसमें ड्राइविंग परीक्षा में सफल परीक्षार्थियों को रिटन टेस्ट लिया गया था।
रिजल्ट में असफल होने पर हरप्रीत सिंह और 11 अन्य केंडीडेट्स ने कैट में याचिका दायर कहा था कि सीटीयू ने हिन्दी के पेपर को पंजाबी में कन्वर्ट किया गया था।
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याचिकाकर्ताओं के वकील आलोक जग्गा के मुताबिक उम्मीदवारों को पेपर कन्वर्ट करने के लिए समझने में दिक्कत आई थी। याचिकाकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया था कि परीक्षा के लिए निर्धारित समय नहीं दिया गया था।
कैट ने प्रशासन से अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस किया था। प्रशासन के सरकारी वकील असीम राय ने बताया कि सीटीयू ने इस परीक्षा में हिस्सा लेने वाले केंडीडेट्स सहूलियत को ध्यान में रखते हुए पंजाबी वर्जन का एक ऑप्शन और दिया था।
प्रशासन की इस दलील को कैट ने सही मानते हुए असफल केंडीडेट्स की याचिका को खारिज कर दिया।
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जून 2013 में सीटीयू ने ड्राइवर के रिक्त 114 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। इसमें ड्राइविंग परीक्षा में सफल परीक्षार्थियों को रिटन टेस्ट लिया गया था।
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रिजल्ट में असफल होने पर हरप्रीत सिंह और 11 अन्य केंडीडेट्स ने कैट में याचिका दायर कहा था कि सीटीयू ने हिन्दी के पेपर को पंजाबी में कन्वर्ट किया गया था।
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याचिकाकर्ताओं के वकील आलोक जग्गा के मुताबिक उम्मीदवारों को पेपर कन्वर्ट करने के लिए समझने में दिक्कत आई थी। याचिकाकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया था कि परीक्षा के लिए निर्धारित समय नहीं दिया गया था।
कैट ने प्रशासन से अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस किया था। प्रशासन के सरकारी वकील असीम राय ने बताया कि सीटीयू ने इस परीक्षा में हिस्सा लेने वाले केंडीडेट्स सहूलियत को ध्यान में रखते हुए पंजाबी वर्जन का एक ऑप्शन और दिया था।
प्रशासन की इस दलील को कैट ने सही मानते हुए असफल केंडीडेट्स की याचिका को खारिज कर दिया।