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सुखना लेक पर बोटिंग करने के लिए जाने से पहले पढ़ लें जरूरी खबर, देखिए
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 18 Feb 2017 09:27 AM IST
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चंडीगढ़ में सुखना लेक का एक दृश्य
- फोटो : फाइल फोटो
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अगर आप सुखना लेकर पर बोटिंग करने के लिए जाने की सोच रहे हैं तो यह खबर पढ़ लीजिए और उसके बाद तैयारी करके ही घर से निकलें। अगर आप सुखना लेक में बोटिंग का मजा लेना चाहते हैं तो जेब में कैश लेकर ही पहुंचें। अपने डेबिट-क्रेडिट कार्ड केभरोसे आप बोटिंग नहीं कर पाएंगे। प्लास्टिक मनी या ऑनलाइन मोड से पेमेंट की बोटिंग काउंटर पर कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।
बकायदा टिकट विंडो के बाहर यह नोटिस चस्पा दिया गया है कि बोटिंग की टिकट सिर्फ कैश से मिलेगी। चंडीगढ़ को देश की पहली कैशलेस सिटी बनाने का सपना बुनने की राह में यह बड़ी बाधा है। बोटिंग टिकट विंडों पर बैठे कर्मचारी से जब कार्ड से पेमेंट नहीं लेने का कारण पूछा तो उसने बताया कि बोटिंग टिकट के साथ सिक्योरिटी राशि भी ली जाती है। ऐसे में कस्टमर को बोटिंग के बाद सिक्योरिटी वापस करनी होती है।
कुछ कस्टमर कैश में ही पेमेंट मांगते हैं। जिस कारण कार्ड से पेमेंट नहीं ली जा रही। इसके लिए उच्चाधिकारियों को भी सूचना दी जा चुकी है। वहीं दिनभर में बहुत से ऐसे कस्टमर बोटिंग करने आते हैं जो कार्ड से पेमेंट करना चाहते हैं लेकिन मजबूरन उन्हें कैश में ही पैसे देने पड़ते हैं। कैशलेस पेमेंट बंद करने का मुख्य कारण एमडीआर चार्ज भी बताया जा रहा है।
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प्रति ट्रांजेक्शन लगने वाला यह चार्ज बोटिंग करवाने वाली कंपनी को देना होता है। बोटिंग ही नहीं सिटको के रेस्टोरेंट पर भी बड़े बिल की कार्ड से पेमेंट ली जा रही है। कम खर्च की पेमेंट कैश में ही मांगी जाती है। पेमेंट विंडो पर पूछने के बाद यह बात सामने आई। हालांकि रेस्टोरेंट के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने सभी पेमेंट कार्ड से लेने की बात कही। इसकेबाद उन्होंने रेस्टोरेंट के बिल की पेमेंट लेने वाले कर्मचारी को डांट भी लगाई।
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बकायदा टिकट विंडो के बाहर यह नोटिस चस्पा दिया गया है कि बोटिंग की टिकट सिर्फ कैश से मिलेगी। चंडीगढ़ को देश की पहली कैशलेस सिटी बनाने का सपना बुनने की राह में यह बड़ी बाधा है। बोटिंग टिकट विंडों पर बैठे कर्मचारी से जब कार्ड से पेमेंट नहीं लेने का कारण पूछा तो उसने बताया कि बोटिंग टिकट के साथ सिक्योरिटी राशि भी ली जाती है। ऐसे में कस्टमर को बोटिंग के बाद सिक्योरिटी वापस करनी होती है।
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कुछ कस्टमर कैश में ही पेमेंट मांगते हैं। जिस कारण कार्ड से पेमेंट नहीं ली जा रही। इसके लिए उच्चाधिकारियों को भी सूचना दी जा चुकी है। वहीं दिनभर में बहुत से ऐसे कस्टमर बोटिंग करने आते हैं जो कार्ड से पेमेंट करना चाहते हैं लेकिन मजबूरन उन्हें कैश में ही पैसे देने पड़ते हैं। कैशलेस पेमेंट बंद करने का मुख्य कारण एमडीआर चार्ज भी बताया जा रहा है।
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प्रति ट्रांजेक्शन लगने वाला यह चार्ज बोटिंग करवाने वाली कंपनी को देना होता है। बोटिंग ही नहीं सिटको के रेस्टोरेंट पर भी बड़े बिल की कार्ड से पेमेंट ली जा रही है। कम खर्च की पेमेंट कैश में ही मांगी जाती है। पेमेंट विंडो पर पूछने के बाद यह बात सामने आई। हालांकि रेस्टोरेंट के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने सभी पेमेंट कार्ड से लेने की बात कही। इसकेबाद उन्होंने रेस्टोरेंट के बिल की पेमेंट लेने वाले कर्मचारी को डांट भी लगाई।