फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Case of negligence in cataract operation in Haryana,Patients condition worse

मरीजों की आंखों की रोशनी की परवाह नहीं, खुद को बचाने और संख्या दबाने में जुटे अधिकारी

Fri, 29 Mar 2019 12:30 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Fri, 29 Mar 2019 12:30 PM IST
विज्ञापन
Case of negligence in cataract operation in Haryana,Patients condition worse
लापरवाही की वजह से खतरे में मरीजों की आंखों की रोशनी

मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने के बाद संक्रमण का शिकार हुए 38 मरीजों का मामला सार्वजनिक होते ही चंडीगढ़ में बैठे प्रशासनिक अफसरों और धरती के भगवान कहलाने वाले डॉक्टरों के पसीने छूट गए। मरीजों की आंखों की रोशनी बचाने से ज्यादा इनका इस बात पर जोर है कि किसी तरह और मरीजों की संख्या सामने न आए। अधिकारी खुद को बचाने और मरीजों की संख्या दबाने में जुट गए हैं। 

विज्ञापन


मरीजों के ऑपरेशन के 18 दिन बाद सिविल सर्जन भिवानी, ऑपरेशन करने वाले भिवानी जालान अस्पताल के डॉक्टर, चंडीगढ़ प्रशासनिक अफसरों की टीम नेत्र विभाग के वार्ड 11 में मरीजों का हाल जानने पहुंची। दूसरी ओर अधिकारी असल आंकड़ा छिपाकर मामले पर लीपापोती करने का प्रयास कर रहे। क्योंकि अकेले भिवानी ही नहीं प्रदेश के अन्य जिलों में भी आंखों का ऑपरेशन हुआ है। इसमें पहले भी आंखों के संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं। 
विज्ञापन


सिविल सर्जन भिवानी डॉ. आदित्य गुप्ता, जालान अस्पताल भिवानी के एसएमओ डॉ. एडविन अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम के साथ पीजीआईएमएस निदेशक डॉ. रोहतास कंवर यादव व विभागाध्यक्ष नेत्र विभाग डॉ. सतबीर ने भी मौके पर जाकर मरीजों का हाल जाना। वहीं सायं निदेशक हेल्थ और उनकी टीम मौके पर पहुंची और डॉक्टरों के अलावा मरीजों से बातचीत की। 

विज्ञापन
विज्ञापन

मरीजों ने बताया कि वह तीन-चार दिनों से वार्ड में दाखिल हैं, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। एक कोने में उन्हें बिस्तर पर लिटा दिया। जब समाचार पत्र ने मामला उठाया तो अधिकारी मौके पर पहुंच रहे हैं। जो गंभीरता अधिकारी अब दिखा रहे हैं यदि वह पहले दिखाते तो शायद उनकी यह हालत नहीं होती। 

मार्च में हरियाणा में हुए 788 ऑपरेशन
लापरवाही की वजह से जिन मरीजों की आंखों की रोशनी जाने का खतरा बना हुआ है, उनमें ज्यादातर के ऑपरेशन 11 से 18 मार्च के बीच हुए हैं। मार्च में अभी तक हरियाणा में करीब 788 मोतियाबिंद के ऑपरेशन हुए हैं। मार्च में ऑपरेशन में इस्तेमाल किया गया सॉल्यूशन भी आना बताया जा रहा है। 

बोले अधिकारी
19 मरीजों का हमारे डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन कर दिया है। सभी मरीज अभी निगरानी में हैं। आंखों के मरीजों के लिए तीन डॉक्टरों का बोर्ड बनाया है। इसमें डॉ. मनीषा नाडा, डॉ. जितेंद्र फौगाट व डॉ. सुनील वर्मा मरीजों को उपचार दे रहे हैं। संक्रमण की वजह क्या रही, इसका जांच के बाद पता चल पाएगा। फिलहाल सामने आया है कि मरीजों की आंखों पर सुडोमोनाज एरुजिनोसा बैक्टिरिया ने हमला किया है। मरीजों के उपचार के लिए सभी दवाएं मंगा ली गई हैं, किसी को बाहर से दवा लाने की जरूरत नहीं है। - डॉ. रोहतास कंवर यादव, निदेशक, पीजीआईएमएस

मरीजों का मामला संज्ञान में है। इसके लिए तीन सीनियर अधिकारियों की टीम को जांच के लिए रोहतक पीजीआईएमएस भेज दिया गया है। इस मामले में प्रयास है कि सभी मरीज जल्द सही हों। इसके लिए पीजीआईएमएस प्रशासन को अलर्ट किया गया है। इसके साथ ही मरीजों को हुए संक्रमण के कारणों को भी तलाशा जा रहा है। - राजीव अरोड़ा, एसीएस हेल्थ, चंडीगढ़

आंखों में ऑपरेशन के बाद संक्रमण के कई कारण हो सकते हैं। इसकी जांच जारी है। कुरुक्षेत्र, भिवानी में सर्जरी के बाद ऐसे मामले सामने आए हैं। फिलहाल ऑपरेशन थियेटर, इंस्ट्रूमेंट आदि में संक्रमण नहीं मिला है। अन्य चीजों की जांच जारी है। आंखों में जो लिक्विड डलता है उसकी जांच करवाने की बात चल रही है। रिपोर्ट है कि 19 मरीजों का ऑपरेशन हो चुका है, बाकी को अंडर ऑब्जर्वेशन रखा है। - ऊषा गुप्ता, निदेशक हेल्थ, चंडीगढ़

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed