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Punjab: निजी स्कूल के मालिक से 4.30 करोड़ रुपये की ठगी, LIC विकास अधिकारी ने ऐसे बुना पूरा ताना-बाना

Sun, 21 May 2023 12:04 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, कपूरथला (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, कपूरथला (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sun, 21 May 2023 12:04 PM IST
सार

मुकेश आनंद एलआईसी में बतौर विकास अधिकारी (डीओ) तैनात है। इसके लिए उन्होंने मुकेश आनंद को एलआईसी के नाम अपनी पॉलिसियों की किस्तें देने के लिए चेक जारी किए थे, इन चेकों में से मुकेश आनंद ने 1 करोड़ 29 हजार 72 हजार 527 रुपये की रकम अपने रिश्तेदारों व परिचितों के नाम पर चल रही पॉलिसियों में जमा करवा दिए।

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Case of fraud of 4.30 crore come to light from owner of private school in Kapurthala
आरोपी मुकेश आनंद। - फोटो : फाइल

विस्तार

कपूरथला के नामी निजी स्कूल के मालिक व उद्योगपति से 4.30 करोड़ रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। थाना सिटी पुलिस ने एलआईसी के विकास अधिकारी, उसकी पत्नी, बेटा और बेटी के खिलाफ केस दर्ज किया है। मुख्य साजिशकर्ता डीओ की पत्नी, बेटा-बेटी विदेश कनाडा में हैं, जबकि वह खुद भी कुछ समय पहले ही वहां से लौटा है।

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एसएसपी कपूरथला को दी शिकायत में निजी स्कूल के मालिक विक्रम आनंद निवासी माल रोड ने बताया कि मुकेश आनंद की ओर से अपनी पत्नी रंजूबाला आनंद के साथ मिलकर विभिन्न बैंकों के चार खातों में से 3.81 करोड़ रुपये की रकम धोखे से निकलवा कर ठगी की है। इसमें से मुकेश आनंद ने करीब 81 लाख रुपये की रकम वापस कर दी, जबकि शेष 3 करोड़ 29 हजार रुपये बकाया है। 
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मुकेश आनंद एलआईसी में बतौर विकास अधिकारी (डीओ) तैनात है। इसके लिए उन्होंने मुकेश आनंद को एलआईसी के नाम अपनी पॉलिसियों की किस्तें देने के लिए चेक जारी किए थे, इन चेकों में से मुकेश आनंद ने 1 करोड़ 29 लाख 72 हजार 527 रुपये की रकम अपनी पत्नी रंजूबाला आनंद, बेटे शारेती आनंद और बेटी महक आनंद और अपने रिश्तेदारों व परिचितों के नाम पर चल रही पॉलिसियों में जमा करवा दिए। इस तरह हेरोफरी करके मुकेश आनंद ने 4 करोड़ 30 लाख 02 हजार 152 रुपये की ठगी की है।
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एसएसपी ने जांच का जिम्मा डीएसपी मुख्यालय सतनाम सिंह को सौंपा। जिन्होंने जांच के दौरान लगे तमाम आरोपी सही पाए और केस रजिस्टर करने की संस्तुति की। थाना सिटी में मुकेश आनंद, उसकी पत्नी रंजूबाला, बेटे शारेती आनंद और बेटी महक आनंद के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। मुकेश आनंद की पत्नी, बेटा व बेटी कनाडा में है और वह खुद भी कुछ समय पहले ही कनाडा से वतन लौटा है। केस दर्ज होने के साथ ही एलआईसी कार्यालय के अधिकारी व कर्मचारी सकते में आ गए हैं। थाना सिटी के एसएचओ इंस्पेक्टर पलविंदर सिंह ने कहा कि इस मामले में अभी तक किसी की कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

148 पॉलिसियों से बुना 5.10 करोड़ की ठगी का ताना-बाना
एलआईसी कार्यालय कपूरथला के सीनियर विकास अधिकारी मुकेश आनंद की ठगियों की फेहरिस्त बहुत लंबी होने की आशंका है। निजी स्कूल मालिक के नाम से मुकेश आनंद ने 148 पॉलिसियों से 5.10 करोड़ की ठगी का लंबा-चौड़ा ताना-बाना बुना था। ऐसा खुलासा पुलिस की जांच में हुआ है।

जांच अधिकारी डीएसपी मुख्यालय सतनाम सिंह के अनुसार मुकेश आनंद ने पॉलिसीधारक को बताए बिना ही उसके व उसके पारिवारिक सदस्यों के साथ अपने पत्नी, बेटा व बेटी के जाली संयुक्त बैंक खाते तक खुलवा रखे थे। जिसका खुलासा उस समय हुआ जब कुछ पॉलिसियों पर 20 लाख का लोन ले रखा था, लेकिन जब लोन की किस्त नहीं पहुंची तो बैंक का नोटिस पॉलिसीधारक के घर पहुंच गया। जिसके बाद तो ठगी की परतें खुलनी शुरू हो गई। डीएसपी के अनुसार इस पूरे मामले की जांच में करीब चार माह लग गए। जिन चार जाली बैंक खातों का पता चला है कि उनके बारे में तो पॉलिसीधारक को इल्म तक नहीं था, क्योंकि उनके खाते उस बैंक थे ही नहीं। जिसके बाद तो एक के बाद एक खुलासे होने शुरू हो गए और मामले सामने आने पर मुकेश आनंद कनाडा फरार हो गया, जहां पर उसकी पत्नी व बेटा-बेटी पहले से सेटल्ड हैं।

कई और मामले सामने आने की संभावना
इस तरह की ठगी के कई और मामले सामने आने की संभावना है, क्योंकि मुकेश आनंद का शहर पर पूरा होल्ड था और एलआईसी का सबसे टॉप मोस्ट परफार्मर था। इसलिए उसकी एलआईसी कार्यालय में तूती बोलती थी। विक्रम आनंद जैसे मामले कई और सामने आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस बारे में डीएसपी सतनाम सिंह ने भी दबी जुबान में संकेत दिए हैं। सूत्रों की माने तो यह एक बहुत बड़ा मामला है जिसमे सारे मामले के एलआईसी के कई ओर अधिकारियों की शमूलियत से इंकार नहीं किया जा सकता है।

विभाग के कुछ लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विभाग के पास पहले भी इस तरह की शिकायतें मुकेश आनंद के खिलाफ आती थी, जिसकी जांच विभाग की अंदरूनी विजिलेंस की ओर से जारी है और कई संदिग्ध दस्तावेज भी जब्त किए गए थे। फिलहाल मुकेश आनंद आरोपों के घेरे में आने के चलते सस्पेंड है और उनका कार्यालय भी बंद करवा किया जा चुका है। डीएसपी मुख्यालय सतनाम सिंह के अनुसार अभी तक एलआईसी के अधिकारियों-कर्मचारियों की कोई शमूलियत सामने नहीं आई है। तफ्तीश का दौर जारी है। आगे तफ्तीश में कुछ सामने आ जाए, इससे इंकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने माना कि ठगी का मामला अरबों तक पहुंच सकता है।

मुकेश आनंद शहर के प्रसिद्ध मंदिर कमेटी के रहे प्रधान
मुकेश आनंद सुल्तानपुर लोधी स्थित प्रसिद्ध मंदिर की कमेटी का प्रधान रह चुका है। उसकी प्रधानगी के समय मंदिर कमेटी के नाम से जाली रसीद बुक छपवाकर लाखों रुपये की रकम के गबन के आरोप भी उस पर लगे। जिसके चलते उसे बीते वर्ष प्रधानगी पद से हटाकर नई कमेटी का गठन किया गया था।  
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