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चैंबर्स घोटालाः ठेकेदार और कंपनी पर केस
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 08 Jan 2014 09:13 AM IST
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सेक्टर-43 जिला अदालत में 440 चैंबर्स बनाने के मामले में तीन करोड़ रुपये का गबन करने के आरोप में सेक्टर-36 थाना पुलिस ने डेढ़ साल बाद ठेकेदार और कंट्रक्शन कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
जिला बार एसोसिएशन के तत्कालीन सेक्रेटरी मंजीत सिंह धीमान की शिकायत पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। मामला दर्ज करवाने के लिए जिला बार एसोसिएशन ने सोमवार को वर्क सस्पेंड रखा था।
जिला बार एसोसिएशन के तत्कालीन सेक्रेटरी मंजीत सिंह धीमान ने इस संबंध में नवंबर 2012 में पुलिस को शिकायत दी थी।
इसमें उन्होंने कहा सेक्टर-43 जिला अदालत में 440 चैंबर्स बनाने के लिए दिसंबर 2010 में पंचकूला की एमएस ड्रीम ग्रुप कंट्रक्शन इंटीरियर इस्टेट कंपनी और ठेकेदार राजेश सूद को 13.30 करोड़ रुपये का ठेका था।
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ठेकेदार ने कहा था कि वह एक साल में चैंबर्स तैयार कर देगा। नवंबर 2012 तक ठेकेदार ने चैंबर्स का काम पूरा नहीं किया और चालीस प्रतिशत काम अधूरा छोड़ दिया।
ठेकेदार ने बार से 14.7 करोड़ रुपये ले लिए, लेकिन इसके बावजूद चैंबर्स का काम अधूरा छोड़ दिया। शिकायत में बताया कि ठेकेदार ने चैंबर्स में टाइल्स, खिड़की और दरवाजे तक नहीं लगाए।
चालीस प्रतिशत काम अधूरा रहने के बाद ठेकेदार राजेश सूद और रुपये की मांग करने लगा। उन्होंने जांच कमेटी बनाकर ठेकदार के काम की जांच करवाई तो पता चला कि ठेकेदार ने तीन करोड़ रुपये का घोटाला किया है।
एक नवंबर 2012 में उन्होंने ठेकेदार और कंपनी के खिलाफ तीन करोड़ के गबन करने की शिकायत एसएसपी को दी थी, लेकिन पुलिस ने वकीलों की शिकायत पर कोई कारवाई नहीं की थी।
वकीलों के हड़ताल करने के बाद सेक्टर-36 थाना पुलिस ने कंपनी और ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी।
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जिला बार एसोसिएशन के तत्कालीन सेक्रेटरी मंजीत सिंह धीमान की शिकायत पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। मामला दर्ज करवाने के लिए जिला बार एसोसिएशन ने सोमवार को वर्क सस्पेंड रखा था।
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जिला बार एसोसिएशन के तत्कालीन सेक्रेटरी मंजीत सिंह धीमान ने इस संबंध में नवंबर 2012 में पुलिस को शिकायत दी थी।
इसमें उन्होंने कहा सेक्टर-43 जिला अदालत में 440 चैंबर्स बनाने के लिए दिसंबर 2010 में पंचकूला की एमएस ड्रीम ग्रुप कंट्रक्शन इंटीरियर इस्टेट कंपनी और ठेकेदार राजेश सूद को 13.30 करोड़ रुपये का ठेका था।
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ठेकेदार ने कहा था कि वह एक साल में चैंबर्स तैयार कर देगा। नवंबर 2012 तक ठेकेदार ने चैंबर्स का काम पूरा नहीं किया और चालीस प्रतिशत काम अधूरा छोड़ दिया।
ठेकेदार ने बार से 14.7 करोड़ रुपये ले लिए, लेकिन इसके बावजूद चैंबर्स का काम अधूरा छोड़ दिया। शिकायत में बताया कि ठेकेदार ने चैंबर्स में टाइल्स, खिड़की और दरवाजे तक नहीं लगाए।
चालीस प्रतिशत काम अधूरा रहने के बाद ठेकेदार राजेश सूद और रुपये की मांग करने लगा। उन्होंने जांच कमेटी बनाकर ठेकदार के काम की जांच करवाई तो पता चला कि ठेकेदार ने तीन करोड़ रुपये का घोटाला किया है।
एक नवंबर 2012 में उन्होंने ठेकेदार और कंपनी के खिलाफ तीन करोड़ के गबन करने की शिकायत एसएसपी को दी थी, लेकिन पुलिस ने वकीलों की शिकायत पर कोई कारवाई नहीं की थी।
वकीलों के हड़ताल करने के बाद सेक्टर-36 थाना पुलिस ने कंपनी और ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी।