{"_id":"5e2c74138ebc3e4b4c4396aa","slug":"case-filed-on-ex-councillor-sanghi-of-misbehave-with-woman-chandigarh-news-pkl3643479138","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला से बदसलूकी के मामले में 13 साल बाद पूर्व पार्षद सांघी पर केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिला से बदसलूकी के मामले में 13 साल बाद पूर्व पार्षद सांघी पर केस
विज्ञापन
चंडीगढ़। 13 साल पुराने मामले में महिला से बदसलूकी करने और उसके बेटे से अपने घर पर बिना वेतन काम करवाने के आरोप में पूर्व मनोनीत पार्षद पीसी सांघी के खिलाफ सेक्टर-19 थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल कॉस्ट ने पीड़ित महिला की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। साथ ही डीजीपी चंडीगढ़ को एक महीने में एक्शन टेकन रिपोर्ट देने के लिए कहा है।
जानकारी के अनुसार सांघी के खिलाफ 2007 में सेक्टर-25 की रहने वाली महिला ने शिकायत दी थी। अब 13 साल बाद जाकर उसकी शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में महिला ने बताया कि 2007 में वह सिटीजन एसोसिएशन सेक्टर-21 के प्रेसिडेंट पीसी सांघी के पास नौकरी के लिए गई थी। आरोप है कि सांघी ने उसे 4500 रुपए महीना देने की बात कही, लेकिन 4500 रुपए से कम ही दिए। सांघी ने नौकरी देने के नाम पर महिला के बेटे से अपने घर में मुफ्त में काम करवाया था। महिला ने जब सांघी से पूरा वेतन देने की बात कही तो उसने महिला से बदसलूकी की। इस पर उसने पुलिस में शिकायत दी पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
कार्रवाई न होने पर महिला ने नेशनल कमीशन में शिकायत दी, लेकिन वहां भी कार्रवाई नहीं हुई। इस दौरान सांघी ने महिला के खिलाफ जिला अदालत में मानहानि का केस दायर कर दिया, लेकिन अदालत ने महिला को 28 नवंबर 2018 को बरी कर दिया था। केस में बरी होने के बाद महिला ने दोबारा नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल कॉस्ट में शिकायत दी। इस बार कमीशन ने महिला की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार सांघी के खिलाफ 2007 में सेक्टर-25 की रहने वाली महिला ने शिकायत दी थी। अब 13 साल बाद जाकर उसकी शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में महिला ने बताया कि 2007 में वह सिटीजन एसोसिएशन सेक्टर-21 के प्रेसिडेंट पीसी सांघी के पास नौकरी के लिए गई थी। आरोप है कि सांघी ने उसे 4500 रुपए महीना देने की बात कही, लेकिन 4500 रुपए से कम ही दिए। सांघी ने नौकरी देने के नाम पर महिला के बेटे से अपने घर में मुफ्त में काम करवाया था। महिला ने जब सांघी से पूरा वेतन देने की बात कही तो उसने महिला से बदसलूकी की। इस पर उसने पुलिस में शिकायत दी पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
विज्ञापन
कार्रवाई न होने पर महिला ने नेशनल कमीशन में शिकायत दी, लेकिन वहां भी कार्रवाई नहीं हुई। इस दौरान सांघी ने महिला के खिलाफ जिला अदालत में मानहानि का केस दायर कर दिया, लेकिन अदालत ने महिला को 28 नवंबर 2018 को बरी कर दिया था। केस में बरी होने के बाद महिला ने दोबारा नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल कॉस्ट में शिकायत दी। इस बार कमीशन ने महिला की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की।
विज्ञापन