फरीदकोटः विजिलेंस के एआईजी आशीष कपूर पर दुष्कर्म और भ्रष्टाचार का केस दर्ज
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पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के एआईजी आशीष कपूर के खिलाफ गुरुवार को दुष्कर्म और भ्रष्टाचार विरोधी एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया। यह केस मोहाली स्थित स्टेट ऑपरेशन सेल थाने में दर्ज किया है। आशीष कपूर चंडीगढ़ में भी डीएसपी पद पर तैनात रह चुके हैं। इंटेलिजेंस विंग पंजाब (सीआईडी) ने मोहाली के थाने में 1 मई 2019 को पटियाला सेंट्रल जेल के अंदर से धमका कर रुपये वसूलने का रैकेट चलाने का केस दर्ज किया था।
इस मामले की जांच पंजाब की आर्गनाइज्ड क्राइम कंट्रोल यूनिट (ओकू) आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह की अगुवाई में कर रही है। इस मामले की पड़ताल के दौरान पटियाला जेल में बंद कुरुक्षेत्र की एक 36 वर्षीय महिला सामने आई। पीड़ित महिला ने 28 जून, 2019 को ओकू टीम के पास एआईजी आशीष कपूर के खिलाफ अपनी शिकायत के संबंध में सीआरपीसी की धारा 161 के तहत बयान दर्ज करवाए।
महिला ने अपनी शिकायत में कहा कि एआईजी आशीष कपूर ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए उसके खिलाफ मई 2018 के दौरान थाना जीरकपुर में धोखाधड़ी का एक झूठा केस दर्ज करवाया। इसके बाद जीरकपुर पुलिस ने महिला व उसके परिवार के सदस्यों को गिरफ्तार करके एआईजी आशीष कपूर व उनकी पत्नी कमल कपूर की हाजिरी में उन्हें थर्ड डिग्री टार्चर किया।
महिला का आरोप है कि आशीष कपूर ने पुलिस की हाजिरी में उसके साथ एक इंस्पेक्टर की कार में दुराचार किया। इसके अलावा उनकी गिरफ्तारी के समय उनके घरों, बैंक खाते व लॉकर से जबरन लाखों रुपये और गहने निकलवा कर हड़प लिए। महिला के मुताबिक उसकी मौसी के घर से 3.80 लाख और 55 तोले सोना, उसके जीजा के घर से 25 लाख और एक अन्य रिश्तेदार के घर से 10 लाख नगदी व एक लैपटॉप उठा लिया।