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बड़ी कार्रवाई: एस्टेट ऑफिस के 3 अफसरों समेत 9 पर केस दर्ज, दो प्लाट मर्ज करने का मामला

Mon, 28 Jan 2019 10:14 AM IST
खुशबू गोयल अनुभव अवस्थी, अमर उजाला, चंडीगढ़
अनुभव अवस्थी, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 28 Jan 2019 10:14 AM IST
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Case Filed Against Nine Employees of estate office chandigarh in plot fraud case
फर्जीवाड़ा
यूटी प्रशासन के नियमों की अनदेखी करने वाले एस्टेट ऑफिस के कर्मचारियों पर बड़ी कार्रवाई हुई। तीन अफसरों समेत 9 पर केस दर्ज कर लिया गया है। चीफ विजिलेंस ऑफिसर कम एडवाइजर मनोज परिदा के निर्देश पर बिल्डिंग्स नियमों के उल्लंघन पर विजिलेंस ने केस दर्ज कर लिया। विजिलेंस सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट दर्ज होने के बाद मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है। एस्टेट ऑफिस ने किस आधार पर प्लॉटों को मर्ज करने का आदेश जारी किया था, इसको लेकर जल्द ही संलिप्त अफसरों की गिरफ्तारियां होने की बात भी कही जा रही है। केस दर्ज होने के बाद मामले में लिप्त कुछ कर्मचारी छुट्टी लेकर गायब हो गए हैं। फिलहाल स्टेट ऑफिस इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है।
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अवैध तरीके से दो प्लॉटों को किया गया मर्ज
पूरा मामला इंडस्ट्रियल एरिया फेस टू के प्लाट नंबर 84 और 85 का है। 4 साल पहले एस्टेट ऑफिस के अफसरों पर इन दोनों प्लाटों के जोड़ने की अनुमति देने का जिम्मेदार ठहराया गया है। दोनों प्लाट के मालिक अलग-अलग हैं। फिर भी दोनों प्लाटों को मर्ज करने का आदेश एस्टेट ऑफिस के अफसरों ने जारी कर दिया। मामले ने जब तूल पकड़ा तो विजिलेंस जांच के बाद कमेटी बनी थी। जांच में 20 कर्मचारियों को शामिल किया गया था, जिनमें आर्किटेक्ट विभाग और एस्टेट आफिस के कर्मचारी शामिल थे।
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15 दिन पूर्व जारी हुआ आदेश

बता दें कि विजिलेंस जांच की सिफारिश चंडीगढ़ के पूर्व डीसी मोहम्मद शाईन ने की थी। मामला एक ऑटोमोबाइल एजेंसी से जुड़ा हुआ है। प्रिंसिपल होम सेक्रेटरी अरुण कुमार गुप्ता की अध्यक्षता वाली कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर 15 दिन पूर्व विजिलेंस को एस्टेट ऑफिस के 3 एसडीओ समेत 9 कर्मचारियों पर केस दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे। अब इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है।

कार्यभार संभालते ही परिदा ने पकड़ा था मामला
सूत्रों की मानें तो प्लॉटों को मर्ज करने के  मामले में विजिलेंस की ओर से काफी पहले ही कार्रवाई होनी तय मानी जा रही थी लेकिन प्रशासन के उच्च अफसरों की मिलीभगत के चलते ही एस्टेट ऑफिस के कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। एडवाइजर परिदा ने विजिलेंस की फाइलें खंगाली तो उन्होंने पहली नजर में ही यह केस पकड़ लिया। इसके बाद तत्काल मामले में केस दर्ज कराने के निर्देश प्रशासन के होम सेक्रेटरी अरुण कुमार गुप्ता को जारी कर दिए।

होम सेक्रेटरी से लेटर मिलने के बाद एस्टेट ऑफिस के नामित सभी अफसर व कर्मचारियों पर केस दर्ज कर लिया गया है। आगे की कार्रवाई चल रही है।
- कृपाल सिंह, इंस्पेक्टर, विजिलेंस

इन पर दर्ज हुआ है केस

1. धर्मेंद्र बस्सी, एसडीओ बिल्डिंग
2. सुरेश कुमार, एसडीओ बिल्डिंग
3. विनोद कुमार जैन, एसडीओ बिल्डिंग
4. जगमोहन सिंह बिल्डिंग असिस्टेंट
5. हरनेक सिंह जूनियर इंजीनियर
6. संदीप शर्मा, ड्राफ्टमैन
7. विपिन बग्गा, ड्राफ्टमैन
8. राम सिंह सहोता, हेड ड्राफ्टमैन
9. कृपाल सिंह, जूनियर/असिस्टेंट इंजीनियर
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