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रात को बच्चों को दूध पिलाते समय ये बरतें सावधानी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 07 Feb 2014 12:32 PM IST
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रात के वक्त बोतल से मीठा दूध पीने से छोटे बच्चों के दांत खराब हो सकते हैं। उनके दांतों की बनावट बिगड़ सकती है। दांतों की चमक फीकी पड़ सकती है।
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साथ ही उनमें सड़न भी पैदा होने के चांस बढ़ जाते हैं। यह खुलासा हुआ है पीजीआई के ओरल हेल्थ साइंस सेंटर की रिसर्च में।
पीजीआई ने यह रिसर्च 100 बच्चों पर की। इसमें सामने आया है कि 38 बच्चे रात के वक्त बोतल से दूध पीते हैं। इनमे से 19 बच्चे बोतल का निप्पल मुंह में डालकर ही सो जाते हैं।
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इसके अलावा 90 प्रतिशत बच्चे ऐसा दूध पीते हैं, जिसमें चीनी मिली होती है। इससे छोटे बच्चों के दांतों के सड़ने की सबसे ज्यादा संभावना होती है।
इंडियन सोसाइटी ऑफ पीडियोडोंटिक्स एंड प्रीवेंटिव डेंटिस्ट्री के चेयरमैन डॉ. के गाबा ने बताया कि पीजीआई में नौ फरवरी को आयोजित सिंपोजियम में मुख्य फोकस यही रहेगा कि कैसे इस बीमारी के बारे में जल्द पता चले।
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इसके इलाज से संबंधित नई तकनीक के बारे में विस्तार से चर्चा भी की जाएगी।
बच्चों के होंठ चूमने से भी पैदा होती है सड़न
होंठ चूमने से मुंह के बैक्टीरिया बच्चे के मुंह पर प्रवेश करते हैं, जो बच्चों के दांत में सड़न पैदा कर सकते हैं। पीजीआई की प्रोफेसर आशिमा गोयल ने बताया कि जब बच्चा पैदा होता है तो उसके मुंह में कोई बैक्टीरिया नहीं होता।
माता-पिता जब बच्चे के होंठ को चूमते हैं या अपना झूठा खाना खिलाते हैं तो उससे बैक्टीरिया बच्चे के शरीर में प्रवेश करते हैं। उन्होंने बताया कि कई बार पैरेंट्स बच्चों को कुछ भी खिलाने से पहले टेस्ट करते हैं।
वे टेस्ट जिस चम्मच से करते हैं, उसी चम्मच से बच्चों को खिलाते हैं। यह सही नहीं है। ओरल हेल्थ साइंस सेंटर के मुताबिक छह साल से कम उम्र के 50 प्रतिशत बच्चे दांतों की सड़न से जूझते हैं।
भारत में यह गंभीर समस्या है। कम जागरूकता की वजह से बच्चों के दांत अक्सर सड़ जाते हैं।