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कैप्टन का फरमानः जो मेरे फैसले से खुश नहीं, वह जा सकता है डेप्यूटेशन पर
Sun, 21 Jul 2019 01:58 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 21 Jul 2019 01:58 AM IST
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अमरिंदर सिंह
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वरिष्ठ आईपीएस हरप्रीत सिंह सिद्घू को बतौर एसटीएफ चीफ तैनाती के आदेश के बाद से पुलिस महकमें में पावर को लेकर खींचतान होने से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह खफा हैं। उन्होंने खुलेआम ट्विटर पर अफसरों को चेतावनी देते हुए अनुशासन में रहने का पाठ पढ़ाया है।
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मुख्यमंत्री ने कहा है कि जो भी हरप्रीत सिंह सिद्धू की एसटीएफ प्रमुख के तौर पर दोबारा तैनाती से खुश नहीं हैं, उनका राज्य सेवा छोड़कर डेप्यूटेशन पर केंद्र में जा सकते हैं।
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सिद्धू की दोबारा नियुक्ति को लेकर अफसरों के बीच नाराजगी की रिपोर्ट मिलने पर गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के हित में किसी भी पुलिस अफसर की तबादला अथवा तैनाती उनके अधिकार क्षेत्र में है।
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दरअसल मुख्यमंत्री के पास इस समय गृह मंत्रालय भी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी अधिकारी को उनके आदेशों को लेकर कोई समस्या है तो वह अधिकारी केंद्र में डेप्यूटेशन पर जा सकता है। उन्होंने कहा कि वह किसी को भी अपने फ़ैसले का उल्लंघन करने की आज्ञा नहीं देंगे।
उन्होंने कहा कि एडीजीपी सिद्धू को फिर से एसटीएफ का प्रमुख नियुक्त करने का फैसला राज्य में फिर से नशों का मुद्दा बनने की रिपोर्टों के संदर्भ में लिया गया है। कैप्टन ने दोहराया कि उनकी सरकार नशों की समस्या के खात्मे के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है।
मीडिया रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरप्रीत सिद्धू की दोबारा नियुक्ति के बारे में किसी से कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
किसी भी तरह की आपत्ति जताकर अनुशासनहीनता पैदा करने वाले के लिए किसी भी पुलिस फोर्स में कोई भी जगह नहीं है। हरप्रीत सिद्धू के केंद्र में डेप्यूटेशन पर जाने की मांग को भी सीएम ने इंकार किया है।
सिद्धू को विशेष तौर पर पंजाब लाए थे कैप्टन
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 2017 में सत्ता में आने के बाद राज्य में नशे की समस्या से निपटने के लिए एसटीएफ का गठन किया था।
वह उस समय केंद्रीय नियुक्ति पर नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ में तैनात हरप्रीत सिद्धू को एसटीएफ प्रमुख बनाने के लिए विशेष रूप से लाए थे, लेकिन तत्कालीन डीजीपी सुरेश अरोड़ा के साथ सिद्धू के विवाद के कारण उन्हें पिछले साल सितंबर में हटा दिया था।
मुख्यमंत्री के विशेष प्रधान सचिव का प्रभार संभाल रहे हरप्रीत सिद्धू एक बार फिर एसटीएफ प्रमुख का जिम्मा सौंपा गया।