{"_id":"58ea92e64f1c1b41485b974d","slug":"captain-s-approval-india-s-tallest-tricolour-at-wagah-border","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अब कैप्टन की मंजूरी के बाद ही सीमा पर फहराएगा सबसे उंचा तिरंगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब कैप्टन की मंजूरी के बाद ही सीमा पर फहराएगा सबसे उंचा तिरंगा
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Updated Mon, 10 Apr 2017 09:09 AM IST
विज्ञापन
राष्ट्रीय ध्वज
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अटारी सरहद पर देश का सबसे ऊंचा तिरंगा अब पंजाब सरकार की मंजूरी के बाद ही फहराया जाएगा। जिले के डिप्टी कमिश्नर ने तिरंगे के बार-बार फटनेे से लेकर मामले में आरोप-प्रत्यारोप से जुड़ी पूरी रिपोर्ट तैयार की है। साथ ही रिपोर्ट की फाइल राज्य सरकार के गृह विभाग को भेजा है। अब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की टेबल पर ही इस पर आखिरी फैसला होगा।
वहीं सूबे के निकायमंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को तय करना होगा कि नगर सुधार ट्रस्ट इस राष्ट्रीय ध्वज पर सालाना करीब 25 लाख रुपये खर्च करेगा या नहीं। सरकार को टेक्निकल रिपोर्ट भी लेनी होगी कि तिरंगे की लंबाई 120 के स्थान पर 72 फीट और चौड़ाई 80 के बजाय 48 फीट करने के बाद झंडा हवा के दबाव में फटेगा तो नहीं। लंबाई-चौड़ाई कम होने से तिरंगे की लागत करीब 65 हजार आएगी।
लाहौर से भी नजर आने वाले इस झंडे का करीब 55 हजार किलोग्राम भार वाला पोल इन दिनों सूना पड़ा है। वजह यह है कि करीब 6 बार फटने के बाद झंडे को पिछले दिनों नीचे उतार दिया गया था। ऐसे में अटरी बॉर्डर पर देश-दुनिया से रिट्रीट सेरेमनी देखने आने वाले सैलानियों को उत्सुकता के बावजूद देश के सबसे ऊंचे तिरंगे का दीदार नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वहीं सूबे के निकायमंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को तय करना होगा कि नगर सुधार ट्रस्ट इस राष्ट्रीय ध्वज पर सालाना करीब 25 लाख रुपये खर्च करेगा या नहीं। सरकार को टेक्निकल रिपोर्ट भी लेनी होगी कि तिरंगे की लंबाई 120 के स्थान पर 72 फीट और चौड़ाई 80 के बजाय 48 फीट करने के बाद झंडा हवा के दबाव में फटेगा तो नहीं। लंबाई-चौड़ाई कम होने से तिरंगे की लागत करीब 65 हजार आएगी।
विज्ञापन
लाहौर से भी नजर आने वाले इस झंडे का करीब 55 हजार किलोग्राम भार वाला पोल इन दिनों सूना पड़ा है। वजह यह है कि करीब 6 बार फटने के बाद झंडे को पिछले दिनों नीचे उतार दिया गया था। ऐसे में अटरी बॉर्डर पर देश-दुनिया से रिट्रीट सेरेमनी देखने आने वाले सैलानियों को उत्सुकता के बावजूद देश के सबसे ऊंचे तिरंगे का दीदार नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
मंत्री ने साधी चुप्पी
सरहद पर देश का सबसे ऊंचा तिरंगा
- फोटो : अमर उजाला
कमलप्रीत सिंह संघा (डिप्टी कमिश्नर) का कहना है कि तिरंगा फहराने के मामले की सारी रिपोर्ट पंजाब सरकार के गृह विभाग को भेज दी गई है। अब सरकार के आदेश का इंतजार है।
वहीं राजीव सेखड़ी (एसई, नगर सुधार ट्रस्ट) का कहना है कि वैसे तो सोमवार को तिरंगा फहराया जाना था। डीसी ने केस की फाइल पंजाब सरकार को भेजी है। अब आदेश आने के बाद ही मामले में सार्थक कदम उठाया जाएगा।
मंत्री ने साधी चुप्पी
शहर के मेयर बख्शीराम अरोड़ा, जिला भाजपा प्रधान राजेश हनी व पंजाब मीडिया प्रभारी जनार्दन शर्मा भी वित्त राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के साथ यहां मौजूद थे। हालांकि इन नेताओं को भी नहीं पता है कि किस भाजपा प्रवक्ता ने तिरंगे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। जबकि तिरंगे का मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंच चुका है। इसीलिए उन्होंने मामले में कुछ कहना उचित नहीं समझा। उधर, पार्टी सूत्रों की मानें तो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पंजाब की टीम से कहा है कि जो भी मुद्दा है बैठकर हल क्यों नहीं होता।
वहीं राजीव सेखड़ी (एसई, नगर सुधार ट्रस्ट) का कहना है कि वैसे तो सोमवार को तिरंगा फहराया जाना था। डीसी ने केस की फाइल पंजाब सरकार को भेजी है। अब आदेश आने के बाद ही मामले में सार्थक कदम उठाया जाएगा।
मंत्री ने साधी चुप्पी
शहर के मेयर बख्शीराम अरोड़ा, जिला भाजपा प्रधान राजेश हनी व पंजाब मीडिया प्रभारी जनार्दन शर्मा भी वित्त राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के साथ यहां मौजूद थे। हालांकि इन नेताओं को भी नहीं पता है कि किस भाजपा प्रवक्ता ने तिरंगे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। जबकि तिरंगे का मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंच चुका है। इसीलिए उन्होंने मामले में कुछ कहना उचित नहीं समझा। उधर, पार्टी सूत्रों की मानें तो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पंजाब की टीम से कहा है कि जो भी मुद्दा है बैठकर हल क्यों नहीं होता।