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550वें प्रकाश पर्व पर श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर खुलता है तो स्वागत है: कैप्टन अमरिंदर सिंह
महेश कुमार, अमर उजाला, कपूरथला(पंजाब)
Updated Tue, 11 Sep 2018 10:42 AM IST
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कैप्टन अमरिंदर सिंह
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि पाकिस्तान स्थित श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के संदर्भ में खुलता है तो इसका स्वागत है। प्रकाश पर्व को लेकर सूबे भर में एक साल गुरबाणी कीर्तन होंगे जिसकी शुरुआत हो चुकी है। मुख्यमंत्री सोमवार को सुल्तानपुर लोधी में पूरे पंजाब के संत समाज के साथ एक बैठक करने पहुंचे थे। इस दौरान संत समाज से 67 लोग मौजूद थे। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने सिख इतिहास की किताब का एसजीपीसी की ओर से विरोध जताने को गलत करार दिया।
उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने श्री गुरु नानक देव जी का 550वें प्रकाश उत्सव गुरु जी के जीवन से जुड़ी ऐतिहासिक स्थानों सुल्तानपुर लोधी, डेरा बाबा नानक और बटाला में मनाने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री ने समागमों से संबंधित 36 सदस्यीय राष्ट्रीय समिति का गठन किया है, जोकि केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व में काम करेगी, जिसमें केंद्रीय वित्त मंत्री, मुख्य मंत्री पंजाब, सांस्कृतिक मामलों बारे मंत्री और सांस्कृतिक मामलों के प्रमुख सचिव शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 550वां प्रकाश पर्व 12 नवंबर 2019 को मनाया जाएगा। ऐतिहासिक स्थानों पर विकास कामों की शुरुआत इस साल नवंबर के दूसरे हफ्ते की जाएगी। सूबा सरकार ने शताब्दी समागमों के लिए केंद्र सरकार के पास से 2145 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग की है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सूबा सरकार का अमृतसर में श्री गुरु नानक देव जी के नाम पर नेशनल इंस्टीट्यूट आफ इंटरफेथ स्टडीज और गुरदासपुर में 500 करोड़ रुपये की लागत से 500 बेड वाले एक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल स्थापित करने, सुल्तानपुर लोधी में 200 करोड़ रुपये की लागत से विरासती गांव ‘पिंड बाबे नानक दम’ बनाने और विकास कार्य करवाने की योजना है। श्री गुरु नानक देव जी के नाम पर सड़कों के नाम रखने पर सीएम ने बताया कि सूबा सरकार ने इस संबंध में पहले ही गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर के उपकुलपति के नेतृत्व में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। इसमें इतिहास विभाग और शिरोमणि समिति के प्रतिनिधियों को सदस्य लिया गया है। यह समिति सरकार को ऐतिहासिक महत्ता वाली सड़कों से संबंधित सुझाव देगी।
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ट्रेन चलाने के लिए रेलवे से संपर्क
मुख्यमंत्री ने कहा कि सूबा सरकार पहले ही भारत सरकार के रेल मंत्रालय से संपर्क में है, जिससे इस मौके पर विशेष ट्रेन चलाई जा सकें। इसके अलावा श्री गुरु नानक देव जी के जीवन और फलसफे का संदेश देने के लिए सरकार एक कॉफी टेबल बुक भी छपाएगी। कैप्टन ने बाबा सरबजोत सिंह बेदी से निवेदन किया कि वह संत समाज की समिति का गठन करें, सूबा सरकार की कार्यकारी समिति से सीधा संपर्क बनाकर समागम की रूप-रेखा तैयार कर सकें। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह मान वाली बात है कि यह समागम उनकी सरकार के दौरान आ रहा है।
उन्होंने बताया कि समागमों का खाका तैयार करने के लिए स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू, सहकारिता मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और पीडब्ल्यूडी मंत्री विजय इंद्र सिंगला पर आधारित एक समिति का गठन किया। उन्होंने बाबा सरबजोत सिंह बेदी से निवेदन किया कि संत समाज के नुमाइंदों की एक 11 सदस्यीय समिति गठित की जाए। इससे पहले बाबा नरिंदर सिंह जी लंगर वालों ने कहा कि समागम के लिए विशेष लोगो तैयार किया जाना चाहिए और देश-विदेश की संगत की सुविधा के लिए विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किया जाना चाहिए। उन्होंने फिल्लौर, नूरमहल, नकोदर, सुल्तानपुर लोधी, श्री गोइंदवाल साहिब और तरनतारन को जोड़ती सड़क को नेशनल हाइवे घोषित कराने के लिए यत्न किए जाने चाहिए।
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उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने श्री गुरु नानक देव जी का 550वें प्रकाश उत्सव गुरु जी के जीवन से जुड़ी ऐतिहासिक स्थानों सुल्तानपुर लोधी, डेरा बाबा नानक और बटाला में मनाने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री ने समागमों से संबंधित 36 सदस्यीय राष्ट्रीय समिति का गठन किया है, जोकि केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व में काम करेगी, जिसमें केंद्रीय वित्त मंत्री, मुख्य मंत्री पंजाब, सांस्कृतिक मामलों बारे मंत्री और सांस्कृतिक मामलों के प्रमुख सचिव शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 550वां प्रकाश पर्व 12 नवंबर 2019 को मनाया जाएगा। ऐतिहासिक स्थानों पर विकास कामों की शुरुआत इस साल नवंबर के दूसरे हफ्ते की जाएगी। सूबा सरकार ने शताब्दी समागमों के लिए केंद्र सरकार के पास से 2145 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग की है।
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मुख्यमंत्री ने बताया कि सूबा सरकार का अमृतसर में श्री गुरु नानक देव जी के नाम पर नेशनल इंस्टीट्यूट आफ इंटरफेथ स्टडीज और गुरदासपुर में 500 करोड़ रुपये की लागत से 500 बेड वाले एक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल स्थापित करने, सुल्तानपुर लोधी में 200 करोड़ रुपये की लागत से विरासती गांव ‘पिंड बाबे नानक दम’ बनाने और विकास कार्य करवाने की योजना है। श्री गुरु नानक देव जी के नाम पर सड़कों के नाम रखने पर सीएम ने बताया कि सूबा सरकार ने इस संबंध में पहले ही गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर के उपकुलपति के नेतृत्व में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। इसमें इतिहास विभाग और शिरोमणि समिति के प्रतिनिधियों को सदस्य लिया गया है। यह समिति सरकार को ऐतिहासिक महत्ता वाली सड़कों से संबंधित सुझाव देगी।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि सूबा सरकार पहले ही भारत सरकार के रेल मंत्रालय से संपर्क में है, जिससे इस मौके पर विशेष ट्रेन चलाई जा सकें। इसके अलावा श्री गुरु नानक देव जी के जीवन और फलसफे का संदेश देने के लिए सरकार एक कॉफी टेबल बुक भी छपाएगी। कैप्टन ने बाबा सरबजोत सिंह बेदी से निवेदन किया कि वह संत समाज की समिति का गठन करें, सूबा सरकार की कार्यकारी समिति से सीधा संपर्क बनाकर समागम की रूप-रेखा तैयार कर सकें। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह मान वाली बात है कि यह समागम उनकी सरकार के दौरान आ रहा है।
उन्होंने बताया कि समागमों का खाका तैयार करने के लिए स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू, सहकारिता मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और पीडब्ल्यूडी मंत्री विजय इंद्र सिंगला पर आधारित एक समिति का गठन किया। उन्होंने बाबा सरबजोत सिंह बेदी से निवेदन किया कि संत समाज के नुमाइंदों की एक 11 सदस्यीय समिति गठित की जाए। इससे पहले बाबा नरिंदर सिंह जी लंगर वालों ने कहा कि समागम के लिए विशेष लोगो तैयार किया जाना चाहिए और देश-विदेश की संगत की सुविधा के लिए विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किया जाना चाहिए। उन्होंने फिल्लौर, नूरमहल, नकोदर, सुल्तानपुर लोधी, श्री गोइंदवाल साहिब और तरनतारन को जोड़ती सड़क को नेशनल हाइवे घोषित कराने के लिए यत्न किए जाने चाहिए।