HSGPC मुद्दे पर कैप्टन का बादल पर बड़ा हमला
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लोक सभा में कांग्रेस के उप नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हरियाणा एसजीपीसी के मुद्दे पर मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल पर हमला बोला है।
उन्होंने कहा कि बादल एसजीपीसी प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ का इस्तेमाल कर इस मामले में श्री अकाल तख्त साहिब को घसीट कर गैर जरूरी विवाद खड़ा कर रहे हैं। श्री अकाल तख्त साहिब सभी सिखों की सर्वोच्च संस्था है, वह चाहे कहीं भी रहते हों।
अलग एसजीपीसी का मुद्दा सिर्फ सियासी है
कैप्टन ने कहा कि मक्कड़ ने बयान दिया है कि श्री अकाल तख्त साहिब कई कांग्रेसियों को हरियाणा एसजीपीसी का समर्थन करने के मामले में तलब कर सकता है।
इससे लोगों का विश्वास मजबूत हुआ कि इस सर्वोच्च संस्था में बादल, मक्कड़ जैसे अपने वफादारों के जरिए दखलंदाजी करते रहते हैं। कैप्टन ने कहा कि अलग एसजीपीसी का मुद्दा सिर्फ सियासी है।
इसका सिख धार्मिक मामलों से कोई लेना-देना नहीं है। बादल और मक्कड़ जैसा बर्ताव कर रहे हैं, उससे साफ है कि वे इस सर्वोच्च संस्था का अपने निजी हितों के लिए दुरुपयोग कर रहे हैं।
गलत बयानबाजी न करें मक्कड़ और बादल
कैप्टन ने बादल व मक्कड़ से कहा कि गलत बयानबाजी से पहले सिख इतिहास पढ़ें और कानूनी राय लें। कैप्टन ने कहा कि दिल्ली के सिखों के लिए अलग गुरद्वारा प्रबंधक कमेटी की मांग को लेकर संत फतेह सिंह की अगुवाई में 1971 में मोर्चा लगाया गया था।
जिसमें बादल व अन्य अकाली नेताओं ने गिरफ्तारी दी थी और तिहाड़ जेल गए थे। अगर दिल्ली के लिए अलग कमेटी की मांग गलत नहीं थी, तो अब हरियाणा के लिए अलग कमेटी की मांग क्यों गलत है। पटना साहिब और हजूर साहिब केगुरद्वारों केप्रबंधन केलिए अलग कमेटी है। तो हरियाणा के लिए क्यों नहीं हो सकती।
हरियाणा भी बादल के कारण बना
कैप्टन ने आरोप लगाया कि हरियाणा बनने के लिए बादल और उनके जैसे लोग जिम्मेदार हैं। उनकी अगुवाई में ही पंजाब बर्बाद हुआ। पंजाब को सिख बाहुल्य राज्य बनाने केलिए बादल ने दूसरे राज्यों को ज्यादा हिस्सा दे दिया।
1947 में आधा पंजाब चले जाने के बाद भी पाकिस्तान से दिल्ली तक के हिस्से में काफी संभावनाएं थीं। पर अब पंजाब सिर्फ दो सौ गुणा दो सौ किलोमीटर के दायरे में सिमट गया है।
कैप्टन ने मक्कड़ से कहा कि वह बादल के इशारों पर नाचने के बजाय सोचें। क्योंकि लोग एसजीपीसी प्रधान के तौर पर उनकी काबलियत पर सवाल उठा रहे हैं। लोग यह भी सवाल कर रहे हैं कि कैसे वह स्पेयर पार्ट रिटेलर से इतने धनी बन गए।