मैने ललकारा तो मैदान छोड़कर भागी भाजपा: कैप्टन
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पंजाब कांग्रेस के दिग्गज नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दावा किया कि भाजपा अपनी रैली को रद्द कर भाग गई है। भाजपा को लोकसभा चुनाव में अमृतसर में धूल चाटनी पड़ी थी। दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंक कर पीता है।
इस बार भाजपा ने समय रहते ही मुकाबले से बाहर निकलना बेहतर समझा। कैप्टन ने कहा कि वह तय कार्यक्रम के अनुसार 22 जनवरी को ही अमृतसर में रैली करेंगे, क्योंकि रैली जिन मुद्दों को लेकर की जा रही है, वह अब भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि अमृतसर रैली आने वाले महीनों में होने वाली रैलियों की कड़ी में पहली होगी।
रविवार को कैप्टन अमरिंदर के लंच पर जुटी लगभग पूरी प्रदेश कांग्रेस को देखकर बाजवा गुट सतर्क हो गया था। रविवार को ही कैप्टन ने अमित शाह की रैली के समानांतर ही रैली का ऐलान करके बाजवा की चिंता बढ़ा दी। चूंकि हाल ही शुरू किया गया बाजवा का नशा विरोधी अभियान सफल नहीं रहा था, ऐसे में कैप्टन की रैली में जबरदस्त भीड़ जुटना बाजवा के लिए चिंताजनक था।
कैप्टन के ऐलान के बाद पसोपेश में भाजपा
इसे देखते हुए बाजवा ने आनन-फानन में कहा कि यह रैली पीपीसीसी के झंडे तले होगी। लेकिन कैप्टन ने तुरंत इसे खारिज करते हुए नाम लिए बगैर बाजवा को नसीहत दी कि वह क्रेडिट लेने की कोशिश न करें। इसके बाद बाजवा की सारी उम्मीदें सोनिया गांधी पर टिक गई थीं कि वे ललकार रैली में आएं तो प्रदेश अध्यक्ष की हैसियत से उन्हें भी मंच पर पहुंचने का मौका मिल जाए।
उधर, भाजपा भी ललकार रैली के ऐलान के बाद पसोपेश में थी। भाजपा की रैली रंजीत एवेन्यू में प्रस्तावित थी, जहां अधिकतम बीस हजार लोग जुट सकते थे। कैप्टन के ऐलान के बाद अमित शाह की प्रतिष्ठा दांव पर थी, क्योंकि कैप्टन से बड़ी रैली करना भाजपा के लिए चुनौती बन गया था।
कैप्टन गुट ने इसे देखते हुए ही 80-90 एकड़ की साइट पर रैली की योजना बनाई थी, जहां पचास हजार लोग जुटाने का टारगेट रखा गया है। रैली में मुख्य तौर पर अमृतसर, गुरदासपुर, तरनतारन और होशियारपुर व फिरोजपुर से वर्कर जुटाए जाएंगे। बुधवार से कैप्टन गुट के नेता अमृतसर में ही डेरा डालेंगे।