फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Captain Amarinder singh gave clean chit to Minister Ashu and DGP

कैप्टन ने मंत्री आशु और डीजीपी को दी क्लीन चिट, बोले- हम करतारपुर गलियारा बंद नहीं होने देंगे

Tue, 25 Feb 2020 10:33 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 25 Feb 2020 10:33 PM IST
विज्ञापन
Captain Amarinder singh gave clean chit to Minister Ashu and DGP
Chandigarh - फोटो : अमर उजाला

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने करतारपुर कॉरिडोर पर बयान से विवाद में आए डीजीपी दिनकर गुप्ता और टाडा के तहत इकबालिया बयान से सवालों में घिरे कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु को मंगलवार को क्लीन चिट दे दी। मुख्यमंत्री मंगलवार को पंजाब विधानसभा में दोनों मामलों पर अपना जवाब पेश कर रहे थे। उनके इस जवाब का विरोध में विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर दिया। 

विज्ञापन


मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर ने प्रश्नकाल का एलान किया। इस पर सदन के नेता और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने स्पीकर से आग्रह किया कि वे सोमवार को सदन में उठाए गए दोनों मामलों पर जवाब देना चाहते हैं। इसकी स्पीकर ने अनुमति दे दी।
विज्ञापन


कैप्टन ने निलंबित डीएसपी बलविंदर सिंह सेखों द्वारा आशु पर लगाए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि मंत्री को सभी अदालतों से क्लीन चिट मिल चुकी है। यदि सेखों ने फौज में एक सीनियर कमांडर के खिलाफ ऐसे आरोप लगाए होते तो कोर्ट मार्शल होने के साथ-साथ उसे अब तक बर्खास्त कर दिया गया होता। उन्होंने कहा कि आशु पर आरोप लगाने वाले निलंबित डीएसपी यदि दोषी पाए गए तो उन्हें धारा 311 के तहत तुरंत बर्खास्त कर दिया जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अकाली सरकार के बनाए आयोग ने आशु को ठहराया था निर्दोष 
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व डीएसपी सेखों अपने बेबुनियाद आरोपों से मंत्री की साख को चोट पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। सेखों द्वारा बताए गए सभी मामलों की अदालती जांच की गई थी और डीएसपी द्वारा कोई नया सुबूत पेश नहीं किया गया। कैप्टन ने कहा कि उस समय आशु सिर्फ 19 साल के थे, जब उनके माता-पिता को मार दिया गया था। आशु के खिलाफ टाडा मामलों की जांच उस समय की अकाली सरकार द्वारा बनाए गए आयोग द्वारा की गई थी। आयोग ने आशु को पूरी तरह निर्दोष ठहराया था।

हर इंसान से गलती होती है, डीजीपी ने अफसोस जाहिर किया है: सीएम 

करतारपुर गलियारे द्वारा खतरे की संभावना के संबंध में डीजीपी दिनकर गुप्ता के हालिया बयान पर कैप्टन ने कहा कि इन प्रतिक्रियाओं को पूरी तरह टाला जा सकता था। डीजीपी ने अफसोस जाहिर कर दिया है। प्रत्येक व्यक्ति से गलती हो सकती है। यहां तक कि मैं भी गलती कर सकता हूं, हम सभी इंसान हैं।

उन्होंने विपक्षी सदस्यों से पूछा कि क्या उनमें से कोई यह दावा कर सकता है कि उसने गलतियां नहीं की हैं। उन्होंने कहा कि अब यह मामला खत्म हो गया है और अब हमें शांति बहाली पर ध्यान देना चाहिए। पंजाब बड़े बुरे दौर से गुजरा है। इस कारण वे नहीं चाहते कि पलट कर वैसा समय आए। राज्य में आतंकवाद के दिनों के दौरान 35,000 पंजाबियों और 1700 पुलिसकर्मियों ने अपनी जानें गंवाई थीं। इसके अलावा सैनिक अलग शहीद हुए थे। हम सभी की जिम्मेदारी बनती है यह सुनिश्चित किया जाए कि यह सब पलट कर न घटे।

सुरक्षा को लेकर सरकार के पास हैं गुप्त दस्तावेज: कैप्टन
सीएम ने कहा कि लोगों और देश की सुरक्षा खतरे की चिंता है और यह गंभीर मुद्दा है लेकिन यह चिंताएं गलियारा खुलने के कारण नहीं हैं बल्कि यह पाकिस्तान की बुरी नीयत के कारण हैं। कहा कि उनकी सरकार के पास गुप्त दस्तावेज़ हैं, जिन्हें सदन में बांटा नहीं जा सकता। सीएम ने खुलासा किया कि तीन सालों में उनकी सरकार ने आईएसआई के नापाक इरादों को नाकाम करने में सफलता हासिल की है। चीनी ड्रोनों की तस्वीरें दिखाते हुए कहा कि यह ड्रोन रावी के जरिये तैरकर आए एक व्यक्ति से जब्त किए गए हैं लेकिन हो सकता है कि और ड्रोन भी हों, जो अभी तक पकड़े नहीं जा सके।

विपक्ष ने कैप्टन के जवाब पर उठाए सवाल

कैप्टन द्वारा भारत भूषण आशु को क्लीन चिट दिए जाने पर विरोधी पक्ष के नेता हरपाल चीमा ने आशु के उस इकबालिया बयान का उल्लेख किया जो उन्होंने तत्कालीन एसएसपी के सामने दर्ज कराया था। इस पर सीएम ने कहा कि आशु ने अपने चुनावी हलफनामे में इन सभी मामलों का जिक्र किया था।

सीएम ने कहा, ‘‘इस व्यक्ति (सेखों) को पुलिस फोर्स से निकाल दिया गया था और यहां तक कि कई गंभीर आरोपों में ड्यूटी से बर्खास्त भी कर दिया गया था। लेकिन बाद में उसे बहाल कर दिया गया और अब वह मेरे मंत्री पर दोष लगा रहा है।’’ आशु को एक काबिल मंत्री बताते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के गोदाम भरे हुए हैं और मंत्री इन सभी मसलों को हल करने की कोशिश कर रहे हैं।

खफा अकाली और आप विधायकों का वाकआउट
कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशू पर निलंबित डीएसपी बलविंदर सिंह सेखों द्वारा लगाए गए लुधियाना में बम ब्लास्ट कराने, तीन महिला मुखबिरों की हत्या कराने और एक हवलदार की हत्या कराने के गंभीर आरोपों और डीजीपी दिनकर गुप्ता द्वारा करतारपुर कॉरिडोर को लेकर दिए गए विवादित बयान में मंगलवार को सदन में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जवाब दिया, जिस पर अकाली दल और आम आदमी पार्टी के सदस्य असंतोष जाहिर करते हुए कुछ देर शोरशराबे के बाद सदन से वाकआउट कर गए।

सदन से बाहर आकर, दोनों दलों के विधायकों ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि आशू पर बम ब्लास्ट में संलिप्त होने के साथ कई अन्य मामले भी दर्ज हैं। इस पर सरकार से जवाब मांगा गया था। उन्होंने कहा कि सरकार को आशु के खिलाफ एक-एक मामले का जवाब देना चाहिए था और अगर टाडा केस में मंत्री को बरी कर दिया गया था तो बाकी मामलों में क्या कार्रवाई हुई? उन्होंने कहा कि अगर इन मामलों में कोई कार्रवाई नहीं की गई है तो सरकार इन मामलों में अदालती कार्रवाई क्यों नहीं कर रही या क्यों नहीं करना चाहती? दोनों दलों ने सरकार से मांग की कि इस मामले में सीबीआई जांच कराई जाए।

फिर क्यों न प्रकाश सिंह बादल के खिलाफ केस चलाया जाए?

अकाली दल के सदस्य बिक्रम सिंह मजीठिया ने सवाल उठाया कि अगर 32 साल बाद अकाली नेता वल्टोहा के खिलाफ केस खोले जा सकते हैं तो आशु के खिलाफ क्यों नहीं? कैप्टन ने इस पर कहा, ‘‘फिर क्यों न हमारे संविधान की कापियां फाड़ने वाले प्रकाश सिंह बादल के खिलाफ केस चलाया जाए? '’डीजीपी के बयान को लेकर मजीठिया द्वारा जाहिर की गई चिंता पर कैप्टन ने कहा कि पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता और इसकी मिसाल साल 1947, 1965, 1971 और कारगिल जंग से ली जा सकती है। 
 
कैप्टन ने सदन में खोला निलंबित डीएसपी का कच्चा-चिट्ठा
सीएम ने कहा कि सेखों के बयान घोर अनुशासनहीनता हैं, जिसके लिए हथियारबंद सेनाओं में कोर्ट मार्शल कर दिया गया होता। कैप्टन ने दिसंबर, 2019 में सेखों के खिलाफ कार्रवाई की थी, को सदन में पढ़ते हुए कहा कि जिन धाराओं के तहत डीएसपी को निलंबित और चार्जशीट किया गया था, ऐसी धाराएं अनुशासित फोर्स के किसी अधिकारी के लिए अपमानजनक हैं। 
 
हम करतारपुर गलियारा बंद नहीं होने देंगे: कैप्टन
कैप्टन ने पाकिस्तान के नापाक मंसूबों पर निगरानी रखने की जरूरत पर जोर देने के साथ मंगलवार को यह बात साफ कर दी कि सुरक्षा की चिंताओं की परवाह किये बगैर गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब के ‘खुले दर्शन दीदार’ के लिए करतारपुर गलियारा सदा खुला रहेगा। पंजाब विधानसभा में अपने बयान में मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हम करतारपुर गलियारा बंद नहीं होने देंगे।’’ कैप्टन ने कहा, ‘‘करतारपुर साहिब गलियारा खुला है क्योंकि हम चाहते थे कि यह गलियारा प्रत्येक पंजाबी चाहता था और रोजाना इससे  श्री ननकाना साहिब, श्री पंजा साहिब और अन्य गुरुधामों के दर्शनों के लिए अरदास करता था।’’ 
 

आशू का जानबूझ कर बचाव कर रही सरकार : मजीठिया

अकाली दल नेता बिक्त्रस्म सिंह मजीठिया ने कहा कि सरकार जानबूझकर अपने मंत्री का बचाव कर रही है। उन्होंने कहा कि जब आशु के खिलाफ इतने संगीन आरोप हैं तो सरकार को ठोस कार्रवाई करनी चाहिए और सदन के साथ जनता को भी जवाब देना चाहिए कि ऐसे मंत्री को सरकार में क्यों रखा गया है? उन्होंने आगे कहा कि सरकार अगर इस मंत्री को नहीं हटाना चाहती तो सभी मामलों की सीबीआई जांच जरूर कराए ताकि मामले में स्थिति साफ हो सके।

कितना भी पुराना केस हो, अदालत ले जाया जा सकता है : हरपाल चीमा
सदन में नेता प्रतिपक्ष, आम आदमी पार्टी के हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मामला कितना भी पुराना हो, उसे अदालत में फिर से खुलवाया जा सकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अकाली नेता विरसा सिंह वल्टोहा के खिलाफ 36 साल बाद एक मामले में चालान पेश किया गया। अगर इतने साल बाद चालान पेश किया जा सकता है और कार्रवाई की जा सकती है तो मंत्री आशू के मामले में क्यों नहीं? उन्होंने आरोप लगाया कि अपने मंत्री को बचाने के लिए सरकार को दोहरी नीति अपना रही हैं।

विपक्ष ने लिया यू-टर्न : खैरा
आम आदमी पार्टी के बागी विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने आरोप लगाया कि दोनों विपक्षी दल- अकाली और आप आज सदन में एक्सपोज हो गए हैं। उन्होंने कहा कि सोमवार को दोनों दल जहां सदन में डीजीपी और मंत्री आशु पर कार्रवाई को लेकर आक्रामक थे, आज दोनों ने चुप्पी साध ली, जिससे लग रहा है कि वह कांग्रेस के साथ मिल गए हैं। खैरा ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी का रातों रात यू टर्न, उनकी मिलीभगत उजागर कर रहा है।

हर कैदी पर प्रतिदिन 289.49 रुपये खर्च किए गए

पंजाब की जेलों में बीते साल हर कैदी पर प्रतिदिन 289.49 रुपये खर्च किए गए। यह खर्च कैदी को भोजन, दवाएं और कपड़े मुहैया कराने पर खर्च हुआ। 2018-19 में राज्य की सभी जेलों में औसतन 22478 कैदी बंद रहे। इनके राशन, दवाएं और कपड़ों पर कुल 36,56,55,388 करोड़ रुपये खर्च हुए। इस तरह प्रति कैदी प्रति दिन 44.57 रुपये का खर्च आया।

यह जानकारी मंगलवार को पंजाब विधानसभा सत्र में प्रश्नकाल के दौरान जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने आप के विधायक मास्टर बलदेव सिंह द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में सदन में दी। मास्टर बलदेव सिंह जानना चाहते थे कि राज्य की जेलों में कैदियों के लिए प्रति दिन कितना खर्च किया जाता है? जेल मंत्री ने बताया कि 2018-19 में विभाग के कुल बजट में से 237,51,39,427 रुपये खर्च हुए हैं। इस तरह विभाग का प्रति कैदी प्रति दिन ओवरआल खर्च 289.49 रुपये रहा।

 पर्यटन मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने बताया कि सरकार द्वारा हरिके वैटलैंड और बर्ड सेंचुरी को सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बनाने के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक की सहायता से इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट इनवेस्टमेंट प्रोग्राम फार टूरिज्म (आईडीआईपीटी) प्रोजेक्ट के तहत विकास के कार्य करवाए गए हैं। आप विधायक सर्वजीत कौर मानुके द्वारा जगराओं के दोनों ब्लाक में कोई भी स्टेडियम नहीं होने का उल्लेख करते हुए, स्टेडियम बनाने के प्रस्ताव के बारे में सवाल उठाया गया, जिस पर खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी ने सदन में बताया कि हलका जगराओं के दोनों ब्लाक में कोई स्टेडियम नहीं है।

वन मंत्री साधू सिंह धर्मसोत ने बताया कि जीरकपुर-बलटाना के अधीन सरकारी वन पभात और पीर मुछल्ला (जिला एसएएस नगर) में नगर वन जागरूकता पार्क 2016-17 के दौरान बनाए गए थे, उन पर क्रमश: 50 लाख और 1 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं, जो गमाडा द्वारा दिए गए थे और इन पार्कों की देखभाल की जिम्मेदारी भी गमाडा की है। मेडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री ओम प्रकाश सोनी ने जानकारी दी कि पठानकोट में पीपीपी मोड स्कीम के तहत स्थापित किए जा रहे मेडिकल कालेज का पंजाब इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (पीआईडीबी) द्वारा सर्वे किया जा रहा है।

करतारपुर दर्शनों के लिए पासपोर्ट की शर्त और फीस हटाने की मांग

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर करतारपुर साहिब के दर्शनों की प्रक्रिया को आसान बनाने और पासपोर्ट की शर्त ख़त्म करने की मांग करेगा। प्रतिनिधिमंडल द्वारा प्रधानमंत्री को भारतीय श्रद्धालुओं पर लगने वाली 20 डॉलर फीस घटाने के लिए पाकिस्तान पर दबाव डालने की भी अपील की जाएगी। पंजाब विधानसभा में मंगलवार को इस संबंध में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया।

सहकारिता मंत्री सुखजिन्दर सिंह रंधावा द्वारा पेश किये प्रस्ताव में कहा गया कि नानक लेवा संगत की दशकों की अरदासों के बाद 9 नवंबर, 2019 को श्री करतारपुर साहिब को दर्शनों के लिए खोला गया, जिसे इतिहास में सुनहरी अक्षरों में लिखा जाएगा। लेकिन इस समय जो कोई भी नानक नाम लेवा श्रद्धालु श्री करतारपुर साहिब जी के दर्शनों के लिए जाना चाहता है तो उसे अपनी पहचान दिखाने के लिए पासपोर्ट की ज़रूरत होती है और 20 डॉलर फीस भी देनी पड़ती है। हमारे बहुत से ऐसे निवासी हैं, जिनके पास पासपोर्ट ही नहीं है, जिस कारण वह चाहते हुए भी दर्शनों से वंचित रह जाते हैं।

इसके अलावा वैबसाईट पर रजिस्ट्रेशन के लिए बहुत मुश्किल प्रक्त्रिस्या रखी गई है जो कि श्रद्धालुओं के लिए बहुत बड़ी रुकावट है। प्रस्ताव में पंजाब सरकार को यह मसले केंद्र सरकार के पास उठाने की ज़ोरदार सिफ़ारिश की गई ताकि केंद्र द्वारा पाकिस्तान सरकार के साथ बात करके पासपोर्ट की शर्त हटाई जाये और इसकी जगह पहचान के अन्य दस्तावेज़ों जैसे कि आधार कार्ड मंज़ूर किये जाने चाहिएं।

इस प्रस्ताव पर बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष व आम आदमी पार्टी से विधायक हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि उनकी पार्टी इस प्रस्ताव का समर्थन करती है लेकिन यह मांग भी करती है कि जब तक 20 डालर वाली शर्त खत्म नहीं हो जाती, तब तक इस राशि में से 10 डालर एसजीपीसी और बाकी 10 डालर राज्य सरकार अपने स्तर पर योगदान दे। अकाली दल के विधायक गुरप्रताप सिंह वडाला द्वारा सदन में जब यह सुझाव रखा कि राज्य सरकार को यह मसला केंद्र सरकार के पास उठाना चाहिए।

इस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें कहा कि वह भी केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के साथ इस मसले को उठाएं ताकि श्रद्धालुओं के हित में जल्द हल की भूमिका तैयार की जा सके। वड़ाला ने कहा कि पासपोर्ट और रजिस्ट्रेशन की प्रक्त्रिस्या को सरल बनाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने वडाला के सुझाव पर सहमति जताते हुए कहा कि वे जल्द ही एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रधानमंत्री से मिलेंगे। इसके बाद स्पीकर राणा केपी सिंह द्वारा सदन में पढ़े गए इस प्रस्ताव को सभी पार्टियों ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed