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Hindi News ›   Chandigarh ›   Captain Amarinder Singh calls for Power Department meeting

एक माह बाद भी नहीं माने नवजोत सिद्धू, कैप्टन अमरिंदर सिंह ने खुद बुलाई उनके विभाग की बैठक

Thu, 11 Jul 2019 04:15 AM IST
ajay kumar हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़
हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 11 Jul 2019 04:15 AM IST
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Captain Amarinder Singh calls for Power Department meeting
कैप्टन अमरिंदर सिंह, नवजोत सिद्धू - फोटो : फाइल फोटो

अपने मंत्रियों के विभागों में फेरबदल करने के करीब एक महीने बाद आखिरकार मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को ही बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करनी पड़ी।

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ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्त्रोत मंत्री बनाए गए नवजोत सिंह सिद्धू ने अब तक अपना नया विभाग नहीं संभाला है। बुधवार को मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई बिजली अधिकारियों की बैठक में भी वे नहीं पहुंचे।
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मुख्यमंत्री द्वारा ही बिजली विभाग की पहली विधिवत बैठक बुलाए जाने से यह कयास लगाए जाने लगे हैं कि अब कैप्टन ने भी यह मान लिया है कि सिद्धू शायद अपना विभाग नहीं संभालेंगे। दरअसल, बुधवार को बुलाई गई बैठक में मुख्यमंत्री ने बिजली विभाग के कामकाज की समीक्षा की और बिजली चोरी समेत अन्य मामलों में सुधार के लिए निर्देश जारी किए। 

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आमतौर पर यह सारी गतिविधि बिजली मंत्री की अध्यक्षता में होने वाली बैठकों में ही संपन्न होती हैं। मुख्यमंत्री ने बिजली अधिकारियों के साथ बैठक तो की लेकिन इसमें मंत्री की गैरमौजूदगी का जिक्र नहीं हुआ।

फिलहाल मुख्यमंत्री ने इस विभाग को अपने अधीन लेने का एलान भी नहीं किया। दूसरी ओर नवजोत सिंह सिद्धू अपना पुराना विभाग हासिल करने के लिए कांग्रेस आलाकमान के कई चक्कर काटने के बाद खामोश होकर बैठ गए हैं। 

उनके कुछ कैबिनेट सहयोगियों ने उन्हें नया विभाग संभाल लेने की अपील भी की है लेकिन सिद्धू की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। उल्लेखनीय है कि सिद्धू ने मुख्यमंत्री द्वारा उनसे स्थानीय निकाय विभाग लेकर बिजली विभाग सौंपे जाने का आशय यह निकाला है कि कैप्टन ने सरकार में उनका कद घटा दिया है। 

सिद्धू ने राहुल गांधी से कैप्टन की शिकायत भी की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। उसके बाद उन्होंने राहुल के समक्ष यह मांग रखी कि उन्हें नए विभाग के साथ-साथ प्रदेश कांग्रेस में कोई बड़ी जिम्मेदारी भी दी जाए। लेकिन ऐसा भी कुछ नहीं होने के बाद से सिद्धू ने मौन धारण कर लिया है। वे न तो सार्वजनिक तौर पर किसी से मिल रहे हैं और न ही कोई बयान जारी कर रहे हैं। 

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