जेटली के बाद अब अमित शाह को पछाड़ने उतरेंगे कैप्टन
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भाजपा के हैवीवेट लीडर अरुण जेटली के बाद अब पार्टी प्रधान अमित शाह गुरु की नगरी अमृतसर में घिरते नजर आ रहे हैं। जेटली को कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लोकसभा चुनाव में घेरा था, अब शाह के लिए भी कैप्टन ही चुनौती बन गए हैं।
कैप्टन अमरिंदर के 22 जनवरी को भाजपा के समानांतर अमृतसर में रैली के ऐलान से पंजाब भाजपा की सांस फूल गई है। लोकसभा चुनाव में अमृतसर को सेफ सीट समझते हुए भाजपा ने अरुण जेटली को उतारा था।
लेकिन कांग्रेस ने ट्रंप कार्ड खेलते हुए कैप्टन को उतार दिया। सारे समीकरण बदल गए और जेटली भारी अंतर से हारे। अब अमित शाह ने अमृतसर से नशा विरोधी अभियान का आगाज करने का फैसला किया है।
पंजाब भाजपा में बेचैनी बढ़ गई
इसके लिए भाजपा अपने गठबंधन साझीदार शिअद से भी किनारा कर रही है। लेकिन रविवार को कैप्टन ने अमृतसर में ही शाह के समानांतर नशा विरोधी रैली करने का ऐलान कर दिया। इससे भाजपा के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है।
कैप्टन के लंच में पंजाब के करीब 110 हलकों के प्रतिनिधि और तमाम कांग्रेसी दिग्गज जुटे थे। उससे साफ है कि अमृतसर रैली में पंजाब भर से वर्कर जुटाकर शक्ति प्रदर्शन किया जाएगा। ऐसे में भाजपा के लिए अपने दम पर इतनी भीड़ जुटाना आसान नहीं होगा, क्योंकि शिअद को उसने शामिल नहीं किया है।
अंदरखाते कुछ अकाली भी कैप्टन की मदद कर सकते हैं क्योंकि वे भी भाजपा की रैली को सफल होते नहीं देखना चाहते। इसे लेकर पंजाब भाजपा में बेचैनी बढ़ गई है।
अगर शाह की रैली में कैप्टन से कम भीड़ जुटी तो प्रदेश भाजपा के लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है, क्योंकि यह रैली अब पार्टी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन चुकी है।