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अकालियों ने किसान विरोधी अध्यादेशों का समर्थन कर पंजाब के हित बेचे: कैप्टन अमरिंदर सिंह

Sun, 05 Jul 2020 12:40 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 05 Jul 2020 12:40 PM IST
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Capt Amarinder singh targets on Akali dal regarding agricultural ordinances
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि अकालियों ने राज्य की किसानी को तबाह कर देने वाले किसान विरोधी अध्यादेशों का समर्थन करके पंजाब के हित बेच दिए हैं। किसान विरोधी अध्यादेशों के विरुद्ध वह केंद्र सरकार से लड़ाई लड़ेंगे। जल्द ही प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के लिए समय मांगेंगे। 

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उन्होंने बताया कि भाजपा को छोड़कर सभी दलों ने पीएम से मिलने का फैसला सर्वसम्मति से लिया था। शांता कुमार कमेटी की सिफारिशों का हवाला देते हुए कैप्टन ने आगाह किया, ‘‘सुखबीर बादल या भाजपा वाले चाहे कुछ भी कहें, यदि एक बार अध्यादेश पास हो गए तो केंद्र की तरफ से अपने अगले कदम में न्यूनतम समर्थन मूल्य को खत्म करने के साथ-साथ एफसीआई को भी तोड़ दिया जाएगा।’’
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सीएम ने कहा कि अकालियों को सिर्फ अपने राजनैतिक लाभ से मतलब है और हरसिमरत बादल को केंद्रीय कैबिनेट में अपनी कुर्सी बचाने की फिक्र है। उन्होंने कहा कि वास्तव में बादल किसी भी कीमत पर पंजाब में गठजोड़ बचाने के लिए भाजपा को खुश करने में लगे हैं। सुखबीर चाहते हैं कि उनकी पत्नी केंद्रीय कैबिनेट में रहें और वह खुद प्रधान बने रहें। वह पंजाब के बारे में नहीं सोचते बल्कि उन पर व्यक्तिवाद भारी है।’’
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इतिहास गवाह है, अकालियों ने पंजाब के टुकड़े किए : कैप्टन
फेसबुक लाइव के जरिये आम लोगों के सवालों के जवाब देते हुए सीएम ने कहा कि अकालियों ने पहले भी राज्य को बर्बाद कर दिया और अब इन अध्यादेशों की हिमायत करके किसानी को तबाह करने को उतावले हैं। उन्होंने अध्यादेशों  को मुल्क के संघीय ढांचे पर सीधा हमला बताया। कैप्टन ने कहा कि अकालियों ने पंजाब के टुकड़े किए और अपने संकुचित राजनैतिक हित पालने की खातिर संकुचित नज़रिया अपनाते हुए राज्य के अनेक साधन हिमाचल प्रदेश और हरियाणा को दे दिए। 

कैप्टन ने कहा कि यदि राज्य का विभाजन न होता तो संसद में पंजाब की नुमाइंदगी कई गुना अधिक होती और दिल्ली में पंजाब का दबदबा होता, जिससे इसके हितों को दरकिनार करने का सवाल ही पैदा नहीं होना था। उन्होंने संसद में राज्य के सिर्फ 13 सांसद होने पर अफसोस ज़ाहिर करते हुए कहा कि पंजाब की आवाज सुनी नहीं जा रही और खासतौर पर अन्य राज्यों की तरफ से भी अब गेहूं का उत्पादन शुरू कर देने से केंद्र महसूस करने लगा है कि अनाज की सुरक्षा के लिए अब पंजाब की जरूरत नहीं रही। सीएम ने कहा, ‘‘केंद्र की सरकारों ने पंजाब का इस्तेमाल करके छोड़ दिया। 

कैप्टन ने इन सवालों के भी दिए जवाब

  • मुख्यमंत्री ने केंद्र के उस फैसले का स्वागत किया, जिसमें उनकी अपील पर टिड्डी दल के हमले को रोकने के लिए हेलीकॉप्टरों द्वारा स्प्रे की आज्ञा दी गई है। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि टिड्डी दल से पंजाब का बचाव हो जाएगा। उन्होंने कहा कि एमआई-17 को रसायनों के स्प्रे के लिए रखा गया है और यह काम राजस्थान से जल्द शुरू हो जाएगा।
  • कोविड पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति ठीक नहीं है। जैसे भारत में निरंतर केस बढ़ रहे हैं, पंजाब में भी संख्या 6000 को पार कर गई है और अब तक 157 मौतें हो गई हैं। उन्होंने सभी एहतियातों के पालन पर जोर देते हुए कहा कि मास्क लगाना और सामाजिक दूरी का पालन यकीनी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि हर रोज नियमों के उल्लंघन के 4000-5000 केस दर्ज हो रहे हैं, जिनमें सड़कों पर थूकने के मामले भी शामिल हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह अपनी और पंजाब की सुरक्षा के लिए सेहत सलाह का पालन करें। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हम सिर्फ कंट्रोल कर सकते हैं, इलाज नहीं ’’। मुख्यमंत्री ने लोगों की तरफ से सरपंचों और अन्य की तरफ से मिशन फतेह के हिस्से के तौर पर साझी की गई सारी हिदायतों का पालन करने की हिदायत दी।
  • डॉक्टरों, पैरा मेडिकल और नर्सों की भर्ती के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि कैबिनेट की मंजूरी के साथ भर्ती प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है। कैबिनेट की तरफ से कोविड के साथ ताकतवर होकर निपटने के लिए यह विशेष फैसला किया गया है।

  • कोचिंग सेंटर खोले जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह फैसला केंद्र की तरफ से लिया जाना है लेकिन राज्य सरकार इस संबंध में आज्ञा लेने के लिए केंद्र को लिखेगी क्योंकि पंजाब की स्थिति कई राज्यों की अपेक्षा बेहतर है।
  • एक विद्यार्थी ने कनाडा जाने के बारे में पूछा, जहां उसे सितंबर में परीक्षा में हिस्सा लेना है, मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा इससे पहले शुरू हो जाएंगी और यदि फ्लाइटें फिर शुरू होती हैं तो पंजाब सरकार उसका नाम सूची में शामिल करवाने का प्रयास करेगी। 
  • चीन और पाकिस्तान के साथ सरहदी स्थिति पर फिरोजपुर निवासी के सवाल पर कैप्टन ने कहा कि भारतीय फौज इन दोनों मुल्कों के साथ निजी रूप या साझे तौर पर हर प्रकार के खतरों से निपटने के काबिल है। 
  • खरड़ फ्लाईओवर खुलने में हो रही देरी संबंधी सवाल पर कैप्टन ने कहा कि यह नेशनल हाईवे अथॉरिटी का प्रोजेक्ट है और कोविड के कारण इसमें देरी हुई है। लेकिन अब इसका काम फिर शुरू हो चुका है और उनकी सरकार इस संबंध में भारत सरकार के साथ प्रोजेक्ट की पैरवी कर रही है।
  • मुख्यमंत्री ने फाजिल्का की मनप्रीत कौर, जो एक दुर्घटना पीड़ित है और जिसे पिछली सरकार की तरफ से नौकरी देने का वादा किया गया था, को भरोसा दिया कि वह इस बारे में टिप्पणी नहीं करेंगे कि अकाली-भाजपा सरकार ने क्या किया लेकिन ‘‘हम सरकार की वचनबद्धता पूरी करेंगे।’’
  • एंबुलेंस फ्लीट को राज्य में मजबूत करने बारे कैप्टन ने कहा कि 400 का लक्ष्य इसी साल पूरा कर लिया जाएगा।
  • एक अन्य सवाल पर कैप्टन ने कहा कि खेलों को उत्साहित करने के लिए पंजाब में 750 स्टेडियम बनाए जाएंगे और प्रति ब्लॉक 5 स्टेडियम होंगे।
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