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बर्मिंघम में कैप्टन अमरिंदर सिंह का संबोधन, पाक के साथ शांति और दोस्ती की वकालत की
Tue, 26 Nov 2019 12:25 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बर्मिंघम (यूके)/चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बर्मिंघम (यूके)/चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 26 Nov 2019 12:25 AM IST
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मुख्यमंत्री को श्री करतारपुर साहिब गुरुद्वारे की पेंटिंग भेंट करतीं यूके में भारत की हाई कमिश्नर रुचि घनश्याम।
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भारत और पाकिस्तान की खुशहाली और विकास के लिए पाकिस्तान के साथ शांति और दोस्ती की वकालत की है। इसी के साथ उन्होंने कहा कि भारत आईएसआई समर्थित सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) संगठन को देश की अखंडता और स्थिरता को भंग करने की अनुमति नहीं देगा।
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मुख्यमंत्री सोमवार को श्री गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के मौके पर बर्मिंघम में आयोजित विशेष समागम के दौरान प्रवासी भारतीयों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सांसारिक समस्याओं के सामूहिक हल के लिए श्री गुरु नानक देव जी के फलसफे के अनुसार शांति के प्रसार के लिए पड़ोसी मुल्कों के साथ दोस्ताना संबंध बनाने की बात कही।
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उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों ने कई चुनौतियों का सामना किया था। अब समय आ गया है कि वह बीते समय को भूलकर दोस्ती की भावना के साथ आगे बढ़ते हुए अपनी तरक्की को यकीनी बनाएं।
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550वें प्रकाश पर्व के समागम को एक और साल जारी रखेंगे
श्री गुरु नानक देव जी के ‘परमात्मा एक है’ के फलसफे का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने भविष्य की रक्षा और पंजाब व इसके लोगों के विकास के लिए धर्म और जाति से ऊपर उठने की जरूरत पर जोर दिया। कैप्टन ने कहा कि उनकी सरकार महान गुरु के संदेश को फैलाने के लिए 550वें प्रकाश पर्व के समागमों को एक और साल जारी रखेगी।
बाबा नानक ने ‘पवन गुरु, पानी पिता, माता धरत’ की विचारधारा के द्वारा प्रकृति की रक्षा की महत्ता का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान की एक यूनिवर्सिटी समेत 11 यूनिवर्सिटियों में एक गुरु नानक चेयर स्थापित करने का फैसला लिया गया है। इसका उद्देश्य गुरु जी की उदासियों और फलसफों की खोज करना है जिससे मानवता के भले के लिए इसका प्रभावशाली ढंग से प्रचार किया जा सके।