Haryana: 7471 पदों की टीजीजी भर्ती में 2015 में एचटेट पास करने वालों को मिलेगा मौका, अभ्यर्थियों को बड़ी राहत
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने इससे पहले 2015 में एचटेट पास करने वालों के लिए कोई प्रावधान नहीं किया था और उनके आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे थे। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर छपने के बाद सरकार हरकत में आई।
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हरियाणा में टीजीटी के 7471 पदों पर निकली भर्ती में अब वर्ष 2015 में एचटेट पास करने वाले अभ्यर्थी भी हिस्सा ले सकेंगे। अमर उजाला के 27 फरवरी के अंक में खबर प्रकाशित होने के बाद हरियाणा सरकार ने इसकी मंजूरी दे दी है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने भी इसकी आधिकारिक सूचना जारी कर दी है। भर्ती प्रक्रिया से बाहर हुए करीब 30 हजार अभ्यर्थियों को सरकार के इस फैसले से राहत मिली है।
सितंबर 2022 में टीजीटी की भर्ती निकाली गई थी। उस समय 2015 में एचटेट पास करने वाले अभ्यर्थी इस भर्ती के लिए योग्य थे लेकिन तकनीकी कारणों से किसी का भी आवेदन नहीं लिया जा सका था। इसके बाद सरकार ने इस भर्ती को वापस ले लिया क्योंकि हरियाणा में एचटेट प्रमाण पत्रों की वैधता सात साल है। ऐसे में 2015 में एचटेट पास करने वाले अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की वैधता 31 दिसंबर 2022 थी लेकिन तय समय में सरकार दोबारा भर्ती विज्ञापित नहीं कर पाई।
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने अब 23 फरवरी से 15 मार्च तक दोबारा ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। विज्ञापित भर्ती में साफ लिखा है अभ्यर्थियों के सभी प्रमाण-पत्र वैध होने चाहिए। अगर प्रमाण-पत्र वैध नहीं हैं तो ऑनलाइन सिस्टम उनके आवेदन स्वीकार नहीं करेगा। ऐसे में 2015 वाले अभ्यर्थियों के आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे थे।
2015 में एचटेट पास करने वाले भी अब टीजीटी भर्ती के लिए आवेदन कर सकेंगे। उनके आवेदनों में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आएगी। 26 सितंबर 2022 तक योग्यता पूरी करने वाले सभी उम्मीदवार आवेदन करने के पात्र होंगे। भोपाल सिंह खदरी, अध्यक्ष, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग।
खबर प्रकाशित होते ही हरकत में आई सरकार
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने इससे पहले 2015 में एचटेट पास करने वालों के लिए कोई प्रावधान नहीं किया था और उनके आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे थे। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर छपने के बाद सरकार हरकत में आई और जो काम सप्ताह से नहीं हो रहा था, वह एक ही दिन में हो गया।
16 साल बाद हरियाणा में टीजीटी संस्कृत के 926 पद विज्ञापित
16 साल के बाद हरियाणा में टीजीटी संस्कृत के 926 पद विज्ञापित करने के साथ पारंपरिक संस्कृत महाविद्यालयों को भी आर्थिक मदद देने का फैसला सरकार को लेना चाहिए। दरअसल, गुरुकुल और पारंपरिक संस्कृत महाविद्यालयों में शास्त्री और आचार्य की शिक्षा के अलावा वेद, व्याकरण, ज्योतिष ज्ञान और न्याय दर्शन की शिक्षा भी जाती है।
संस्कृत भारती हरियाणा न्यास ने लंबे समय पर भर्ती प्रक्रिया के लिए सरकार का स्वागत करने के साथ ही यह मांग रखी है। उक्त मांग संस्कृत भारती हरियाणा न्यास के अध्यक्ष डॉ. सोमेश्वर शर्मा, प्रांत मंत्री प्रमोद शास्त्री और कोषाध्यक्ष हरिदेव शास्त्री ने उठाई। विद्यालयों में वर्ष 2006 के बाद टीजीटी संस्कृत अध्यापकों की और 2014 के बाद पीजीटी संस्कृत अध्यापकों की कोई भी भर्ती नहीं हुई। भर्ती न होने से विद्यालयों में संस्कृत शिक्षकों के अभाव में न चाहते हुए भी छात्र अन्य विषय पढ़ रहे हैं। सैकड़ों गुरुकुल और विद्यापीठ बंद होने की कगार पर हैं। संस्कृत भारती हरियाणा न्यास ने सरकार से जल्द ही इस भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण कराने उम्मीद जताई है।