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उम्मीदवार तय नहीं दोनों प्रमुख दल दुविधा में
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 09 Mar 2014 01:43 PM IST
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लोकसभा चुनाव के लिए मतदान में अब एक महीना ही बचा है मगर दोनों प्रमुख दलों ने चंडीगढ़ से अपना उम्मीदवार का नाम फाइनल नहीं किया है।
इससे कार्यकर्ता भी दुविधा में हैं। 22 मार्च तक नामांकन पत्र दाखिल होने हैं। उम्मीदवारों के नाम तय न होने से भाजपा और कांग्रेस का चुनाव प्रचार धीमी गति से चल रहा है।
कांग्रेस पदयात्रा तो निकाल रही है, लेकिन इसमें सभी प्रमुख नेता शामिल नहीं हो पा रहे। भाजपा का चुनाव प्रचार ने भी ज्यादा गति नहीं पकड़ी है।
अब कांग्रेस जहां 12 मार्च तक चंडीगढ़ के उम्मीदवार की घोषणा करेगी, वहीं उम्मीद है कि भाजपा 13 मार्च को चंडीगढ़ से अपना उम्मीदवार घोषित कर देगी।
ऐसे में उम्मीदवारों के पास भी जहां चुनाव प्रचार के लिए काफी कम समय बचेगा, वहीं उम्मीदवारों को भी मतदाताओं से संपर्क सादने में दिक्कत का सामना करना पड़ेगा।
नेता भी परेशान
भाजपा के नेता टिकट की घोषणा में देरी से इसलिए परेशान हो रहे हैं कि यदि अंतिम समय में उन्हें टिकट मिला तो वे नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं को कैसे मनाएंगे?
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टिकट के चाहत वाले नेता कई बार दिल्ली का दौरा कर चुके हैं। भाजपा के तीन नेताओं में टिकट के लिए कांटे की टक्कर बनी हुई है। हर प्रकार की लाबिंग दिल्ली में हो रही है।
तीनों ही नेता प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन, पूर्व सांसद सत्यपाल जैन और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन टिकट की दौड़ में हैं। ऐसे में चुनाव में प्रचार का समय कम मिलेगा ही टिकट न मिलने से नाराज नेताओं को मनाने के भी समय नहीं मिलेगा।
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इससे कार्यकर्ता भी दुविधा में हैं। 22 मार्च तक नामांकन पत्र दाखिल होने हैं। उम्मीदवारों के नाम तय न होने से भाजपा और कांग्रेस का चुनाव प्रचार धीमी गति से चल रहा है।
कांग्रेस पदयात्रा तो निकाल रही है, लेकिन इसमें सभी प्रमुख नेता शामिल नहीं हो पा रहे। भाजपा का चुनाव प्रचार ने भी ज्यादा गति नहीं पकड़ी है।
अब कांग्रेस जहां 12 मार्च तक चंडीगढ़ के उम्मीदवार की घोषणा करेगी, वहीं उम्मीद है कि भाजपा 13 मार्च को चंडीगढ़ से अपना उम्मीदवार घोषित कर देगी।
ऐसे में उम्मीदवारों के पास भी जहां चुनाव प्रचार के लिए काफी कम समय बचेगा, वहीं उम्मीदवारों को भी मतदाताओं से संपर्क सादने में दिक्कत का सामना करना पड़ेगा।
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नेता भी परेशान
भाजपा के नेता टिकट की घोषणा में देरी से इसलिए परेशान हो रहे हैं कि यदि अंतिम समय में उन्हें टिकट मिला तो वे नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं को कैसे मनाएंगे?
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टिकट के चाहत वाले नेता कई बार दिल्ली का दौरा कर चुके हैं। भाजपा के तीन नेताओं में टिकट के लिए कांटे की टक्कर बनी हुई है। हर प्रकार की लाबिंग दिल्ली में हो रही है।
तीनों ही नेता प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन, पूर्व सांसद सत्यपाल जैन और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन टिकट की दौड़ में हैं। ऐसे में चुनाव में प्रचार का समय कम मिलेगा ही टिकट न मिलने से नाराज नेताओं को मनाने के भी समय नहीं मिलेगा।