{"_id":"5a8d7d864f1c1bd04b8b6e60","slug":"canadian-pm-justin-trudeau-punjab-visit-with-family","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"'स्वर्ण मंदिर आकर निहाल हो गया मैं और मेरा परिवार', कैनेडियन PM के दौरे की 10 बातें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'स्वर्ण मंदिर आकर निहाल हो गया मैं और मेरा परिवार', कैनेडियन PM के दौरे की 10 बातें
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Updated Thu, 22 Feb 2018 10:04 AM IST
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जस्टिन ट्रूडो
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श्री हरिमंदिर साहिब ने मुझे कृपा व सम्मान से भर दिया। मैं और मेरा परिवार स्वर्ण मंदिर आकर निहाल हो गया। परिवार के साथ सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब में पत्नी व दो बच्चों के साथ पहुंचे कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने विश्व प्रसिद्ध श्री हरिमंदिर साहिब में अथाह आत्मिक आनंद हासिल किया। ट्रूडो ने श्री हरिमंदिर साहिब की विजिटर बुक पर लिखा कि इस पावन स्थान पर अपने स्वागत से वह कृपा व नम्रता के साथ भर गए है।
श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचने पर जस्टिन ट्रूडो का स्वागत एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगोवाल व मुख्य सचिव डा रूप सिंह ने किया। इस दौरान भारत सरकार की ओर से केंद्रीय राज्य मंत्री हरदीप सिह पुरी, पंजाब सरकार से कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू और अकाली दल से पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने स्वागत किया। क्रीम कलर कढ़ाई वाले पंजाबी सूट पहने ट्रूडो पूर्ण रूप में श्रद्धा से लबालब दिखाई दे रहे थे। उनकी पत्नी ने सी ग्रीन कलर का पंजाबी सूट पहना था।
बेटी एला ग्रेस ने आसमानी रंग और बेटे जैवियर नीलें रंग के पंजाबी कढ़ाई वाला सूट पहना था। छोटा बेटा हैड्रीन अस्वस्थ्य होने के कारण उनके साथ श्री हरिमंदिर साहिब नहीं आया। श्री हरिमंदिर साहिब के दर्शनों के दौरान ट्रूडो श्रद्धा से दोनो हाथ जोड़े अपनी नम्रता का संदेश देते रहे। ट्रूडो ने हरिमंदिर साहिब के श्री गुरुराम दस लंगर भवन में लंगर पका कर सेवा की। हरिमंदिर साहिब में कड़ाह प्रसाद की देग करवाई।
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सचखंड हरिमंदिर साहिब में ट्रूडो, उसकी पत्नी व बबच्चों को श्री हरिमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह ने सिरोपा, फूलों के गुलदस्ते, पतासा प्रसाद और फूल मालाएं देर कर सम्मान किया। सूचना केंद्र में एसजीपीसी की ओर से ट्रूडो के परिवार को श्री हरिमंदिर साहिब माडल, धार्मिक पुस्तकें, श्री साहिब, लोई व सिरोपा आदि भेंट कर सम्मानित किया गया। ट्रूडोका परिवार श्री अकाल तख्त साहिब पर नहीं गया। ट्रूडो ने नीचे से ही माथा टेक कर श्री अकाल तख्त साहिब पर सजदा किया।
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श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचने पर जस्टिन ट्रूडो का स्वागत एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगोवाल व मुख्य सचिव डा रूप सिंह ने किया। इस दौरान भारत सरकार की ओर से केंद्रीय राज्य मंत्री हरदीप सिह पुरी, पंजाब सरकार से कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू और अकाली दल से पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने स्वागत किया। क्रीम कलर कढ़ाई वाले पंजाबी सूट पहने ट्रूडो पूर्ण रूप में श्रद्धा से लबालब दिखाई दे रहे थे। उनकी पत्नी ने सी ग्रीन कलर का पंजाबी सूट पहना था।
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बेटी एला ग्रेस ने आसमानी रंग और बेटे जैवियर नीलें रंग के पंजाबी कढ़ाई वाला सूट पहना था। छोटा बेटा हैड्रीन अस्वस्थ्य होने के कारण उनके साथ श्री हरिमंदिर साहिब नहीं आया। श्री हरिमंदिर साहिब के दर्शनों के दौरान ट्रूडो श्रद्धा से दोनो हाथ जोड़े अपनी नम्रता का संदेश देते रहे। ट्रूडो ने हरिमंदिर साहिब के श्री गुरुराम दस लंगर भवन में लंगर पका कर सेवा की। हरिमंदिर साहिब में कड़ाह प्रसाद की देग करवाई।
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सचखंड हरिमंदिर साहिब में ट्रूडो, उसकी पत्नी व बबच्चों को श्री हरिमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह ने सिरोपा, फूलों के गुलदस्ते, पतासा प्रसाद और फूल मालाएं देर कर सम्मान किया। सूचना केंद्र में एसजीपीसी की ओर से ट्रूडो के परिवार को श्री हरिमंदिर साहिब माडल, धार्मिक पुस्तकें, श्री साहिब, लोई व सिरोपा आदि भेंट कर सम्मानित किया गया। ट्रूडोका परिवार श्री अकाल तख्त साहिब पर नहीं गया। ट्रूडो ने नीचे से ही माथा टेक कर श्री अकाल तख्त साहिब पर सजदा किया।
परिवार के साथ चपातियां बेल की लंगर सेवा
जस्टिन ट्रूडो
करीब 12 बज कर 2 मिनट पर ट्रूडो परिवार और उनके साथ आए कनाडा के पांच मंत्रियों और सांसदों के साथ परिक्रमा में पहुंचे। घंटा घर गेट के प्रवेश द्वार का मध्य भाग ट्रूडो के प्रवेश के लिए रखा गया। आम संगत के लिए प्रवेश बायीं ओर की सीढ़ियों से था। दायीं ओर की सीढ़ियां संगत के बाहर जाने के लिए निर्धारित की गई थी। ट्रूडो परिक्रममा करते हुए पहले संगत को हाथ जोड़ अभिवादन करते हुए श्री गुरु राम दास लंगर भवन पहुंचे।
वहां ट्रूडो, उनकी पत्नी व बच्चों ने लंगर के लिए चपातियां बेल कर सेवा निभाई। इसी दौरान ट्रूडो परिवार के साथ लंगर भवन हाल में भी गए। यहां संगत को लंगर चखता उन्होंने देखा, पर लंगर न तो खुद चखा और न ही लंगर बर्ताने की सेवा कीं, जबकि एसजीपीसी ने इस के लिए भी अलग से व्यवस्था की थी। करीब 15 मिनट तक लंगर भवन में रहने के बाद परिक्रमा करते हुए ट्रूडो परिवार के सदस्यों के साथ श्री हरिमंदिर साहिब के दर्शनीय ड्योढ़ी के बाहर कड़ाह प्रसाद की देग करवाई।
दशर्नीय ढियोडी स्थित सफ्लाई लाइन रास्ते से ट्रूडो सचखंड में नतमस्तक होने के लिए गए। उनकी पत्नी और दोनो बच्चे साथ वाले रास्ते से श्री हमिरंदिर साहिब पहुंच। इस दौरान ट्रूडो संगत को हाथ जोड़ का अभिवादन करते रहे और सचखंड के बाहर तैनात सेवादारों के साथ हाथ मिला कर भी मिले। हरिमंदिर साहिब दर्शन के दौरान ट्रूडो ने करीब दस बार संगत की फतह में फतह का जवाब दिया। संगत के जयकारों का भी ट्रूडो जवाब देते रहे।
वहां ट्रूडो, उनकी पत्नी व बच्चों ने लंगर के लिए चपातियां बेल कर सेवा निभाई। इसी दौरान ट्रूडो परिवार के साथ लंगर भवन हाल में भी गए। यहां संगत को लंगर चखता उन्होंने देखा, पर लंगर न तो खुद चखा और न ही लंगर बर्ताने की सेवा कीं, जबकि एसजीपीसी ने इस के लिए भी अलग से व्यवस्था की थी। करीब 15 मिनट तक लंगर भवन में रहने के बाद परिक्रमा करते हुए ट्रूडो परिवार के सदस्यों के साथ श्री हरिमंदिर साहिब के दर्शनीय ड्योढ़ी के बाहर कड़ाह प्रसाद की देग करवाई।
दशर्नीय ढियोडी स्थित सफ्लाई लाइन रास्ते से ट्रूडो सचखंड में नतमस्तक होने के लिए गए। उनकी पत्नी और दोनो बच्चे साथ वाले रास्ते से श्री हमिरंदिर साहिब पहुंच। इस दौरान ट्रूडो संगत को हाथ जोड़ का अभिवादन करते रहे और सचखंड के बाहर तैनात सेवादारों के साथ हाथ मिला कर भी मिले। हरिमंदिर साहिब दर्शन के दौरान ट्रूडो ने करीब दस बार संगत की फतह में फतह का जवाब दिया। संगत के जयकारों का भी ट्रूडो जवाब देते रहे।
सचखंड की दहलीज पर सिर झुका किया गुरू घर में सजदा
जस्टिन ट्रूडो
सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब की दहलीज पर ट्रूडो और उनके परिवार ने सिर झुकाकर माथा टेका और हरिमंदिर साहिब में प्रवेश किया। श्री हरिमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह ने ट्रूडो, उनकी पत्नी और बच्चों को फूलों के हार , सिरोपा , पतासा प्रसाद और श्री फूलों के गुलदस्ते भेंट कर सम्मानित किया। ट्रूडो और उनके परिवार के सदस्यों ने श्री हरिमंदिर से कड़ाह प्रसाद लेकर ग्रहण किया।
परिक्रमा में ट्रूडो ने खिंचवाई कई अधिकारियों के साथ तस्वीरें
जस्टिन ट्रूडो और उनके परिवार के सदस्य श्री हरिमंदिर साहिब के दर्शनों के दौरान पूरे कूल मूड में दिखाई दिए। ट्रूडो ने परिक्रमा में अपने साथ आए सांसदों , मंत्रियों और प्रोटोकोल के भारतीय अधिकारियों के साथ तस्वीरें भी खिंचाई। परिक्रमा के दौरान ट्रूडो ने हाथ हिला कर भी संगत काअभिवादन किया।
इस दौरान कनाडा के रक्षा मंत्री हरजीत सिह सज्जन, मंत्री नवदीप सिंह बैंस, अमरजीत सिह सोही, बरदीश कौर, सुखधालीवाल, राज ग्रेवाल, हरदीप सिंह पुरी, नवजोत सिंह सिद्धू, डा रूप सिंह, अमृतपाल सिंह, जसविंदर सिंह जस्सी ने भी ट्रूडो के साथ तस्वीरें खिंचाई।
परिक्रमा में ट्रूडो ने खिंचवाई कई अधिकारियों के साथ तस्वीरें
जस्टिन ट्रूडो और उनके परिवार के सदस्य श्री हरिमंदिर साहिब के दर्शनों के दौरान पूरे कूल मूड में दिखाई दिए। ट्रूडो ने परिक्रमा में अपने साथ आए सांसदों , मंत्रियों और प्रोटोकोल के भारतीय अधिकारियों के साथ तस्वीरें भी खिंचाई। परिक्रमा के दौरान ट्रूडो ने हाथ हिला कर भी संगत काअभिवादन किया।
इस दौरान कनाडा के रक्षा मंत्री हरजीत सिह सज्जन, मंत्री नवदीप सिंह बैंस, अमरजीत सिह सोही, बरदीश कौर, सुखधालीवाल, राज ग्रेवाल, हरदीप सिंह पुरी, नवजोत सिंह सिद्धू, डा रूप सिंह, अमृतपाल सिंह, जसविंदर सिंह जस्सी ने भी ट्रूडो के साथ तस्वीरें खिंचाई।
24 कैरेट गोल्ड प्लेटड सोने के माडल से किया सम्मानित
जस्टिन ट्रूडो
श्री हरिमंदिर साहिब के सूचना केंद्र में एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगोवाल, मुख्य सचिव डॉ. रूप सिंह और अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिह बादल नेट्रूडो , उनकी पत्नी व दोनों बच्चों को श्री हरिमंदिर साहिब के माडल भेंटकर सम्मानित किया। ट्रूडो को श्री हरिमंदिर साहिब का 24 कैरेट का गोल्डन माडल, श्री साहिब, सिरोपा, लोई, धार्मिक पुस्तकों का सेट, पत्नी को श्री हरिमंदिर साहिब की गोल्ड की तस्वीर, सिरोपा, लोई, धार्मिक पुस्तकों का सेट, बच्चों को श्री हरिमंदिर साहिब के छोटे गोल्डन माडल, सिरोपा, गरूरू साहिब के साथ संबंधित इतिहास की पुस्तकों के सेट व सिरोपा से सम्मानित किया गया। ट्रूडो ने अपने तीसरे बच्चे हैड्रीन के लिए भी श्री हरिमंदिर साहिब माडल खुद कह कर लिया। क्यों कि अस्वस्थ होने के कारण हैड्रीन श्री हरिमंदिर साहिब नही आ सका था।
जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब पर करते रहे इंजतार
जस्टिन ट्रूडो को श्री अकाल तख्त साहिब पर भी माथा टेकने के लिए जाना था। वहां श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह उनको सम्मानित करने के लिए इंतजार करते रहे। ट्रूडो के साथ आए सुरक्षा कर्मी उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब पर लेकर नहीं गए। यहां तक के जब श्री हरिमंदिर साहिब में दोपहर बादकी अरदास शुरू हुई तो उस वक्त एसजीपीसी के मुख्य सचिव डॉ. रूप सिंह ने रुकने का भी इशारा किया।
उनकी ओर किसी ने भी ध्यान नहीं दिया और ट्रूडो का काफिला लगातार चलता रहा। ट्रूडो जब माथा टेकने के बाद इलाची बेरी के पास पहुंचे तो उस वक्त दमदमी टक्साल के मुखी बाबा हरनाम सिह धुम्मा अपने एक सहयोगी के साथ जस्टिन ट्रूडो को सिरोपा देकर सम्मानित करने पहुंचे। ट्रूडो के साथ आए सुरक्षा कर्मियों और कमांडो ने बाबा धुम्मा को उनके पास ही नही जाने दिया। यहां तक कि तीन कमाडों धुम्मा के पास तब तक खडे़ रहे जब तक ट्रूडो काफी आगे नहीं निकल गए।
जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब पर करते रहे इंजतार
जस्टिन ट्रूडो को श्री अकाल तख्त साहिब पर भी माथा टेकने के लिए जाना था। वहां श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह उनको सम्मानित करने के लिए इंतजार करते रहे। ट्रूडो के साथ आए सुरक्षा कर्मी उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब पर लेकर नहीं गए। यहां तक के जब श्री हरिमंदिर साहिब में दोपहर बादकी अरदास शुरू हुई तो उस वक्त एसजीपीसी के मुख्य सचिव डॉ. रूप सिंह ने रुकने का भी इशारा किया।
उनकी ओर किसी ने भी ध्यान नहीं दिया और ट्रूडो का काफिला लगातार चलता रहा। ट्रूडो जब माथा टेकने के बाद इलाची बेरी के पास पहुंचे तो उस वक्त दमदमी टक्साल के मुखी बाबा हरनाम सिह धुम्मा अपने एक सहयोगी के साथ जस्टिन ट्रूडो को सिरोपा देकर सम्मानित करने पहुंचे। ट्रूडो के साथ आए सुरक्षा कर्मियों और कमांडो ने बाबा धुम्मा को उनके पास ही नही जाने दिया। यहां तक कि तीन कमाडों धुम्मा के पास तब तक खडे़ रहे जब तक ट्रूडो काफी आगे नहीं निकल गए।
लगाए स्वागत बोर्ड, सुरक्षा के लिए बनाई मानव शृंखला
जस्टिन ट्रूडो
एसजीपीसी की ओर से कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के स्वागत के लिए इस बार स्वागती बोर्ड लगाए थे। इसी तरह पंजाब सरकार ने हवाई अड्डा से लेकर श्री हरिमंदिर साहिब के प्लाजा तक स्वागती बोर्ड लगाए थे। यह बोर्ड पंजाबी व अंग्रेजी भाषाओं में थे। स्वागती बोर्डों में एसजीपीसी के अध्यक्ष लौंगोंवाल की तस्वीरें थी। सरकार के स्वागती बोर्डों पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की तस्वीरें थीं।
श्री हरिमंदिर साहिब के अंदर भी कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। एसजीपीसी की टास्क फोर्स के कर्मचारी मानव श्रृंखला बना कर सारी परिक्रमा में खडे़ रहे। आम संगत के लिए परिक्रमा की ड्योढ़ी से रास्ता दिया गया था। मुख्य परिक्रमा में ट्रूडो और उनके साथ आए अधिकारियों को रास्ता दिया गया। पंजाब पुलिस के भी सैकड़ों कर्मी दो अलग-अलग ड्रेसों में तैनात किए गए थे। कुछ कर्मचारी लाल पगड़ियों में सफेद शर्ट व काली पेंट पहने थे।
कुछ कर्मी आसमानी रंग की पगड़ी पहने थे। इसी तरह महिला पुलिस भी बड़ी संख्या में तैनात की गई थी। इन में कुछ सफेद सूट व लाल दुपट्टा पहने थी और कुछ काली पैंट, सफेद शर्ट और काली जैकेट से तैनात थी। श्री हरिमंदिर साहिब के आसपास का सारा इलाका सिविल कपड़ों में तैनात पुलिस कर्मचारियों की छावनी में बदल दिया गया था। खास बात यह रही कि आम संगत को ट्रूडो की फेरी के दौरान श्री हरिमंदिर साहिब में किसी तरह की कोई मुश्किल नहीं आई।
श्री हरिमंदिर साहिब के अंदर भी कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। एसजीपीसी की टास्क फोर्स के कर्मचारी मानव श्रृंखला बना कर सारी परिक्रमा में खडे़ रहे। आम संगत के लिए परिक्रमा की ड्योढ़ी से रास्ता दिया गया था। मुख्य परिक्रमा में ट्रूडो और उनके साथ आए अधिकारियों को रास्ता दिया गया। पंजाब पुलिस के भी सैकड़ों कर्मी दो अलग-अलग ड्रेसों में तैनात किए गए थे। कुछ कर्मचारी लाल पगड़ियों में सफेद शर्ट व काली पेंट पहने थे।
कुछ कर्मी आसमानी रंग की पगड़ी पहने थे। इसी तरह महिला पुलिस भी बड़ी संख्या में तैनात की गई थी। इन में कुछ सफेद सूट व लाल दुपट्टा पहने थी और कुछ काली पैंट, सफेद शर्ट और काली जैकेट से तैनात थी। श्री हरिमंदिर साहिब के आसपास का सारा इलाका सिविल कपड़ों में तैनात पुलिस कर्मचारियों की छावनी में बदल दिया गया था। खास बात यह रही कि आम संगत को ट्रूडो की फेरी के दौरान श्री हरिमंदिर साहिब में किसी तरह की कोई मुश्किल नहीं आई।