{"_id":"6545b6e9960d6059390910ad","slug":"canada-will-admit-4-85-lakh-new-immigrants-in-2024-2023-11-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"अच्छी खबर: 2024 में 4.85 लाख नए अप्रवासियों को प्रवेश देगा कनाडा, बिगड़े संबंधों का नीति पर नहीं असर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अच्छी खबर: 2024 में 4.85 लाख नए अप्रवासियों को प्रवेश देगा कनाडा, बिगड़े संबंधों का नीति पर नहीं असर
Sat, 04 Nov 2023 08:43 AM IST
निवेदिता वर्मा
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 04 Nov 2023 08:43 AM IST
सार
कनाडा जाने वालों में सबसे ज्यादा संख्या भारतीयों की रहती है। इनमें भी पंजाब मूल के लोगों की संख्या सर्वाधिक है। पंजाब मूल के लोगों का कनाडा में खासा वर्चस्व है। यहां से हर साल करीब एक लाख विद्यार्थी कनाडा में पढ़ाई के लिए जा रहे हैं।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
खालिस्तान के मुद्दे पर कनाडा व भारत के बीच बिगड़े रिश्तों का असर कनाडा की इमिग्रेशन पॉलिसी पर नहीं पड़ा है। इससे पंजाबियों को बड़ी राहत मिली है। कनाडा में रहने वाले पंजाब मूल के लोगों और भारतीय मूल के सांसदों ने भी इसे राहत की बात बताया है। इस नीति के तहत कनाडा 2024 में भी 4.85 नए अप्रवासियों को प्रवेश देगा। यह आंकड़ा 2023 के समान ही है। 2026 तक इसे 5 लाख तक पहुंचाने की योजना है।
पंजाब के एजेंटों का कहना है कि अगले साल सितंबर की सीटें फुल होने जा रही हैं। कनाडा के इमिग्रेशन नागरिकता मंत्री मार्क मिलर ने कहा है कि कनाडा भारतीयों का स्वागत करना जारी रखेगा और उनका जीवन बेहतर बनाने का प्रयास भी जारी रखेगा।
फैसले का चौतरफा स्वागत
कनाडा के सांसद मनिंदर सिद्धू का कहना है कि पंजाबी समुदाय कनाडा की रीढ़ की हड्डी है और यहां के विकास में उनका खासा योगदान है। कनाडा सरकार की तरफ से जो कदम उठाए जा रहे हैं, वह पंजाबी समुदाय के प्रति सकारात्मक हैं।
विज्ञापन
कनाडा के कारोबारी प्रिंस सन्नण का कहना है कि भारत उनका देश है, लेकिन कनाडा उनकी कर्मभूमि है। कनाडा की सरकार भी वाकिफ है कि भारत से रिश्ते सुखद रखने ही होंगे। कनाडा की तरफ से भारतीयों का स्वागत किया जा रहा है, यह संदेश दोनों देशों के बीच कड़वाहट खत्म करने के लिए काफी अच्छा है।
कनाडा के टोरंटो के रहने वाले डॉ. परमजीत सिंह का कहना है कि त्रूदो सरकार की इमिग्रेशन पॉलिसी काफी लिबरल है। कुछ समय पहले चिंता थी कि क्या बनेगा क्या होगा? लेकिन अब रोजाना सुखद समाचार आ रहे हैं।
पंजाब से गए 1.5 लाख विद्यार्थी
कनाडा इमिग्रेशन मामले के माहिर गुरिंदर भट्टी का कहना है कि 2021 में 4,44,553 छात्र विदेश पढ़ाई के लिए गए थे, जबकि 2022 में यह आंकड़ा बढ़कर 750,365 हो गया और 2023 में यह भी यह आंकड़ा आठ लाख के आसपास रहा है, जिसमें 1.5 लाख विद्यार्थी पंजाब के हैं। कनाडा व भारत के बीच तनाव का कोई असर जाने वाले विद्यार्थियों पर नहीं हुआ है। जनवरी में कनाडा में कक्षाएं शुरू हो रही हैं और पंजाब से विद्यार्थी पैकिंग कर रहे हैं। अभी कनाडा के टूरिस्ट, वर्क, पीआर व स्टडी वीजा के एक लाख 80 हजार से अधिक आवेदन दूतावास के पास हैं।
विज्ञापन
पंजाब के एजेंटों का कहना है कि अगले साल सितंबर की सीटें फुल होने जा रही हैं। कनाडा के इमिग्रेशन नागरिकता मंत्री मार्क मिलर ने कहा है कि कनाडा भारतीयों का स्वागत करना जारी रखेगा और उनका जीवन बेहतर बनाने का प्रयास भी जारी रखेगा।
विज्ञापन
फैसले का चौतरफा स्वागत
कनाडा के सांसद मनिंदर सिद्धू का कहना है कि पंजाबी समुदाय कनाडा की रीढ़ की हड्डी है और यहां के विकास में उनका खासा योगदान है। कनाडा सरकार की तरफ से जो कदम उठाए जा रहे हैं, वह पंजाबी समुदाय के प्रति सकारात्मक हैं।
विज्ञापन
कनाडा के कारोबारी प्रिंस सन्नण का कहना है कि भारत उनका देश है, लेकिन कनाडा उनकी कर्मभूमि है। कनाडा की सरकार भी वाकिफ है कि भारत से रिश्ते सुखद रखने ही होंगे। कनाडा की तरफ से भारतीयों का स्वागत किया जा रहा है, यह संदेश दोनों देशों के बीच कड़वाहट खत्म करने के लिए काफी अच्छा है।
कनाडा के टोरंटो के रहने वाले डॉ. परमजीत सिंह का कहना है कि त्रूदो सरकार की इमिग्रेशन पॉलिसी काफी लिबरल है। कुछ समय पहले चिंता थी कि क्या बनेगा क्या होगा? लेकिन अब रोजाना सुखद समाचार आ रहे हैं।
पंजाब से गए 1.5 लाख विद्यार्थी
कनाडा इमिग्रेशन मामले के माहिर गुरिंदर भट्टी का कहना है कि 2021 में 4,44,553 छात्र विदेश पढ़ाई के लिए गए थे, जबकि 2022 में यह आंकड़ा बढ़कर 750,365 हो गया और 2023 में यह भी यह आंकड़ा आठ लाख के आसपास रहा है, जिसमें 1.5 लाख विद्यार्थी पंजाब के हैं। कनाडा व भारत के बीच तनाव का कोई असर जाने वाले विद्यार्थियों पर नहीं हुआ है। जनवरी में कनाडा में कक्षाएं शुरू हो रही हैं और पंजाब से विद्यार्थी पैकिंग कर रहे हैं। अभी कनाडा के टूरिस्ट, वर्क, पीआर व स्टडी वीजा के एक लाख 80 हजार से अधिक आवेदन दूतावास के पास हैं।