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चंडीगढ़ में बिना लाइसेंस चल रहीं कैब: एप बंद करने को STA ने मंत्रालय को लिखा पत्र, प्ले स्टोर से हटाने की मांग

Wed, 21 Sep 2022 04:07 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 21 Sep 2022 04:07 PM IST
सार

निजी नंबरों पर बाइक टैक्सी पूरी तरह से अवैध है। इसे लेकर एसटीए ने 26 अगस्त को ओला-उबर को नोटिस भेजा है और सभी बाइक टैक्सी को बंद करने के आदेश दिए हैं। नोटिस में लिखा है कि उनकी जानकारी में आया है कि ओला और उबर अपने मोबाइल एप से बाइक्स को कॉमर्शियल व्हीकल के तौर पर जोड़ रही हैं। ये अवैध है।

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Cabs running without license in chandigarh
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : For Reference Only

विस्तार

चंडीगढ़ में कई कैब कंपनियां बिना लाइसेंस के काम कर रही हैं। ये लोगों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ तो कर ही रही हैं, प्रशासन को करोड़ों के राजस्व का नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। इसे देखते हुए स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) ने आईटी मंत्रालय को पत्र लिखा है और इन-ड्राइवर, रैपिडो व अन्य मोबाइल एप को प्ले स्टोर से हटाने को लिखा है। कार्रवाई नहीं होने पर हाल ही में रिमाइंडर भी भेजा गया है।

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एसटीए ने एक आरटीआई में बताया है कि शहर में कैब चलाने के लिए सिर्फ ओला और उबर के पास लाइसेंस है लेकिन कुछ कंपनियां अवैध रूप से टैक्सी चला रही हैं। ये कंपनियां मोबाइल एप से चलती हैं। इनका चंडीगढ़ व आसपास कोई दफ्तर भी नहीं है। एसटीए कई बार इनके खिलाफ पब्लिक नोटिस जारी कर चुका है। 
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लोगों को भी सलाह दी है कि वह इनकी गाड़ियों में सफर न करें। अभियान चलाकर चालान काटे जाते हैं। कई बार गाड़ियां जब्त की गई हैं लेकिन इसमें भी फंसता सिर्फ कार चालक है। कंपनी को कोई फर्क नहीं पड़ता। इसलिए एसटीए ने कुछ महीने पहले भी इन अवैध कंपनियों के मोबाइल एप को हटाने के लिए मंत्रालय को पत्र लिखा था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, इसके बाद अब फिर विभाग ने रिमाइंडर भेज कर एप को हटाने का आग्रह किया है। इसके अलावा प्रशासन ने कैब-टैक्सियों के लिए प्रति किमी के हिसाब से दाम तय किए हुए हैं, ये कंपनियां उन दामों को भी लागू नहीं करती हैं इसलिए कैब चालक भी इनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और 26 सितंबर को पंजाब राजभवन का घेराव करने की भी तैयारी है।

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बाइक टैक्सी को लेकर एसटीए ने ओला-उबर को भेजा है नोटिस
निजी नंबरों पर बाइक टैक्सी पूरी तरह से अवैध है। इसे लेकर एसटीए ने 26 अगस्त को ओला-उबर को नोटिस भेजा है और सभी बाइक टैक्सी को बंद करने के आदेश दिए हैं। नोटिस में लिखा है कि उनकी जानकारी में आया है कि ओला और उबर अपने मोबाइल एप से बाइक्स को कॉमर्शियल व्हीकल के तौर पर जोड़ रही हैं। ये अवैध है। कंपनी की तरफ से जो अवैध रूप से बाइक टैक्सी चलाई जा रही है, इसे तुरंत बंद किया जाए। ऐसा नहीं हुआ तो कंपनियों के खिलाफ नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि नोटिस का असर इन कंपनियों पर नहीं पड़ा।

बड़ा सवाल: कंपनियां नहीं मान रहीं आदेश, रोकेंगे कैसे
बड़ा सवाल है कि एसटीए इन पर कार्रवाई कैसे करेगा, क्योंकि ये बहुत टेढ़ी खीर है। इन बाइक टैक्सियों के नंबर प्लेट भी अन्य बाइकों की तरह होते हैं। ऐसे में कौन सी बाइक का इस्तेमाल टैक्सी के रूप में हो रहा है, इसकी पहचान कर पाना बहुत मुश्किल है। दूसरी समस्या है कि एसटीए के पास स्टाफ की काफी कमी है। शहर में कुल करीब 30 हजार से ज्यादा व्यावसायिक गाड़ियां चलती हैं लेकिन इन पर नजर रखने के लिए और चालान काटने के लिए सिर्फ दो मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (एमवीआई) है।

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